औरंगाबाद जिले के नवीनगर प्रखंड अंतर्गत प्रसिद्ध शक्तिपीठ गजना धाम इन दिनों आस्था, श्रद्धा और भक्ति के रंग में सराबोर है। यहां आयोजित राम विवाह उत्सव ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया है। रविवार देर माता जानकी और भगवान श्रीराम का विवाह उत्सव पारंपरिक रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ। विवाह समारोह में राजा दशरथ की भूमिका सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने निभाई, जबकि राजा जनक की भूमिका भृगुनाथ सिंह ने अदा की। विवाह रस्मों को उसी प्रकार निभाया गया, जैसे किसी सामान्य विवाह समारोह में निभाया जाता है। स्थानीय लोग मिथिलावासी बनकर विवाह की परंपराओं को निभाते नजर आए, जिससे पूरा माहौल जीवंत हो उठा। भगवान श्रीराम और माता जानकी का भव्य विवाह उत्सव बड़े ही पारंपरिक और वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा गया और हजारों की संख्या में भक्तों ने इस दिव्य दृश्य के साक्षी बनकर स्वयं को धन्य महसूस किया।
46 वर्षों से चली आ रही परंपरा गजना धाम में राम विवाह उत्सव की परंपरा पिछले 46 वर्षों से निरंतर चली आ रही है। यह धार्मिक आयोजन वर्ष 1979 से शुरू हुआ था। तभी से हर वर्ष बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ इसका आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी 21 फरवरी से नवाह्न यज्ञ के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी। इसके बाद लगातार लगभग 18 दिनों तक प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, पूजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। 4 मार्च को भगवान श्रीराम का हल्दी उत्सव मनाया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। इसके बाद 5 मार्च को तिलकोत्सव समारोह आयोजित किया गया, जबकि 6 मार्च को मंडप पूजन और किशोरी जी की हल्दी रस्म संपन्न कराई गई। 7 मार्च को भगवान श्रीराम की भव्य बारात निकाली गई, जिसने नगर भ्रमण के दौरान लोगों का ध्यान आकर्षित किया। श्रद्धालु बारात में शामिल होकर भक्ति गीतों और जयघोष के साथ पूरे माहौल को भक्तिमय बनाते नजर आए। अयोध्या से बुलाए गए कलाकार धाम के महंत श्री श्री 108 श्री अवध बिहारी दास के सानिध्य में आयोजित यह कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 6 बजे से प्रारंभ होकर देर रात्रि तक चला। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे पूरा क्षेत्र उत्सवमय हो गया। अयोध्या से आए कलाकारों ने संगीत और नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से राम विवाह से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया। कलाकारों की प्रस्तुति इतनी प्रभावशाली रही कि ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो वास्तव में भगवान राम और माता सीता का विवाह संपन्न हो रहा हो और सभी लोग उसके प्रत्यक्ष साक्षी बन रहे हों। मिथिला वासियों और भगवान राम के बीच संवाद और प्रसंगों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। दूर-दराज से पहुंचते हैं श्रद्धालु महंत श्री श्री 108 श्री अवध बिहारी दास ने बताया कि गजना धाम में राम-जानकी विवाह उत्सव की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। हर वर्ष दूर-दराज से श्रद्धालु यहां पहुंचकर इस पावन आयोजन में शामिल होते हैं। भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह उत्सव में भाग लेने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और आशीर्वाद की प्राप्ति होती है। आज श्री राम कलेवा के साथ संपन्न होगा कार्यक्रम सोमवार 9 मार्च को श्रीराम कलेवा प्रसाद पूजन के साथ इस धार्मिक आयोजन का समापन होगा। इस अवसर पर भगवान श्रीराम को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा, जिसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जाएगा। साथ ही विशाल भंडारे का आयोजन कर कार्यक्रम का समापन किया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। औरंगाबाद जिले के नवीनगर प्रखंड अंतर्गत प्रसिद्ध शक्तिपीठ गजना धाम इन दिनों आस्था, श्रद्धा और भक्ति के रंग में सराबोर है। यहां आयोजित राम विवाह उत्सव ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया है। रविवार देर माता जानकी और भगवान श्रीराम का विवाह उत्सव पारंपरिक रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ। विवाह समारोह में राजा दशरथ की भूमिका सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने निभाई, जबकि राजा जनक की भूमिका भृगुनाथ सिंह ने अदा की। विवाह रस्मों को उसी प्रकार निभाया गया, जैसे किसी सामान्य विवाह समारोह में निभाया जाता है। स्थानीय लोग मिथिलावासी बनकर विवाह की परंपराओं को निभाते नजर आए, जिससे पूरा माहौल जीवंत हो उठा। भगवान श्रीराम और माता जानकी का भव्य विवाह उत्सव बड़े ही पारंपरिक और वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा गया और हजारों की संख्या में भक्तों ने इस दिव्य दृश्य के साक्षी बनकर स्वयं को धन्य महसूस किया।
46 वर्षों से चली आ रही परंपरा गजना धाम में राम विवाह उत्सव की परंपरा पिछले 46 वर्षों से निरंतर चली आ रही है। यह धार्मिक आयोजन वर्ष 1979 से शुरू हुआ था। तभी से हर वर्ष बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ इसका आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी 21 फरवरी से नवाह्न यज्ञ के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी। इसके बाद लगातार लगभग 18 दिनों तक प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, पूजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। 4 मार्च को भगवान श्रीराम का हल्दी उत्सव मनाया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। इसके बाद 5 मार्च को तिलकोत्सव समारोह आयोजित किया गया, जबकि 6 मार्च को मंडप पूजन और किशोरी जी की हल्दी रस्म संपन्न कराई गई। 7 मार्च को भगवान श्रीराम की भव्य बारात निकाली गई, जिसने नगर भ्रमण के दौरान लोगों का ध्यान आकर्षित किया। श्रद्धालु बारात में शामिल होकर भक्ति गीतों और जयघोष के साथ पूरे माहौल को भक्तिमय बनाते नजर आए। अयोध्या से बुलाए गए कलाकार धाम के महंत श्री श्री 108 श्री अवध बिहारी दास के सानिध्य में आयोजित यह कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 6 बजे से प्रारंभ होकर देर रात्रि तक चला। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे पूरा क्षेत्र उत्सवमय हो गया। अयोध्या से आए कलाकारों ने संगीत और नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से राम विवाह से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया। कलाकारों की प्रस्तुति इतनी प्रभावशाली रही कि ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो वास्तव में भगवान राम और माता सीता का विवाह संपन्न हो रहा हो और सभी लोग उसके प्रत्यक्ष साक्षी बन रहे हों। मिथिला वासियों और भगवान राम के बीच संवाद और प्रसंगों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। दूर-दराज से पहुंचते हैं श्रद्धालु महंत श्री श्री 108 श्री अवध बिहारी दास ने बताया कि गजना धाम में राम-जानकी विवाह उत्सव की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। हर वर्ष दूर-दराज से श्रद्धालु यहां पहुंचकर इस पावन आयोजन में शामिल होते हैं। भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह उत्सव में भाग लेने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और आशीर्वाद की प्राप्ति होती है। आज श्री राम कलेवा के साथ संपन्न होगा कार्यक्रम सोमवार 9 मार्च को श्रीराम कलेवा प्रसाद पूजन के साथ इस धार्मिक आयोजन का समापन होगा। इस अवसर पर भगवान श्रीराम को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा, जिसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जाएगा। साथ ही विशाल भंडारे का आयोजन कर कार्यक्रम का समापन किया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।


