थावे डायट में ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन:पाठ्यक्रम की जानकारी दी गई, शिक्षण कौशलों का विकास होगा

थावे डायट में ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन:पाठ्यक्रम की जानकारी दी गई, शिक्षण कौशलों का विकास होगा

गोपालगंज के डायट थावे में प्रथम वर्ष के छात्र एवं छात्रा अध्यापकों के लिए एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र अध्यापकों को प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम और हुमाना पीपुल टू पीपुल इंडिया (एचपीपीआई) द्वारा शिक्षण अधिगम से संबंधित विभिन्न गतिविधियों से अवगत कराना था। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसमें प्रशिक्षुओं को शिक्षण अधिगम से जुड़ी विभिन्न प्रकार की गतिविधियों और वीडियो क्लिप्स के माध्यम से जानकारी दी गई।डायट प्राचार्य डॉ. अनुराग मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि आप सभी बिहार के भावी शिक्षक हैं और बिहार के नौनिहालों का भविष्य आपके हाथों में है। उन्होंने छात्र अध्यापकों को उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूक किया। वरीय व्याख्याता हिमांशु शर्मा ने सभी का डायट में स्वागत करते हुए कहा कि वे जिस उद्देश्य से यहां नामांकित हुए हैं, उसे पूरा करने का पूरा प्रयास करें और देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। एचपीपीआई के डायट कोऑर्डिनेटर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) शिक्षक वृत्तिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षुओं को अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा दो वर्षों तक शिक्षण अधिगम प्रक्रिया के तहत सीखने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके शिक्षण कौशलों का विकास होगा। प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम की विस्तृत जानकारी नूरुद्दीन आजमी और शुभंकर पाण्डेय द्वारा प्रदान की गई। इस अवसर पर मोहम्मद आरीफ अंसारी, मोहम्मद खुर्शीद आलम, रविशंकर प्रसाद, ऋषि रंजन कुमार, सिद्धार्थ कुमार, डॉ. रंजिता प्रियदर्शिनी और जितेंद्र कुमार सहित प्रथम वर्ष के प्रशिक्षु उपस्थित रहे। गोपालगंज के डायट थावे में प्रथम वर्ष के छात्र एवं छात्रा अध्यापकों के लिए एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र अध्यापकों को प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम और हुमाना पीपुल टू पीपुल इंडिया (एचपीपीआई) द्वारा शिक्षण अधिगम से संबंधित विभिन्न गतिविधियों से अवगत कराना था। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसमें प्रशिक्षुओं को शिक्षण अधिगम से जुड़ी विभिन्न प्रकार की गतिविधियों और वीडियो क्लिप्स के माध्यम से जानकारी दी गई।डायट प्राचार्य डॉ. अनुराग मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि आप सभी बिहार के भावी शिक्षक हैं और बिहार के नौनिहालों का भविष्य आपके हाथों में है। उन्होंने छात्र अध्यापकों को उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूक किया। वरीय व्याख्याता हिमांशु शर्मा ने सभी का डायट में स्वागत करते हुए कहा कि वे जिस उद्देश्य से यहां नामांकित हुए हैं, उसे पूरा करने का पूरा प्रयास करें और देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। एचपीपीआई के डायट कोऑर्डिनेटर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) शिक्षक वृत्तिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षुओं को अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा दो वर्षों तक शिक्षण अधिगम प्रक्रिया के तहत सीखने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके शिक्षण कौशलों का विकास होगा। प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम की विस्तृत जानकारी नूरुद्दीन आजमी और शुभंकर पाण्डेय द्वारा प्रदान की गई। इस अवसर पर मोहम्मद आरीफ अंसारी, मोहम्मद खुर्शीद आलम, रविशंकर प्रसाद, ऋषि रंजन कुमार, सिद्धार्थ कुमार, डॉ. रंजिता प्रियदर्शिनी और जितेंद्र कुमार सहित प्रथम वर्ष के प्रशिक्षु उपस्थित रहे।  

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