MDU की जमीन पर कोर्ट कॉम्प्लेक्स की बिल्डिंग का विरोध:गैर शिक्षक कर्मचारी संघ बोला, अवैध रूप से की घुसपैठ, सरकार की टेढ़ी नजर

MDU की जमीन पर कोर्ट कॉम्प्लेक्स की बिल्डिंग का विरोध:गैर शिक्षक कर्मचारी संघ बोला, अवैध रूप से की घुसपैठ, सरकार की टेढ़ी नजर

रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में कन्हेली पुल के पास कोर्ट कॉम्प्लेक्स की बिल्डिंग के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है, जिसके विरोध में एमडीयू गैर शिक्षक कर्मचारी संघ उतर आया है। संघ के प्रधान सुरेश कौशिक ने कहा कि एमडीयू की जमीन पर सरकार की टेढ़ी नजर है, लेकिन वह यूनिवर्सिटी की जमीन पर कब्जा नहीं होने देंगे। MDU गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रधान सुरेश कौशिक ने कहा कि एमडीयू की जमीन में जिला प्रशासन द्वारा कोर्ट कॉप्लेक्स के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है। इसके खिलाफ सोमवार को वाइस चांसलर से मुलाकात कर ज्ञापन दिया जाएगा। साथ ही मांग करेंगे कि एमडीयू की जमीन में किसी बाहरी निर्माण को अनुमति न दी जाए। बिना पूर्व अनुमति के तोड़ी गई दीवार
प्रधान सुरेश कौशिक ने कहा कि बिना किसी पूर्व अनुमति के किसी बाहरी ने जेसीबी से दीवार तोड़कर मिट्टी के नमूने लिए है, जो सरासर जोर जबरदस्ती,अवैध घुसपैठ और यूनिवर्सिटी की जमीन पर कब्जे का प्रयास है। इस मामले में कानूनी कार्यवाही के लिए जिला प्रशासन को लिखा जाएगा। एमडीयू की जमीन को गौशाला के नाम कब्जाने का किया था प्रसास
प्रधान सुरेश कौशिक ने बताया कि पहले भी एमडीयू की जमीन को गौशाला निर्माण के नाम पर कब्जाने का प्रयास किया गया था। यूनिवर्सिटी पहले ही अपना एक बड़ा हिस्सा पीजीआई को दे चुका है। इसके अलावा भी एमडीयू की जमीन से बाईपास भी निकाला जा चुका है। कई विभाग के भवन निर्माण पूर्व में हो चुके है। अब यूनिवर्सिटी के पास सीमित जमीन है, जिस पर राज्य सरकार की टेढ़ी नजर बनी हुई है। एमडीयू में नए कोर्स के लिए नई बिल्डिंग की जरूरत पड़ेगी
प्रधान सुरेश कौशिक ने कहा कि एमडीयू के पास जो जमीन बची हुई है, उसमें भविष्य के अंदर शुरू होने वाले नए कोर्स के लिए नई बिल्डिंग व हॉस्टल बनाने की जरूरत पड़ेगी। अगर एमडीयू की बची हुई जमीन पर बाहरी भवनों के निर्माण होते रहे तो आने वाले समय में यूनिवर्सिटी के पास अपनी जरूरत के हिसाब से जमीन नहीं रहेगी। एमडीयू के हित में लेंगे कठोर निर्णय
प्रधान सुरेश कौशिक ने कहा कि वीसी को ज्ञापन देने के बाद भी अगर कार्रवाई नहीं हुई तो संघ जल्द ही यूनिवर्सिटी की जमीन बचाने के लिए आम सभा बुलाकर कठोर निर्णय लेगा। साथ ही छात्र संगठनों, टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टॉफ को एक मंच पर लाकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *