West Bengal में ‘Paper War’ शुरू, Amit Shah के आरोपों पर TMC का जवाबी हमला

West Bengal में ‘Paper War’ शुरू, Amit Shah के आरोपों पर TMC का जवाबी हमला

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा शनिवार को ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ ‘आरोपपत्र’ जारी करने के कुछ घंटे बाद तृणमूल कांग्रेस ने इसी तरह का दस्तावेज जारी किया और भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए।
तृणमूल कांग्रेस ने इसमें भाजपा पर चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में धुव्रीकरण करने और महिलाओं की सुरक्षा सहित कई मुद्दों पर अपने कदमों के लिए जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया गया।
शाह की प्रेसवार्ता के कुछ घंटों बाद, तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने मणिपुर में लंबे समय से जारी हिंसा, भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं की सुरक्षा और अवैध अप्रवासन से निपटने के केंद्र के तरीके को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार से सवाल किए।

तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ब्रत्य बसु, महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद ने एक संयुक्त प्रेसवार्ता की, जहां तीनों ने महिलाओं की सुरक्षा पर तृणमूल सरकार की आलोचना करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री को निशाना बनाया।
तृणमूल कांग्रेस सांसद मोइत्रा ने कहा, ‘‘अमित शाह महिलाओं की सुरक्षा की बात कर रहे हैं। भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं की सुरक्षा की क्या स्थिति है? शाह को सबसे पहले मणिपुर में हो रही हिंसा का जवाब देना चाहिए, जहां पिछले तीन वर्षों से लगातार रक्तपात हो रहा है।’’
इससे पहले दिन में, शाह ने तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ एक ‘‘आरोपपत्र’’ जारी किया तथा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को देश की सुरक्षा के लिए अहम बताते हुए भाजपा के प्रचार अभियान को और तेज कर दिया।

शाह ने राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि इसके 15 साल के शासन के दौरान बंगाल देश के लिए ‘‘घुसपैठ, तुष्टीकरण की राजनीति और सीमा पर असुरक्षा का मुख्य गलियारा’’बन गया है।
आरोपों को खारिज करते हुए तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि भाजपा एक दशक से अधिक समय से केंद्र में सत्ता में है और कई सीमावर्ती राज्यों में शासन कर रही है।
ब्रत्य बसु ने कहा, ‘‘भाजपा केंद्र में सत्ता में है। यह 15 राज्यों और अधिकांश सीमावर्ती राज्यों में शासन करती है, जहां से घुसपैठ हो रही है। अमित शाह स्वयं केंद्रीय गृह मंत्री हैं। तो आखिर वह किस बात का इंतजार कर रहे हैं?’’
केंद्र सरकार के घुसपैठ के दावों पर सवाल उठाते हुए पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ने पूछा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय अवैध प्रवासियों की पहचान करके उन्हें निर्वासित करने में क्यों ‘‘विफल’’ रहा।

उन्होंने पूछा, ‘‘भाजपा नियंत्रित निर्वाचन आयोग मतदाता सूची में पाए गए विदेशी नागरिकों के नाम जारी करने में क्यों विफल रहा है?’’
बसु ने आरोप लगाया कि भाजपा बंगाल में फूट डालने के लिए घुसपैठ के मुद्दे का इस्तेमाल कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा बंगाली और बांग्लादेशी के बीच की रेखा को धुंधला करना चाहती है ताकि वे अपने नफरत भरे असम-शैली के निरुद्ध शिविर मॉडल को बंगाल में ला सके।’’
तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि यदि घुसपैठ एक समस्या बनी रहती है तो इसकी मुख्य जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है, जो देश की सीमाओं और सुरक्षा तंत्र को नियंत्रित करती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *