गया में जिला स्तरीय विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। यह बैठक बोधगया स्थित महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र के सभाकक्ष में हुई, जिसमें केंद्र सरकार और केंद्र पोषित राज्य योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक में नल जल योजना को चालू करने का आदेश दिया गया है। साथ ही कृषि विभाग ने कहा है कि खाद की कालाबाजारी पर एक्शन हुआ है। कई दुकानों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। बैठक के दौरान मुख्य रूप से सड़कों की स्थिति, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, नल-जल योजना, मनरेगा, कृषि और सिंचाई योजनाएं, शिक्षा, स्वास्थ्य, धान अधिप्राप्ति, विद्युत आपूर्ति और सामुदायिक शौचालयों से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। सांसद ने पंचायत सरकार भवन निर्माण को लेकर निर्देश दिया कि स्वीकृत पंचायत के नाम पर ही प्राथमिकता के आधार पर निर्माण किया जाए। भूमि उपलब्ध न होने की स्थिति में ही निकटवर्ती पंचायत में भवन बनाया जाए। इसके अलावा, गया कंडी के पास आजाद बिगहा में 46 आवास विहीन परिवारों को शीघ्र पर्चा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। इस पर जिला पदाधिकारी ने बताया कि कागजी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सड़क का चौड़ीकरण जरुरी बुनियादी ढांचे के संबंध में, सांसद ने भदया-शर्मा-लारू-अतिया मार्ग से बोधगया जाने वाली सड़क के चौड़ीकरण, पिंडा गांव के पास नदी पर पुल निर्माण और शर्मा बाजार-सुलेबट्टा-भगवती मार्ग पर जर्जर पुल के पुनर्निर्माण को अत्यंत आवश्यक बताया। मानपुर पटवा टोली में 10 स्थानों पर हाई मास्ट लाइट लगाने का निर्देश भी दिया गया। स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर देते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बोधगया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल होने के कारण अन्य पीएचसी की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि यहां ईसीजी, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड सहित सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। बैठक में नल-जल योजना को लेकर निर्देश दिया गया कि जहां तकनीकी खराबी के कारण योजना बंद है, उसे तत्काल चालू कराया जाए। कृषि विभाग ने जानकारी दी कि खाद की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जा रही है और हाल के महीनों में कई दुकानों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत किए जा रहे काम की सराहना करते हुए कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन से पेयजल संकट काफी हद तक दूर किया जा सकता है। अंत में अपर समाहर्ता की ओर से सभी जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया गया। गया में जिला स्तरीय विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। यह बैठक बोधगया स्थित महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र के सभाकक्ष में हुई, जिसमें केंद्र सरकार और केंद्र पोषित राज्य योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक में नल जल योजना को चालू करने का आदेश दिया गया है। साथ ही कृषि विभाग ने कहा है कि खाद की कालाबाजारी पर एक्शन हुआ है। कई दुकानों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। बैठक के दौरान मुख्य रूप से सड़कों की स्थिति, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, नल-जल योजना, मनरेगा, कृषि और सिंचाई योजनाएं, शिक्षा, स्वास्थ्य, धान अधिप्राप्ति, विद्युत आपूर्ति और सामुदायिक शौचालयों से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। सांसद ने पंचायत सरकार भवन निर्माण को लेकर निर्देश दिया कि स्वीकृत पंचायत के नाम पर ही प्राथमिकता के आधार पर निर्माण किया जाए। भूमि उपलब्ध न होने की स्थिति में ही निकटवर्ती पंचायत में भवन बनाया जाए। इसके अलावा, गया कंडी के पास आजाद बिगहा में 46 आवास विहीन परिवारों को शीघ्र पर्चा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। इस पर जिला पदाधिकारी ने बताया कि कागजी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सड़क का चौड़ीकरण जरुरी बुनियादी ढांचे के संबंध में, सांसद ने भदया-शर्मा-लारू-अतिया मार्ग से बोधगया जाने वाली सड़क के चौड़ीकरण, पिंडा गांव के पास नदी पर पुल निर्माण और शर्मा बाजार-सुलेबट्टा-भगवती मार्ग पर जर्जर पुल के पुनर्निर्माण को अत्यंत आवश्यक बताया। मानपुर पटवा टोली में 10 स्थानों पर हाई मास्ट लाइट लगाने का निर्देश भी दिया गया। स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर देते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बोधगया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल होने के कारण अन्य पीएचसी की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि यहां ईसीजी, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड सहित सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। बैठक में नल-जल योजना को लेकर निर्देश दिया गया कि जहां तकनीकी खराबी के कारण योजना बंद है, उसे तत्काल चालू कराया जाए। कृषि विभाग ने जानकारी दी कि खाद की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जा रही है और हाल के महीनों में कई दुकानों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत किए जा रहे काम की सराहना करते हुए कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन से पेयजल संकट काफी हद तक दूर किया जा सकता है। अंत में अपर समाहर्ता की ओर से सभी जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया गया।


