UP Politics: उत्तर प्रदेश में नकली नोटों का एक बड़ा कांड सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। प्रयागराज और देवरिया इलाके में पुलिस ने नकली नोट बनाने और चलाने के गिरोह को पकड़ा। इस मामले में सपा और भाजपा एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। दोनों पार्टियां लगातार हमले कर रही हैं। देवरिया के भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी की तस्वीरें आरोपियों के साथ वायरल होने के बाद सपा ने भाजपा पर हमला तेज कर दिया है।
सपा का आरोप
समाजवादी पार्टी ने इस मामले को भाजपा के खिलाफ इस्तेमाल किया। सपा ने सोशल मीडिया पर देवरिया विधायक शलभ मणि त्रिपाठी की कुछ तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें वे नकली नोट कांड से जुड़े युवकों के साथ दिख रहे हैं। सपा का कहना है कि आरोपियों के साथ विधायक की तस्वीरें सड़क से लेकर उनके कार्यालय तक मौजूद हैं। अखिलेश यादव ने भी एक्स पर पोस्ट करके भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि काली टोपी वाले असली नोटों के ‘धुरंधर’ हैं। अखिलेश ने कहा कि भाजपा वाले नकली नोट देश के अंदर चला रहे हैं और असली नोट बाहर भेज रहे हैं।
अखिलेश यादव का ट्वीट
अखिलेश यादव ने अपने ट्वीट में कई सवाल उठाए। उन्होंने व्यंग्य करते हुए लिखा कि 5 बड़ा या7 ?, विधायक बड़ा या सांसद?, राज्य बड़ा या केंद्र?, राज्य सरकार का मंत्री बड़ा या केंद्र सरकार का?, बैठक बड़ी या नोटिस?, गोरखपुर बड़ा या दिल्ली?। अखिलेश प्रदेश अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बोलने से पहले पता होता कि नकली नोट का धंधा करने वाले भाजपा के अपने ही अंतरंग लोग हैं तो शायद वे कभी नहीं बोलते। उन्होंने विशेष सलाह देते हुए कहा कि अगर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को शक है, तो नकली नोट जालसाज के मोबाइल फोन की सीडीआर निकलवा लें, भाजपा का पूरा काला चिट्ठा खुल जाएगा।
भाजपा का पलटवार
भाजपा ने सपा के आरोपों का करारा जवाब दिया। देवरिया विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि मुख्य आरोपी सपा कार्यकर्ता है। उन्होंने सपा पर आरोप लगाया कि पार्टी अपने लोगों से अपराध कराती है और फिर दूसरों पर दोष डालती है। भाजपा ने दावा किया कि सपा शासन में भी नकली नोट और अपराध बढ़े थे। विधायक ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते रोज सैकड़ों लोग मिलने आते हैं, फोटो खिंचवाना मतलब दोस्ती नहीं होता। भाजपा का कहना है कि सपा इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रही है।
सपा बनाम भाजपा
सपा इस कांड को भाजपा सरकार की नाकामी बताकर हमला कर रही है। वहीं भाजपा सपा पर पुराने अपराधों और माफिया राज की याद दिला रही है। दोनों पार्टियां एक-दूसरे को नकली नोटों का संरक्षक बता रही हैं। इस घमासान से यूपी की सियासत गरमा गई है। पुलिस जांच जारी है और आरोपियों से पूछताछ हो रही है। यह मामला अभी और गर्म होने वाला है। दोनों पार्टियां सोशल मीडिया और बयानों के जरिए हमले जारी रखे हुए हैं। आम जनता इस सियासी लड़ाई को देख रही है। पुलिस को निष्पक्ष जांच करके असली दोषियों तक पहुंचना चाहिए।


