औरंगाबाद में धान अधिप्राप्ति में आ रही अलग-अलग समस्याओं और पैक्सों को डिफाल्टर बनाए जाने की आशंका को लेकर आज जिले भर के पैक्स अध्यक्ष एकजुट होकर आंदोलन पर उतर आए। पुरानी जेल रोड स्थित जिला सहकारी भवन परिसर में पैक्स अध्यक्षों ने धरना-प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन व संबंधित विभागों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि विभागीय लापरवाही और सहयोग के अभाव में पैक्स गंभीर संकट की स्थिति में पहुंच गए हैं। धरना से पहले पैक्स अध्यक्षों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें धान अधिप्राप्ति से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक और धरने की अध्यक्षता जिला सहकारी अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने की। इस दौरान पैक्स अध्यक्षों ने छह सूत्री मांगों को लेकर सामूहिक रूप से अपना विरोध दर्ज कराया। किसानों से धान खरीद हुआ मुश्किल पैक्स अध्यक्षों का आरोप है कि इस साल सभी पैक्सों को पहले साल की तुलना में सबसे कम धान अधिप्राप्ति लक्ष्य दिया गया है, जबकि उसी अनुपात में कैश क्रेडिट (सीसी) की राशि पहले ही खर्च हो चुकी है। इसके बावजूद नई सीसी राशि उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जिससे किसानों से धान खरीद और उन्हें समय पर भुगतान करना मुश्किल हो रहा है। अध्यक्षों ने कहा कि सरकार द्वारा धान अधिप्राप्ति की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है और इसके भीतर किसानों को भुगतान करना अनिवार्य है। 100 प्रतिशत कैश क्रेडिट दिए जाने की मांग प्रदर्शनकारियों ने बताया कि एफआरके (फुल राइस कर्नल) की समस्या के कारण सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) की आपूर्ति बाधित हो रही है। इससे पैक्सों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। बढ़ते ब्याज बोझ के कारण सभी पैक्स डिफाल्टर घोषित किए जाने की कगार पर पहुंच गए हैं। पैक्स अध्यक्षों ने इसे एक साजिश करार देते हुए कहा कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो पैक्सों की स्थिति और खराब हो जाएगी। ओरा पैक्स अध्यक्ष कपिल कुमार सिंह ने कहा कि धान अधिप्राप्ति का मूल उद्देश्य चक्रीय व्यवस्था है, ताकि किसानों को समय पर भुगतान हो सके और पैक्सों की आर्थिक स्थिति संतुलित रहे। लेकिन संबंधित पदाधिकारियों की ओर से इसमें अपेक्षित सहयोग नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि चक्रीय व्यवस्था को प्रभावी नहीं बनाया गया, तो सभी पैक्सों को 100 प्रतिशत सीसी सुविधा उपलब्ध कराई जाए, अन्यथा किसानों को भुगतान करना असंभव हो जाएगा। कोऑपरेटिव अध्यक्ष के आश्वासन पर खत्म हुआ धरना धरना और नारेबाजी की सूचना मिलते ही जिला सहकारी अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और पैक्स अध्यक्षों से वार्ता की। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी समस्याओं और मांगों को गंभीरता से लिया जाएगा और इन्हें उच्च विभागीय अधिकारियों और जिला प्रशासन के सामने रखा जाएगा, ताकि शीघ्र समाधान निकाला जा सके। जिला सहकारी अध्यक्ष के आश्वासन के बाद पैक्स अध्यक्षों ने धरना-प्रदर्शन खत्म कर दिया, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि जल्द ही ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो वे किसानों के साथ मिलकर और उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। धरना के बाद छह सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन डीएम समेत संबंधित विभागीय अधिकारियों को सौंपा गया। इस प्रदर्शन में पैक्स अध्यक्ष संगेश कुमार सिंह, इसरौर पैक्स अध्यक्ष पंकज कुमार, महुआव पैक्स अध्यक्ष अभिषेक कुमार सहित जिले के कई पैक्स अध्यक्ष मौजूद