पाकिस्तान की सीक्रेट प्लानिंग! ईरान-अमेरिका जंग खत्म करने का फॉर्मूला तैयार, क्या खुलने वाला है होर्मुज जलडमरूमध्य?

पाकिस्तान की सीक्रेट प्लानिंग! ईरान-अमेरिका जंग खत्म करने का फॉर्मूला तैयार, क्या खुलने वाला है होर्मुज जलडमरूमध्य?

Iran US Conflict: इजरायल-अमेरिका और ईरान के युद्ध के बीज एक बड़ी कूटनीतिक पहल सामने आई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम का एक प्रस्ताव तैयार कर साझा किया है, जो सोमवार से लागू हो सकता है और इससे होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का रास्ता साफ हो सकता है।

दो स्तरीय बनाई योजना

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रस्ताव में दो-स्तरीय योजना बनाई गई है। पहले चरण में तत्काल सीजफायर लागू करने की बात है, जबकि दूसरे चरण में व्यापक समझौते पर काम किया जाएगा। बताया जा रहा है कि इस शुरुआती समझौते को एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग के रूप में इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अंतिम रूप दिया जा सकता है, जिसमें पाकिस्तान मध्य की भूमिका निभा रहा है।

आसिम मुनीर ने की बात

रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने पूरी रात अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची के साथ लगातार बातचीत की।

इस प्रस्ताव के तहत, सीजफायर लागू होते ही होर्मुज जलदमरूमध्य को खोला जाएगा और अगले 15-20 दिनों में स्थायी समाधान पर बातचीत आगे ज़िंदा रहेगी। इस समझौते को अनौपचारिक रूप से इस्लामाबाद अकॉर्ड नाम दिया गया है, जिसके तहत अंतिम आमने-सामने वार्ता इस्लामाबाद में होने की संभावना है।

ईरान ने अपनाया सख्त रुख

हालांकि, ईरान ने इस प्रस्ताव पर सतर्क रुख अपनाया है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने पुष्टि की है कि तेहरान को प्रस्ताव मिल गया है और वह इसकी समीक्षा कर रहा है, लेकिन उसने साफ कर दिया है कि केवल अस्थायी सीजफायर के बदले होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से नहीं खोला जाएगा।

इस बीच, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने संकेत दिया है कि वह जन में नए ऑपरेशन के लिए तैयार है। गार्ड्स ने चेतावनी दी कि खाड़ी क्षेत्र की स्थिति अब पहले जैसी नहीं रहेगी, खासकर अमेरिका और इजरायल के लिए।

ट्रंप ने दी चेतावनी

तनाव उस समय और बढ़ गया जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि अगर जलडमरूमध्य नहीं खोला गया तो उसके बिजली संयंत्रों और पुलों पर हमले किए जा सकते हैं। 

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