जयपुर परिवार सेवा ट्रस्ट के बैनर तले मानसरोवर स्थित वीटी रोड मेला ग्राउंड पर चल रही श्री शिव पुराण कथा के तीसरे दिन रविवार को पं. प्रदीप मिश्रा ने शिव महिमा के प्रसंगों व भजनों से वातावरण को शिवमय बना दिया। इस दौरान देश के विभिन्न स्थानों से आए भक्त…ओ शंभू तेरे बिना क्या जीना…अंत समय तुम्हें आना पड़ेगा और वचन दिया तो निभाना पड़ेगा…जैसे भजनों पर झूमते-नाचते व भोले बाबा की भक्ति में मग्न दिखाई दिए। कथा में शाम करीब 4:50 बजे मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा अपनी पत्नी गीता शर्मा के साथ कथा श्रमण के लिए पहुंचे। आयोजन समिति के मुख्य व्यवस्थापक अखिलेश अत्री और मनोज पांडे ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने सप|ी पं. मिश्रा से आशीर्वाद लिया। पं. मिश्रा ने कहा कि शिव महापुराण कहता है मेरे भोले बाबा का ना सोना चाहिए, ना ही चांदी और ना ही संसार का कोई वैभव। बाबा को तो केवल दिल व समर्पण चाहिए। सच्चे मन से स्मरण करने पर भोले बाबा अवश्य ही प्रसन्न हो जाते हैं। शिवलिंग का मतलब है भोले बाबा की ज्योति शिवलिंग की बारे में बताते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि शिवलिंग का मतलब है भोले बाबा की ज्योति। यानि शिवलिंग शिव और शक्ति (ऊर्जा) का प्रतीक है, जो महादेव के निराकार स्वरूप को दर्शाता है। वे बताते है कि घर में अंगूठे के पोर बराबर छोटा शिवलिंग रखना चाहिए, जिससे कोई बड़ा रोग न हो। शिवलिंग की पूजा संघर्ष और साधना का प्रतीक है, जो जीवन में सकारात्मकता लाता है। भाग्यशाली को ही मिलता है कथा सौभाग्य उन्होंने यह भी कहा कि जयपुर में लाखों लोग रहते है, लेकिन कथा सुनने का सौभाग्य भाग्यशाली लोगों को मिलता है। मन की शांति व सुख तुम्हें दुनिया में कहीं भी मिलेगा, वह तुम्हें भोले बाबा की चरण में आने से ही मिलेगा। इस मौके पर गणमान्यजनों सहित एक लाख श्रद्धालु मौजूद रहे। 26 मार्च तक कथा प्रतिदिन दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक होगी।


