मुंगेर में सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ के नवनिर्मित मंदिर में मूर्ति स्थापना के लिए पंचकल्याणक प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ हो गया है। यह आयोजन 20 से 25 जनवरी तक चलेगा। इस धार्मिक अनुष्ठान में जैन धर्म के आचार्य प्रमुख सागर जी महाराज सहित देशभर से कई संत और विद्वान शामिल हुए हैं। महोत्सव के पहले दिन मंगलवार को जैन भवन से एक भव्य घट यात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों और बाजे-गाजे के साथ निकली यह यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए नगर भवन पहुंची। 24 तीर्थंकर प्रतिमाओं की विधिवत पूजा-अर्चना घट यात्रा से पहले भगवान आदिनाथ, चंद्रप्रभु, मुनि सुव्रत और महावीर स्वामी सहित 24 तीर्थंकर प्रतिमाओं की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। नगर भवन में इन प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। इसके साथ ही पाषाण से निर्मित नई भगवान प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा भी संपन्न कराई जाएगी। पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए श्रद्धालु इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। यात्रा के दौरान पूरा नगर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। आचार्य गुरुवर राष्ट्रसंत, अहिंसा तीर्थ प्रणेता प्रमुख सागर जी महाराज भी अपने अनुयायियों के साथ घट यात्रा में सम्मिलित हुए। नगर भवन परिसर में ध्वजारोहण के बाद पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के कार्यक्रमों का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर जैन समाज में विशेष उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है। मुंगेर में सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ के नवनिर्मित मंदिर में मूर्ति स्थापना के लिए पंचकल्याणक प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ हो गया है। यह आयोजन 20 से 25 जनवरी तक चलेगा। इस धार्मिक अनुष्ठान में जैन धर्म के आचार्य प्रमुख सागर जी महाराज सहित देशभर से कई संत और विद्वान शामिल हुए हैं। महोत्सव के पहले दिन मंगलवार को जैन भवन से एक भव्य घट यात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों और बाजे-गाजे के साथ निकली यह यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए नगर भवन पहुंची। 24 तीर्थंकर प्रतिमाओं की विधिवत पूजा-अर्चना घट यात्रा से पहले भगवान आदिनाथ, चंद्रप्रभु, मुनि सुव्रत और महावीर स्वामी सहित 24 तीर्थंकर प्रतिमाओं की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। नगर भवन में इन प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। इसके साथ ही पाषाण से निर्मित नई भगवान प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा भी संपन्न कराई जाएगी। पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए श्रद्धालु इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। यात्रा के दौरान पूरा नगर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। आचार्य गुरुवर राष्ट्रसंत, अहिंसा तीर्थ प्रणेता प्रमुख सागर जी महाराज भी अपने अनुयायियों के साथ घट यात्रा में सम्मिलित हुए। नगर भवन परिसर में ध्वजारोहण के बाद पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के कार्यक्रमों का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर जैन समाज में विशेष उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है।


