नागौर. जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन संकल्प – नशामुक्त नागौर’ अभियान के तहत नागौर पुलिस ने शनिवार को नशे के सौदागरों के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित संपत्ति पर कड़ा प्रहार किया है। सुरपालिया थाना पुलिस ने आरोपी बहादुर सिंह उर्फ समीर की ओर से नशे के कारोबार से अर्जित आय से बनाए गए आलीशान मकान को सीज कर दिया है, जिसकी बाजार कीमत एक करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है।
सुरपालिया थानाधिकारी सुमन ने बताया कि फ्रीजिंग आदेश को सक्षम प्राधिकारी, दिल्ली से पुष्टि मिलने के बाद शनिवार को विधिवत कार्रवाई करते हुए उक्त मकान को सीज किया गया। यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत की गई है, जिसके तहत नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों को जब्त किया जाता है।
बीकानेर के पांचू थाने में दर्ज है दो मामले
मामले की जानकारी देते हुए सीआई सुमन ने बताया कि सुरपालिया थाना क्षेत्र के जानेवा निवासी आरोपी बहादुर सिंह उर्फ समीर (35) वर्तमान में नागौर के शारदापुरम में मकान बनाकर रह रहा था। उसने अपनी पहचान छिपाकर मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित आय से यह आलीशान मकान बनाया था। आरोपी के खिलाफ बीकानेर जिले के पुलिस थाना पांचू स्मैक तस्करी में एनडीपीएस एक्ट के दो प्रकरण दर्ज हैं।
जांच के दौरान आरोपी की संपत्ति का पता लगाकर पुलिस ने 9 मार्च 2026 को फ्रीजिंग प्रस्ताव सक्षम प्राधिकारी, दिल्ली को भेजा था। वहां से विस्तृत जांच और सुनवाई के बाद संपत्ति को सीज करने के आदेश जारी किए गए। आदेश मिलते ही सुरपालिया थाना पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर मकान को सील कर दिया।
इन्होंने की कार्रवाई
इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी और उप पुलिस अधीक्षक खेमाराम बिजारणिया के सुपरविजन में सुरपालिया थानाधिकारी सुमन के नेतृत्व में टीम ने अहम भूमिका निभाई। टीम में सहायक उपनिरीक्षक भागीरथराम, हेड कांस्टेबल रामचंद्र, कांस्टेबल प्रेमराज और रणजीतराम शामिल रहे। नागौर पुलिस का कहना है कि नशा तस्करों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नशा बेचकर समाज को खोखला करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की ओर से अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों पर इसी तरह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रखने के संकेत दिए गए हैं।