रहे। औरंगाबाद में धान अधिप्राप्ति में आ रही अलग-अलग समस्याओं और पैक्सों को डिफाल्टर बनाए जाने की आशंका को लेकर आज जिले भर के पैक्स अध्यक्ष एकजुट होकर आंदोलन पर उतर आए। पुरानी जेल रोड स्थित जिला सहकारी भवन परिसर में पैक्स अध्यक्षों ने धरना-प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन व संबंधित विभागों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि विभागीय लापरवाही और सहयोग के अभाव में पैक्स गंभीर संकट की स्थिति में पहुंच गए हैं। धरना से पहले पैक्स अध्यक्षों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें धान अधिप्राप्ति से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक और धरने की अध्यक्षता जिला सहकारी अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने की। इस दौरान पैक्स अध्यक्षों ने छह सूत्री मांगों को लेकर सामूहिक रूप से अपना विरोध दर्ज कराया। किसानों से धान खरीद हुआ मुश्किल पैक्स अध्यक्षों का आरोप है कि इस साल सभी पैक्सों को पहले साल की तुलना में सबसे कम धान अधिप्राप्ति लक्ष्य दिया गया है, जबकि उसी अनुपात में कैश क्रेडिट (सीसी) की राशि पहले ही खर्च हो चुकी है। इसके बावजूद नई सीसी राशि उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जिससे किसानों से धान खरीद और उन्हें समय पर भुगतान करना मुश्किल हो रहा है। अध्यक्षों ने कहा कि सरकार द्वारा धान अधिप्राप्ति की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है और इसके भीतर किसानों को भुगतान करना अनिवार्य है। 100 प्रतिशत कैश क्रेडिट दिए जाने की मांग प्रदर्शनकारियों ने बताया कि एफआरके (फुल राइस कर्नल) की समस्या के कारण सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) की आपूर्ति बाधित हो रही है। इससे पैक्सों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। बढ़ते ब्याज बोझ के कारण सभी पैक्स डिफाल्टर घोषित किए जाने की कगार पर पहुंच गए हैं। पैक्स अध्यक्षों ने इसे एक साजिश करार देते हुए कहा कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो पैक्सों की स्थिति और खराब हो जाएगी। ओरा पैक्स अध्यक्ष कपिल कुमार सिंह ने कहा कि धान अधिप्राप्ति का मूल उद्देश्य चक्रीय व्यवस्था है, ताकि किसानों को समय पर भुगतान हो सके और पैक्सों की आर्थिक स्थिति संतुलित रहे। लेकिन संबंधित पदाधिकारियों की ओर से इसमें अपेक्षित सहयोग नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि चक्रीय व्यवस्था को प्रभावी नहीं बनाया गया, तो सभी पैक्सों को 100 प्रतिशत सीसी सुविधा उपलब्ध कराई जाए, अन्यथा किसानों को भुगतान करना असंभव हो जाएगा। कोऑपरेटिव अध्यक्ष के आश्वासन पर खत्म हुआ धरना धरना और नारेबाजी की सूचना मिलते ही जिला सहकारी अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और पैक्स अध्यक्षों से वार्ता की। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी समस्याओं और मांगों को गंभीरता से लिया जाएगा और इन्हें उच्च विभागीय अधिकारियों और जिला प्रशासन के सामने रखा जाएगा, ताकि शीघ्र समाधान निकाला जा सके। जिला सहकारी अध्यक्ष के आश्वासन के बाद पैक्स अध्यक्षों ने धरना-प्रदर्शन खत्म कर दिया, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि जल्द ही ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो वे किसानों के साथ मिलकर और उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। धरना के बाद छह सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन डीएम समेत संबंधित विभागीय अधिकारियों को सौंपा गया। इस प्रदर्शन में पैक्स अध्यक्ष संगेश कुमार सिंह, इसरौर पैक्स अध्यक्ष पंकज कुमार, महुआव पैक्स अध्यक्ष अभिषेक कुमार सहित जिले के कई पैक्स अध्यक्ष मौजूद रहे।


