कटनी. बहोरीबंद थाना क्षेत्र में अवैध वसूली की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच पुलिस की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। महिला पुलिस अधिकारियों ने वेश बदलकर ट्रैक्टर चालक के साथ बैठकर ट्रैप ऑपरेशन किया और रिश्वत लेते चालक आरक्षक को रंगे हाथ पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद थाना प्रभारी अखिलेश दाहिया को तत्काल हटा दिया गया, जबकि संबंधित आरक्षक सहित अन्य कर्मचारियों पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
बहोरीबंद थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों के बीच एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जिसमें दो महिला पुलिस अधिकारियों ने वेश बदलकर रिश्वतखोरी का पर्दाफाश किया। इस फिल्मी अंदाज में की गई कार्रवाई के बाद थाना प्रभारी अखिलेश दाहिया को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है, जबकि संबंधित आरक्षक चालक पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा को बहोरीबंद थाने से लगातार कदाचार और अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों में बताया गया था कि थाना स्टॉफ द्वारा वाहन चालकों से नियमित रूप से रुपए की मांग की जाती है और कार्रवाई का भय दिखाकर वसूली की जाती है। किसानों को परेशान किया जा रहा है विशेष रूप से ट्रैक्टर चालकों से 500 से एक हजार रुपए तक वसूली की बात सामने आई थी।
गोपनीय शिकायत पर कार्रवाई
एक ट्रैक्टर चालक द्वारा की गई गोपनीय शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने जांच के निर्देश दिए। इसके बाद प्रशिक्षु डीएसपी शिवा पाठक एसडीओपी स्लीमनाबाद आकांक्षा चतुर्वेदी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। सोमवार सुबह लगभग 5 बजे टीम बहोरीबंद पहुंची। कार्रवाई को गोपनीय रखने के लिए अधिकारियों ने अपना वाहन बस स्टैंड पर खड़ा किया और खुद वेश बदलकर एक ट्रैक्टर में सवार हो गईं। उन्होंने ट्रैक्टर चालक को पहले से चिन्हित 500 रुपए की राशि दी और निर्देश दिया कि यदि कोई पुलिसकर्मी पैसे मांगे तो वही राशि दे। जैसे ही ट्रैक्टर स्लीमनाबाद मोड़ के पास पहुंचा, वहां पहले से मौजूद बहोरीबंद थाने के मोबाइल वाहन चालक आरक्षक लक्ष्मण पटेल ने वाहन को रोक लिया। उसने चालक को कार्रवाई का डर दिखाते हुए 500 रुपए की रिश्वत ली। इसी दौरान घात लगाए बैठीं दोनों महिला अधिकारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर आरक्षक को रंगे हाथ पकड़ लिया। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी की गई, जिसे बाद में पुलिस अधीक्षक को सौंपा गया।
महकमे में मचा हडक़ंप
इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में हडक़ंप मच गया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि थाना प्रभारी अखिलेश दाहिया के खिलाफ पहले से कई शिकायतें थीं। आरोप था कि थाने में आम लोगों की समस्याओं का समय पर निराकरण नहीं किया जाता और अवैध वसूली की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही थी। स्लीमनाबाद थाना प्रभारी थे तब आइजी की टीम ने आरोपी बल्लन तिवारी के घर में छापेमारी कर बड़ा जुआ फड़ व वन्यजीवों का मांस पकड़ा था। इस मामले में थाना प्रभारी को हटा दिया गया और फिर कुछ माह बाद उपकृत कर दिया गया था।
ये मामले भी आये हैं सामने
इससे पहले भी थाने के कुछ कर्मचारियों पर कार्रवाई हो चुकी है। हवलदार रमेश सिंह द्वारा एक वाहन चालक से ऑनलाइन माध्यम से अवैध वसूली करने का मामला सामने आया था। वहीं उपनिरीक्षक संतराम गोटिया का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह पीडि़त पक्ष से पैसे मांगते हुए यह कहते नजर आए कि थाना प्रभारी को भी हिस्सा देना पड़ता है। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने एसआई संतराम गोटिया, हवलदार रमेश सिंह और आरक्षक लक्ष्मण पटेल को निलंबित कर दिया है, जबकि थाना प्रभारी अखिलेश दाहिया को पद से हटा दिया गया है।
भ्रष्ट गतिविधियों पर होगी कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिले में किसी भी प्रकार की भ्रष्ट गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम जनता के साथ अन्याय करने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि पुलिस विभाग के भीतर भी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं, महिला अधिकारियों द्वारा वेश बदलकर की गई इस कार्रवाई की जिलेभर में चर्चा हो रही है और इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत पहल के रूप में देखा जा रहा है। बहोरीबंद थाने का प्रभारी अभी टूआइसी धनंजय पांडेय को बनाया गया है।
वर्जन
गोपनीय शिकायत पर डीएसपी शिवा पाठक व एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी से जांच कराई गई है। जांच में बहोरीबंद थाने का आरक्षक चालक आरक्षक रुपए लेते हुए पकड़ा गया है। पूर्व में भी स्टॉफ की शिकायतें व थाना प्रभारी की शिकायतें मिल रहीं थीं। लापरवाही व कदाचरण पर निरीक्षक को हटा दिया गया है।


