भारत से डर गया पाकिस्तान ! 30 दिन तक ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह लगाया प्रतिबंध

भारत से डर गया पाकिस्तान ! 30 दिन तक ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह लगाया प्रतिबंध

Punjab: पाकिस्तान भारत से डर गया है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बढ़ते सुरक्षा खतरों के मद्देनजर प्रांतीय मरियम नवाज सरकार (Maryam Nawaz government) ने एक बहुत सख्त कदम उठाया है। अगले 30 दिनों तक पूरे प्रांत में खुले आसमान के नीचे (Outdoor) किसी भी तरह के ड्रोन उड़ाने पर तत्काल और पूर्ण रूप से प्रतिबंध (Drone ban Pakistan) लगा दिया गया है। पंजाब के गृह विभाग ने सार्वजनिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के उद्देश्य से (Punjab security risks) यह फैसला लिया है। डॉन (Dawn) की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CRPC) 1898 की धारा 144 /6 (Section 144 drone ban) के तहत एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि बिना किसी पूर्व अनुमति के आउटडोर ड्रोन के इस्तेमाल पर अगले एक महीने तक पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। यह आदेश जारी होने की तारीख से लागू हो गया है।

महत्वपूर्ण इमारतों और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा को बड़ा खतरा

प्रशासन का कहना है कि उन्हें ऐसी विश्वसनीय खुफिया रिपोर्ट्स मिली थीं कि बेकाबू और बिना नियमों के उड़ने वाले मानवरहित हवाई वाहनों (UAV) यानि ड्रोन से आम जनता, महत्वपूर्ण इमारतों और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा को बड़ा खतरा हो सकता है। सरकार ने चेतावनी दी है कि आसमान में ड्रोन की इस तरह की अनियमित गतिविधियों से सरकारी कामकाज में बाधा आ सकती है और प्रांत का शांतिपूर्ण माहौल बिगड़ सकता है।

कुछ रियायतें भी दी गईं: इन जगहों पर दी गई है छूट

हालांकि, इस प्रतिबंध में कुछ रियायतें भी दी गई हैं। सरकार की अधिसूचना के अनुसार, किसी विवाह समारोह, बंद हॉल या मार्की (टेंट) के अंदर इंडोर कवरेज के लिए छोटे ड्रोन्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा, खुफिया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों (पुलिस, आर्मी) द्वारा सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ड्रोन इस पाबंदी के दायरे से पूरी तरह बाहर रहेंगे। यह अहम फैसला तब लिया गया है जब हाल ही में पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने एक विशेष ‘एंटी-ड्रोन यूनिट’ बनाने की मंजूरी दी थी। इस यूनिट का मुख्य काम किसी भी संभावित आतंकी खतरे से निपटना और प्रांत के मुख्य निकास व प्रवेश मार्गों पर डिजिटल स्कैनर लगाना है।

आतंकवाद और निगरानी के बदलते हाई-टेक तरीकों के कारण जरूरी कदम

इस कड़े फैसले पर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आतंकवाद और निगरानी के बदलते हाई-टेक तरीकों को देखते हुए यह एक बहुत ही जरूरी कदम था। खुले आसमान में अज्ञात ड्रोन्स की बढ़ती संख्या सुरक्षाबलों के लिए हमेशा से सिरदर्द रही है, इसलिए यह बैन संभावित खतरों को टालने में मदद करेगा।

आदेश का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए

प्रांतीय पुलिस और सभी स्थानीय थानों को इस आदेश का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। खुफिया एजेंसियां अब ड्रोन गतिविधियों पर विशेष नजर रख रही हैं। चेतावनी दी गई है कि जो भी व्यक्ति या संस्था इस आदेश का उल्लंघन करते हुए पाई जाएगी, उसके खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन के तहत सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

आउटडोर शूटिंग के लिए मुख्य रूप से ड्रोन कैमरों पर निर्भर

बहरहाल,सुरक्षा के लिहाज से यह फैसला भले ही अहम हो, लेकिन इसका सीधा असर व्यावसायिक वीडियोग्राफर्स, ट्रैवल व्लॉगर्स, और इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों पर पड़ेगा जो अपनी आउटडोर शूटिंग के लिए मुख्य रूप से ड्रोन कैमरों पर निर्भर रहते हैं। 30 दिनों की इस रोक से इन पेशों से जुड़े लोगों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है और उनके कई बड़े प्रोजेक्ट्स अटक सकते हैं। ( इनपुट : ANI)

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