सीकर जिले के सामी गांव में शेखावाटी के संस्थापक महाराव शेखा की मूर्ति लगाने को लेकर विवाद हो गया है। सामी गांव के ग्रामीण आज लोसल थाने पर पहुंचे और सामी गांव की पहाड़ी पर महाराव शेखा की मूर्ति लगाने का विरोध जताया है। ग्रामीणों के थाने पर पहुंचकर हंगामा करने की सूचना पर दांतारामगढ़ एसडीएम मोनिका सामोर भी वहां पहुंचीं और ग्रामीणों से समझाइश की। लोसल पुलिस थाने पर पहुंचे ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत सामी के प्रशासक(निवर्तमान सरपंच) सुरेंद्र सिंह शेखावत ने गांव के लोगों के लिए पहाड़ी पर सार्वजनिक पार्क बनाने के नाम पर गुमराह कर जमीन आवंटित कर वहां पर महाराज शेखाजी की मूर्ति लगा दी। ग्रामीणों का आरोप 2 दिन पहले मूर्ति लगाने को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया तो मौके पर पहुंचे प्रशासन ने निर्माणाधीन काम को रुकवा कर पाबंद किया था। इसके बावजूद बीती रात अंधेरे में विवादित स्थान पर महाराव शेखा की मूर्ति लगा दी। ग्रामीणों के पुलिस थाने में पहुंचने की सूचना के बाद दांतारामगढ़ उपखंड अधिकारी मोनिका सामोर, धोद सीओ सुरेश कुमार और नायब तहसीलदार राजेंद्र सिंह ने पुलिस थाने पहुंचकर लोगों से वार्ता की। पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों से वार्ता में सामी गांव से आए ग्रामीणों ने रात के अंधेरे में लगाई गई मूर्ति को हटाने और मूर्ति लगाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर गिरफ्तार करने की मांग की है। इसके बाद वहां मौजूद पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने महाराव शेखा की मूर्ति को कपड़े से ढकवा कर मामले की जांच करने के बाद कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। दांतारामगढ़ उपखंड अधिकारी मोनिका सामोर ने बताया कि लोगों को समझा दिया गया है और सहमति बन गई है। वहीं, थाने पर पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन के आश्वासन से वे सहमत नहीं है। अब आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।


