दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बुधवार को इमरजेंसी विभाग के ट्रायज एरिया में एक मरीज को ऑक्सीजन पाइपलाइन से आपूर्ति नहीं होने पर अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से झुलसे कमतौल निवासी मरीज का इलाज चल रहा था। ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने की जानकारी मिलते ही परिजन घबरा गए। स्टाफ के साथ उनकी नोकझोंक भी हो गई। अफरा-तफरी के बीच एक ऑक्सीजन सिलेंडर लाया गया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि वह सिलेंडर खाली था। इसको लेकर कुछ देर तक अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बनी रही। बाद में मौजूद लोगों के हस्तक्षेप से मामला शांत कराया गया। सूचना मिलते ही डीएमसीएच के उपाधीक्षक डॉ. सुरेंद्र कुमार ने आउटसोर्सिंग एजेंसी के कर्मी को मौके पर भेजा। कर्मी के पहुंचते ही ऑक्सीजन सप्लाई बहाल कर दी गई। हालांकि तब तक मरीज को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया था और परिजन उसे लेकर रवाना हो चुके थे। संबंधित कर्मियों को जानकारी दी गई आउटसोर्सिंग एजेंसी के कर्मी ने बताया कि प्रत्येक बेड पर पाइपलाइन में ऑक्सीजन सप्लाई नियंत्रित करने के लिए स्टॉपर लगा होता है। स्टॉपर नहीं खोले जाने के कारण सप्लाई बाधित हुई थी। उन्होंने दावा किया कि ऑक्सीजन पाइपलाइन पूरी तरह दुरुस्त है और संबंधित कर्मियों को इसकी जानकारी दे दी गई है। वहीं, इस संबंध में दरभंगा मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. सुरेंद्र कुमार ने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए सिस्टर इंचार्ज और वार्ड बॉय से जवाब तलब किया जाएगा। दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बुधवार को इमरजेंसी विभाग के ट्रायज एरिया में एक मरीज को ऑक्सीजन पाइपलाइन से आपूर्ति नहीं होने पर अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से झुलसे कमतौल निवासी मरीज का इलाज चल रहा था। ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने की जानकारी मिलते ही परिजन घबरा गए। स्टाफ के साथ उनकी नोकझोंक भी हो गई। अफरा-तफरी के बीच एक ऑक्सीजन सिलेंडर लाया गया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि वह सिलेंडर खाली था। इसको लेकर कुछ देर तक अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बनी रही। बाद में मौजूद लोगों के हस्तक्षेप से मामला शांत कराया गया। सूचना मिलते ही डीएमसीएच के उपाधीक्षक डॉ. सुरेंद्र कुमार ने आउटसोर्सिंग एजेंसी के कर्मी को मौके पर भेजा। कर्मी के पहुंचते ही ऑक्सीजन सप्लाई बहाल कर दी गई। हालांकि तब तक मरीज को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया था और परिजन उसे लेकर रवाना हो चुके थे। संबंधित कर्मियों को जानकारी दी गई आउटसोर्सिंग एजेंसी के कर्मी ने बताया कि प्रत्येक बेड पर पाइपलाइन में ऑक्सीजन सप्लाई नियंत्रित करने के लिए स्टॉपर लगा होता है। स्टॉपर नहीं खोले जाने के कारण सप्लाई बाधित हुई थी। उन्होंने दावा किया कि ऑक्सीजन पाइपलाइन पूरी तरह दुरुस्त है और संबंधित कर्मियों को इसकी जानकारी दे दी गई है। वहीं, इस संबंध में दरभंगा मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. सुरेंद्र कुमार ने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए सिस्टर इंचार्ज और वार्ड बॉय से जवाब तलब किया जाएगा।


