बलिया के अपूर्वा नर्सिंग होम सहित अन्य निजी अस्पतालों में प्रसूताओं की मौत के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। शनिवार देर शाम लोगों ने न्याय की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित नर्सिंग होम को सील करने तथा दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। यह कैंडल मार्च नया चौक से शुरू हुआ। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और विभिन्न नर्सिंग होम में प्रसूताओं की मौत के मामलों में न्याय की मांग दोहराई। पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति के संयोजक नागेंद्र बहादुर सिंह झुन्नू ने आरोप लगाया कि जनपद के सभी निजी नर्सिंग होम और अस्पताल ‘कत्लखाने तथा आर्थिक शोषण का अड्डा’ बन चुके हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि रविवार तक संबंधित अस्पताल को पूरी तरह से सील नहीं किया जाता है, तो सोमवार को छात्रनेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिलेगा। उन्होंने ‘छात्र कर्फ्यू’ और ‘बलिया बंद’ का आह्वान करने की भी बात कही। इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व अध्यक्ष राहुल मिश्रा, अधिवक्ता स्मृति चंदेल, छात्रनेता अविनाश सिंह नंदन,नीतू सिंह, पूर्व अध्यक्ष विवेक पाठक, धनजी यादव, अमित दुबे, मिंटू खान और जुबेर खान सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।


