माथा पीट रही है पाकिस्तानी अवाम, सरकार ने बढ़ाए तेल के दाम, 1 लीटर की रेट सुनकर उड़ जाएंगे होश

माथा पीट रही है पाकिस्तानी अवाम, सरकार ने बढ़ाए तेल के दाम, 1 लीटर की रेट सुनकर उड़ जाएंगे होश

Pakistan Fuel Price Increase: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव (युद्ध) के कारण वैश्विक तेल संकट का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखने लगा है। इसका सबसे बड़ा झटका इस समय पाकिस्तान की जनता को लगा है। पाकिस्तान में सरकार ने तेल के दामों में अचानक भारी बढ़ोतरी कर दी है, जिसके बाद आम लोग परेशान नजर आ रहे हैं।

पाकिस्तान की फेडरल सरकार ने केरोसिन और लाइट डीजल ऑयल (LDO) की कीमतों में बड़ा इजाफा किया है। पाकिस्तानी पेट्रोलियम डिवीजन के अनुसार, केरोसिन तेल की कीमत में 39.20 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद केरोसिन का नया दाम 358.01 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है, जो आम लोगों के लिए काफी महंगा माना जा रहा है।

‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने लाइट डीजल ऑयल के रेट में भी 67.51 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है, जिससे नया रेट पाकिस्तानी रुपये में 302.52 प्रति लीटर हो गया है।

वहीं पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की कीमत में 55 PKR प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। सरकार की घोषणा के बाद, हाई-स्पीड डीजल की एक्स-डिपो कीमत को बदलकर (पाकिस्तानी रुपये) 335.86 प्रति लीटर कर दिया गया, जबकि एक्स-डिपो पेट्रोल की कीमत 266.17 प्रति लीटर से बढ़ाकर (पाकिस्तानी रुपये) 321.17 प्रति लीटर कर दी गई

सरकार का कहना है कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती तेल कीमतों की वजह से यह फैसला लेना पड़ा। हालांकि, इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में महंगाई को लेकर चिंता और भी बढ़ गई है और आम लोग सरकार के फैसले से काफी नाराज दिखाई दे रहे हैं।

रिपोर्ट में दावा: लाखों दिहाड़ी मजदूरों पर सीधा असर

इस बीच, एक रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान में फ्यूल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी रमजान के दौरान तकलीफदेह हो रही है, जब घर के बजट पर पहले से ही दबाव है क्योंकि जरूरी चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी का मिडिल-क्लास परिवारों पर बहुत ज्यादा असर पड़ रहा है।

Pakistan Fuel Price
पेट्रोल पंप पर गाड़ी में तेल भरवाते पाकिस्तानी लोग (सोर्स: आईएएनएस)

डॉन के रिपोर्ट के मुताबिक, “बढ़ोतरी ने लोगों का गुस्सा और बढ़ा दिया है। पारंपरिक रूप से रमजान वह समय होता है जब सरकार से जरूरी चीजों के लिए टारगेटेड सपोर्ट के जरिए राहत देने की उम्मीद की जाती है।

कीमतों में बढ़ोतरी का असर लाखों दिहाड़ी मजदूरों और वर्कर्स पर खास तौर पर गंभीर है, जिनकी इनकम मामूली है। इम्पोर्टेड फ्यूल पर पाकिस्तान की भारी निर्भरता घरेलू कीमतों को इंटरनेशनल झटकों के लिए बहुत कमजोर बनाती है। घोषणा के कुछ ही घंटों में शहरों में ट्रांसपोर्ट का किराया बढ़ना शुरू हो गया है। लाखों लोग जो काम पर आने-जाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट या मोटरसाइकिल पर निर्भर हैं, उनके लिए यह रोज़ाना के खर्चों में एक जरूरी बढ़ोतरी है।

डॉन की रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पाकिस्तान में घरों को खर्च का झटका लग रहा है, जिससे खरीदने की ताकत तेजी से कम हो रही है, ठीक वैसे ही जैसे परिवार ईद के खर्चों की प्लानिंग शुरू कर रहे हैं। पेशावर में, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से चीजों की कीमतें और एक शहर से दूसरे शहर आने-जाने का खर्च बढ़ गया है।

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