नवादा जिले में बिहार और झारखंड की सीमा पर अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ की गई कार्रवाई अब बड़े कानूनी विवाद में बदल गई है। नवादा खनन निरीक्षक संतोष कुमार झा के बयान पर ट्रकों को जब्त कर एफआईआर दर्ज की गई थी, लेकिन वाहन मालिक राजेंद्र मेहता ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामला नया मोड़ दे दिया है। राजेंद्र मेहता का दावा है कि उनके ट्रक (जेएच12एम0059 और जेएच12एस6326) 8 फरवरी की रात लगभग 12:30 बजे डोमचांच के एक स्टोन क्रेशर से वैध चालान के साथ गिट्टी ले जा रहे थे। उन्होंने बताया कि उनके चालक काली मंदिर, मेघातरी (झारखंड) के पास भोजन कर रहे थे, तभी खनन निरीक्षक और पुलिस ने झारखंड सीमा में प्रवेश कर उनके ट्रक जब्त कर लिए। मेहता ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने ट्रकों के लॉक तोड़कर उन्हें बिहार के रजौली बॉर्डर पर लाया और जानबूझकर अतिरिक्त गिट्टी और पत्थर डालकर वाहनों को ‘ओवरलोडेड’ दिखाया गया, ताकि उन्हें परेशान किया जा सके और वसूली की जा सके। वहीं, नवादा खनन विभाग के दस्तावेजों के अनुसार, यह कार्रवाई बिहार-झारखंड सीमा पर अवैध परिवहन रोकने के लिए की गई संयुक्त छापेमारी का हिस्सा थी। विभागीय रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस बल को देखकर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गए। खनन निरीक्षक संतोष प्रकाश झा ने मीडिया से बात करने के बजाय एसडीएम रजौली से संपर्क करने की सलाह दी। एसडीएम स्वतंत्र कुमार सुमन ने बताया कि इस मामले में बयान देने का अधिकार केवल जिलाधिकारी के पास है। यह विवाद अब प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर उच्चस्तरीय जांच का विषय बन गया है। नवादा जिले में बिहार और झारखंड की सीमा पर अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ की गई कार्रवाई अब बड़े कानूनी विवाद में बदल गई है। नवादा खनन निरीक्षक संतोष कुमार झा के बयान पर ट्रकों को जब्त कर एफआईआर दर्ज की गई थी, लेकिन वाहन मालिक राजेंद्र मेहता ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामला नया मोड़ दे दिया है। राजेंद्र मेहता का दावा है कि उनके ट्रक (जेएच12एम0059 और जेएच12एस6326) 8 फरवरी की रात लगभग 12:30 बजे डोमचांच के एक स्टोन क्रेशर से वैध चालान के साथ गिट्टी ले जा रहे थे। उन्होंने बताया कि उनके चालक काली मंदिर, मेघातरी (झारखंड) के पास भोजन कर रहे थे, तभी खनन निरीक्षक और पुलिस ने झारखंड सीमा में प्रवेश कर उनके ट्रक जब्त कर लिए। मेहता ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने ट्रकों के लॉक तोड़कर उन्हें बिहार के रजौली बॉर्डर पर लाया और जानबूझकर अतिरिक्त गिट्टी और पत्थर डालकर वाहनों को ‘ओवरलोडेड’ दिखाया गया, ताकि उन्हें परेशान किया जा सके और वसूली की जा सके। वहीं, नवादा खनन विभाग के दस्तावेजों के अनुसार, यह कार्रवाई बिहार-झारखंड सीमा पर अवैध परिवहन रोकने के लिए की गई संयुक्त छापेमारी का हिस्सा थी। विभागीय रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस बल को देखकर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गए। खनन निरीक्षक संतोष प्रकाश झा ने मीडिया से बात करने के बजाय एसडीएम रजौली से संपर्क करने की सलाह दी। एसडीएम स्वतंत्र कुमार सुमन ने बताया कि इस मामले में बयान देने का अधिकार केवल जिलाधिकारी के पास है। यह विवाद अब प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर उच्चस्तरीय जांच का विषय बन गया है।


