भास्कर न्यूज| चाईबासा पेसा नियमावली पर विपक्ष भ्रम फैलाकर आदिवासियों को दिगभ्रमित करने का प्रयास कर रही है। यह बातें मंझारी हाट परिसर में प्रखंड के मानकी मुंडा के साथ बैठक करते हुए मझगांव विधायक निरल पूर्ति ने कहा। विधायक ने कहा कि झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार आदिवासियों के हक, अधिकार को लेकर हमेशा ऐतिहासिक कार्य किया है। पेसा कानून आदिवासियों को एक मजबूत आधार दिया है। जिसमें ग्राम सभा को सर्वोपरि बनाया है। ग्राम सभा के बिना गांव का एक इंच जमीन कोई नहीं ले सकता है। गांव की सरकार ही जल , जंगल, जमीन का असली मालिक है। आज जब ऐतिहासिक कार्य झारखंड सरकार ने किया है तो आदिवासियों को भ्रम फैला कर दिगभर्मित करने का प्रयास कर रही है। भाजपा सिर्फ आदिवासियों को ठगने का ही काम किया है। झारखंड में सबसे ज्यादा सत्ता में रहने वाली भाजपा को कभी पेसा नियमावली बनाने का ख्याल नहीं आया। इस ऐतिहासिक निर्णय होने पर विपक्ष को बर्दाश्त नहीं हो रहा है। विधायक ने कहा कि पेसा नियमावली आदिवासियों के लिए ढाल के स्वरूप है, अगर इसमें कुछ त्रुटि रह भी गई है तो नियमावली में संशोधन किया जा सकता है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के द्वारा सिर्फ नियमवाली बनाना ही मकसद नहीं उन्हें जमीन पर उतरना और ग्राम सभा को पूरा हक देने का एक बड़ा संकल्प है। जिससे कोई भी उद्योग धंधा , कंपनी आपकी जमीन लेना चाहेगी तो बिना ग्राम सभा के कोई भी निर्णय नहीं होगा। स्थानीय मानकी मुंडा से कहना चाहते हैं कि पेसा कानून नियमवाली झारखंड के लिए एक मजबूत दीवार की तरह खड़ा है जो आपको हक अधिकार देने के लिए बनाया गया है। इसलिए विपक्ष के बहकावे में नहीं आए और किसी प्रकार पेसा नियमावली में त्रुटि दिखाई दे रही है तो इसकी शिकायत स्थानीय विधायक और सरकार के पास अपना बात रख सकते हैं। जिसमें अगर जरूरत पड़ेगी तो निश्चित रूप से संशोधन किया जाएगा।


