चंदौली में गैस की किल्लत में ओवररेट का खेल:977 की जगह 1000 में सिलेंडर, ग्राहकों में गुस्सा, DM का फरमान बेअसर

चंदौली में रसोई गैस की कमी के बीच अब मनमानी वसूली की शिकायतें भी सामने आने लगी हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस एजेंसियां तय दर से अधिक कीमत लेकर सिलेंडर दे रही हैं। प्रशासन के निर्देशों के बावजूद हालात नहीं सुधर रहे। बुधवार को बबुरी कस्बा के पास स्थित एक इंडेन गैस एजेंसी पर ऐसा ही मामला सामने आया, जहां उपभोक्ताओं से प्रति सिलेंडर 1000 रुपये वसूले गए, जबकि निर्धारित मूल्य 977 रुपये है। बुधवार सुबह से ही बबुरी कस्बा स्थित गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने वालों की भीड़ लगी रही। उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस की किल्लत के कारण लोग घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। इसी दौरान कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि सेल्समैन द्वारा प्रति सिलेंडर 23 रुपये अधिक वसूले जा रहे हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि तय कीमत 977 रुपये है, लेकिन उनसे 1000 रुपये लिए गए। लोगों का कहना है कि विरोध करने पर सिलेंडर न मिलने का डर दिखाया जाता है, इसलिए मजबूरी में ज्यादा पैसा देना पड़ रहा है। बबुरी कस्बा निवासी धीरज कुमार ने बताया कि उनकी माता के नाम पर गैस कनेक्शन है। डिलीवरी के समय उनसे तय दर से अधिक पैसा लिया गया। उन्होंने एजेंसी में शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।धीरज का कहना है कि गैस की कमी के चलते परिवार को परेशानी हो रही थी, इसलिए मजबूर होकर अतिरिक्त रकम देकर सिलेंडर लेना पड़ा। वहीं सर्वजीत मौर्य ने आरोप लगाया कि वे काफी देर से एजेंसी पर बैठे थे, लेकिन प्रभावशाली लोगों को पहले सिलेंडर दे दिए गए। उनका कहना है कि आम उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। मो. नसीम अहमद ने भी कहा कि सिलेंडर मिल तो रहे हैं, लेकिन निर्धारित मूल्य से अधिक रकम ली जा रही है। उन्होंने प्रशासन से निगरानी बढ़ाने की मांग की। तय दर पर बिक्री के निर्देश के बावजूद मनमानी जिलाधिकारी द्वारा पहले ही स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि सभी एजेंसियां शासन द्वारा तय दर पर ही गैस सिलेंडर उपलब्ध कराएं। इसके बावजूद बबुरी क्षेत्र में ओवररेट की शिकायतें सामने आना प्रशासनिक आदेशों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमित निरीक्षण और सख्त कार्रवाई हो तो इस तरह की मनमानी रोकी जा सकती है। फिलहाल एजेंसी संचालकों की ओर से इस मामले में कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। किल्लत और अव्यवस्था से बढ़ी नाराजगी, निगरानी की मांग रसोई गैस की किल्लत के चलते उपभोक्ताओं की परेशानी पहले से ही बढ़ी हुई है। ऐसे में तय दर से अधिक वसूली की शिकायतों ने लोगों का गुस्सा और बढ़ा दिया है। ग्रामीणों और कस्बा निवासियों का कहना है कि गैस जैसी जरूरी वस्तु पर अतिरिक्त बोझ डालना उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि एजेंसी की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और तय दर पर ही गैस उपलब्ध कराई जाए। फिलहाल उपभोक्ता राहत की उम्मीद में प्रशासन की ओर देख रहे हैं। अगर जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी, तो विरोध और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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