औरंगाबाद के मदनपुर प्रखंड क्षेत्र में बीते तीन दिनों से एक जंगली हाथी के प्रवेश करने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। हाथी झारखंड क्षेत्र से भटकते हुए गयाजी जिले के शेरघाटी होते चाल्हो पहाड़ के रास्ते पिरवां और सलैया मार्ग से मदनपुर थाना क्षेत्र के चौखड़ा गांव तक पहुंच गया। अचानक हाथी के गांवों के समीप दिखने से लोग सहमे हुए हैं और खेतों की ओर जाने से भी बच रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथी ने क्षेत्र में प्रवेश के बाद कुछ स्थानों पर उत्पात मचाया तथा किसानों की गेहूं समेत अन्य रबी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। हालांकि अब तक किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह सतर्क है और हाथी को सुरक्षित तरीके से झारखंड के पलामू के जंगलों की ओर भेजने की योजना पर काम कर रहा है। इलाके में लगातार कैंप कर रही वन विभाग की टीम डीएफओ रुचि सिंह के निर्देशन में वन क्षेत्र पदाधिकारी अजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में वन विभाग की टीम लगातार इलाके में कैंप कर रही है। वनपाल रौनक कुमार ने बताया कि हाथी को भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से दूर रखते हुए उसे सुरक्षित कॉरिडोर के माध्यम से झारखंड की सीमा की ओर मोड़ा जा रहा है। मंगलवार को मदनपुर थाना क्षेत्र के चौखड़ा, निमा आंजन और सहियार इलाके में टीम ने घेराबंदी कर निगरानी की। रात के समय हाथी को जंगल की ओर बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि वह आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रहे। वन विभाग की अपील- हाथी को उकसाने का प्रयास न करें वन विभाग की टीम ग्रामीणों से भी अपील कर रही है कि वे हाथी के पास जाने या उसे उकसाने का प्रयास न करें। लोगों को समूह में रहने, अंधेरा होने के बाद खेतों की ओर न जाने और किसी भी गतिविधि की तुरंत सूचना विभाग को देने को कहा गया है। इस अभियान में वन रक्षी सुभाष कुमार, नंदू कुमार, सुमन कुमार समेत अन्य कर्मी सक्रिय रूप से जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता मानव जीवन की सुरक्षा है और प्रयास किया जा रहा है कि हाथी को बिना किसी नुकसान के उसके प्राकृतिक आवास की ओर भेज दिया जाए। औरंगाबाद के मदनपुर प्रखंड क्षेत्र में बीते तीन दिनों से एक जंगली हाथी के प्रवेश करने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। हाथी झारखंड क्षेत्र से भटकते हुए गयाजी जिले के शेरघाटी होते चाल्हो पहाड़ के रास्ते पिरवां और सलैया मार्ग से मदनपुर थाना क्षेत्र के चौखड़ा गांव तक पहुंच गया। अचानक हाथी के गांवों के समीप दिखने से लोग सहमे हुए हैं और खेतों की ओर जाने से भी बच रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथी ने क्षेत्र में प्रवेश के बाद कुछ स्थानों पर उत्पात मचाया तथा किसानों की गेहूं समेत अन्य रबी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। हालांकि अब तक किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह सतर्क है और हाथी को सुरक्षित तरीके से झारखंड के पलामू के जंगलों की ओर भेजने की योजना पर काम कर रहा है। इलाके में लगातार कैंप कर रही वन विभाग की टीम डीएफओ रुचि सिंह के निर्देशन में वन क्षेत्र पदाधिकारी अजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में वन विभाग की टीम लगातार इलाके में कैंप कर रही है। वनपाल रौनक कुमार ने बताया कि हाथी को भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से दूर रखते हुए उसे सुरक्षित कॉरिडोर के माध्यम से झारखंड की सीमा की ओर मोड़ा जा रहा है। मंगलवार को मदनपुर थाना क्षेत्र के चौखड़ा, निमा आंजन और सहियार इलाके में टीम ने घेराबंदी कर निगरानी की। रात के समय हाथी को जंगल की ओर बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि वह आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रहे। वन विभाग की अपील- हाथी को उकसाने का प्रयास न करें वन विभाग की टीम ग्रामीणों से भी अपील कर रही है कि वे हाथी के पास जाने या उसे उकसाने का प्रयास न करें। लोगों को समूह में रहने, अंधेरा होने के बाद खेतों की ओर न जाने और किसी भी गतिविधि की तुरंत सूचना विभाग को देने को कहा गया है। इस अभियान में वन रक्षी सुभाष कुमार, नंदू कुमार, सुमन कुमार समेत अन्य कर्मी सक्रिय रूप से जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता मानव जीवन की सुरक्षा है और प्रयास किया जा रहा है कि हाथी को बिना किसी नुकसान के उसके प्राकृतिक आवास की ओर भेज दिया जाए।


