151 साल का हुआ अपना मुजफ्फरपुर:1875 से पहले बंगाल प्रांत का हिस्सा था, खुदीराम बोस स्टेडियम में मनाया गया जश्न

151 साल का हुआ अपना मुजफ्फरपुर:1875 से पहले बंगाल प्रांत का हिस्सा था, खुदीराम बोस स्टेडियम में मनाया गया जश्न

मुजफ्फरपुर का 151वां जिला स्थापना दिवस समारोह हाल ही में शहीद खुदीराम बोस स्टेडियम में आयोजित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। समारोह का उद्घाटन दीप जलाकर कर किया गया। कार्यक्रम में जीविका, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नेहरू युवा केंद्र और आईसीडीएस जैसे विभागों की ओर से जनहित से जुड़ी अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की गई। इसका मुख्य उद्देश्य मनोरंजन के साथ-साथ जनजागरूकता और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देना था। बच्चों, युवा और आम नागरिकों के लिए अलग-अलग एक्टिविटी स्थापना दिवस समारोह में बच्चों, युवाओं और आम नागरिकों के लिए अलग-अलग एक्टिविटी आयोजित की गई। इसमें मूर्ति कला, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, कराटे प्रदर्शन, रंगोली, हूला-हूप, डांस, पेंटिंग जैसे कार्यक्रम प्रमुख थे। बच्चों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया, वहीं युवाओं ने अनुशासन और शारीरिक दक्षता का परिचय दिया। इन आयोजनों ने प्रतिभागियों में रचनात्मकता और आत्मविश्वास को बढ़ावा दिया। इसके अतिरिक्त, रिंग एंड कप एक्टिविटी, फ्रॉग फन एक्टिविटी, इन-आउट एक्टिविटी और बोतल गेम जैसी मनोरंजक गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इन खेलों में बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों और आम नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। कार्यक्रम स्थल पर उमड़ी भीड़ ने आयोजन की सफलता को दर्शाया, जहां सभी आयु वर्ग के लोगों ने भागीदारी की। हेल्थ के प्रति जागरूकता के लिए लगाया कैंप स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक हेल्थ कैंप का आयोजन किया गया था। कैंप में आम नागरिकों को निशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई गई। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लोगों को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी। बड़ी संख्या में लोगों ने इस सुविधा का लाभ उठाया, जिससे स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को नई दिशा मिली। समारोह के दौरान जिले के समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाने के लिए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। इस अभियान के माध्यम से नागरिकों ने जिले के विकास, स्वच्छता, सामाजिक सौहार्द और सकारात्मक परिवर्तन के प्रति अपने संकल्प को व्यक्त किया। हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से जिले के विकास के प्रति न केवल प्रशासनिक अधिकारियों ने बल्कि इसमें आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने जिला के विकास के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त की। फूड कोर्ट ने कार्यक्रम में पहुंचे लोगों का ध्यान खींचा स्थापना दिवस समारोह में फूड कोर्ट भी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। फूड कोर्ट में बिहार के पारंपरिक एवं लजीज व्यंजनों की विशेष व्यवस्था की गई थी। लिट्टी-चोखा, सत्तू पराठा, चूड़ा-दही, सहित कई स्थानीय व्यंजन उपलब्ध थे। फूड कोर्ट का संचालन जीविका समूहों की ओर से किया गया, जिससे स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों के विपणन और आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर प्राप्त हुआ। यह पहल न केवल स्थानीय स्वाद और संस्कृति को बढ़ावा देने वाली रही, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने लोगों को नए साल के साथ-साथ स्थापना दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि नया साल मुजफ्फरपुर के लिए उन्नति, सौहार्द और खुशहाली का वर्ष सिद्ध हो। जिलाधिकारी ने जिले के नागरिकों से विकास कार्यों में सहयोग बनाए रखने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की अपील की। 