सवाईमाधोपुर। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा रविवार को सवाई माधोपुर दौरे पर रहे। यहां उन्होंने इटावा बालाजी में आयोजित विशाल पद दंगल कार्यक्रम में शिरकत की। जैसे ही उनका काफिला इटावा गांव के निकट पहुंचा, ग्रामीणों और आयोजकों ने हाथी, बैंड-बाजों और पुष्पवर्षा के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। ग्रामीणों ने उन्हें हाथी पर बैठाकर जुलूस के रूप में पद दंगल स्थल तक पहुंचाया।
इस दौरान सैकड़ों ग्रामीण भी उत्साहपूर्वक जुलूस में शामिल हुए।पद दंगल स्थल पर पहुंचकर डॉ. मीणा ने बालाजी के दर्शन किए और फिर जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कन्हैया पद दंगल केवल लोक परंपरा का उत्सव नहीं है, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भावना और सांस्कृतिक निरंतरता का प्रेरक माध्यम है।
हर समाज के लिए किया संघर्ष
उन्होंने लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार भी लोक कलाओं और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए लगातार प्रयासरत है। अपने संबोधन में डॉ. मीणा ने समाज और राजनीति से जुड़े कई मुद्दों पर खुलकर विचार रखे। उन्होंने कहा कि मीणा समाज ही नहीं, बल्कि हर समाज के लिए उन्होंने संघर्ष किया है। चाहे आरक्षण का मामला हो या आमागढ़ का, वे हमेशा समाज के साथ खड़े रहे।
‘मैं हर चक्रव्यूह में घुस तो जाता हूं’
उन्होंने कहा कि मैं हर चक्रव्यूह में घुस तो जाता हूं, पर उसे तोड़ने की ताकत मुझे जनता जनार्दन से ही मिलती है। डॉ. मीणा ने राजनीतिक जीवन के उतार-चढ़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि कई बार उन्हें षड्यंत्रों में फंसाने की कोशिश की गई, लेकिन सवाई माधोपुर की जनता ने उन्हें हर बार आशीर्वाद दिया और विजयी बनाकर भेजा। उन्होंने जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे हमेशा जनहित में काम करते रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने धार्मिक किस्से भी सुनाए और बच्चों में अच्छे संस्कार देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज में गिरावट को रोकना और नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाना ही राष्ट्र निर्माण की सच्ची दिशा है।