1875 में अस्तित्व में आया था मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर जिला साल 1875 में अस्तित्व में आया था। ये उस समय बंगाल प्रांत का हिस्सा था। जिला प्रशासन की ओर से 2 साल पहले ये निर्णय लिया गया था कि हर साल मुजफ्फरपुर का स्थापना दिवस मनाया जाएगा। इसके लिए 11 जनवरी 1875 को जारी उस नोटिफिकेशन को आधार बनाया गया, जो बंगाल गजट में प्रकाशित हुआ था। ये नोटिफिकेशन कोलकाता से प्रकाशित अंग्रेजी अखबार द स्टेट्समैन में भी जारी की गई थी। मुजफ्फरपुर का 151वां जिला स्थापना दिवस समारोह हाल ही में शहीद खुदीराम बोस स्टेडियम में आयोजित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। समारोह का उद्घाटन दीप जलाकर कर किया गया। कार्यक्रम में जीविका, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नेहरू युवा केंद्र और आईसीडीएस जैसे विभागों की ओर से जनहित से जुड़ी अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की गई। इसका मुख्य उद्देश्य मनोरंजन के साथ-साथ जनजागरूकता और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देना था। बच्चों, युवा और आम नागरिकों के लिए अलग-अलग एक्टिविटी स्थापना दिवस समारोह में बच्चों, युवाओं और आम नागरिकों के लिए अलग-अलग एक्टिविटी आयोजित की गई। इसमें मूर्ति कला, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, कराटे प्रदर्शन, रंगोली, हूला-हूप, डांस, पेंटिंग जैसे कार्यक्रम प्रमुख थे। बच्चों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया, वहीं युवाओं ने अनुशासन और शारीरिक दक्षता का परिचय दिया। इन आयोजनों ने प्रतिभागियों में रचनात्मकता और आत्मविश्वास को बढ़ावा दिया। इसके अतिरिक्त, रिंग एंड कप एक्टिविटी, फ्रॉग फन एक्टिविटी, इन-आउट एक्टिविटी और बोतल गेम जैसी मनोरंजक गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इन खेलों में बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों और आम नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। कार्यक्रम स्थल पर उमड़ी भीड़ ने आयोजन की सफलता को दर्शाया, जहां सभी आयु वर्ग के लोगों ने भागीदारी की। हेल्थ के प्रति जागरूकता के लिए लगाया कैंप स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक हेल्थ कैंप का आयोजन किया गया था। कैंप में आम नागरिकों को निशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई गई। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लोगों को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी। बड़ी संख्या में लोगों ने इस सुविधा का लाभ उठाया, जिससे स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को नई दिशा मिली। समारोह के दौरान जिले के समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाने के लिए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। इस अभियान के माध्यम से नागरिकों ने जिले के विकास, स्वच्छता, सामाजिक सौहार्द और सकारात्मक परिवर्तन के प्रति अपने संकल्प को व्यक्त किया। हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से जिले के विकास के प्रति न केवल प्रशासनिक अधिकारियों ने बल्कि इसमें आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने जिला के विकास के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त की। फूड कोर्ट ने कार्यक्रम में पहुंचे लोगों का ध्यान खींचा स्थापना दिवस समारोह में फूड कोर्ट भी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। फूड कोर्ट में बिहार के पारंपरिक एवं लजीज व्यंजनों की विशेष व्यवस्था की गई थी। लिट्टी-चोखा, सत्तू पराठा, चूड़ा-दही, सहित कई स्थानीय व्यंजन उपलब्ध थे। फूड कोर्ट का संचालन जीविका समूहों की ओर से किया गया, जिससे स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों के विपणन और आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर प्राप्त हुआ। यह पहल न केवल स्थानीय स्वाद और संस्कृति को बढ़ावा देने वाली रही, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने लोगों को नए साल के साथ-साथ स्थापना दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि नया साल मुजफ्फरपुर के लिए उन्नति, सौहार्द और खुशहाली का वर्ष सिद्ध हो। जिलाधिकारी ने जिले के नागरिकों से विकास कार्यों में सहयोग बनाए रखने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की अपील की। 1875 में अस्तित्व में आया था मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर जिला साल 1875 में अस्तित्व में आया था। ये उस समय बंगाल प्रांत का हिस्सा था। जिला प्रशासन की ओर से 2 साल पहले ये निर्णय लिया गया था कि हर साल मुजफ्फरपुर का स्थापना दिवस मनाया जाएगा। इसके लिए 11 जनवरी 1875 को जारी उस नोटिफिकेशन को आधार बनाया गया, जो बंगाल गजट में प्रकाशित हुआ था। ये नोटिफिकेशन कोलकाता से प्रकाशित अंग्रेजी अखबार द स्टेट्समैन में भी जारी की गई थी।  

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