अवैध कॉलोनियों का खुला खेल: 45 दिन में 28 कार्रवाई, भवन अधिकारी किसी भी बिल्डर पर नहीं करा पाए एफआइआर

अवैध कॉलोनियों का खुला खेल: 45 दिन में 28 कार्रवाई, भवन अधिकारी किसी भी बिल्डर पर नहीं करा पाए एफआइआर

पहले 28 जनवरी से 28 फरवरी, अब 9 मार्च से 20 अप्रेल तक जारी रहेगा अभियान, सिर्फ सड़क और बाउंड्रीवॉल तोड़कर खत्म हो जाता है अभियान, फिर वहीं शुरू हो जाती है प्लॉटिंग

शहर में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ चल रहा प्रशासनिक अभियान अब सवालों के घेरे में है। जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस बीते 45 दिनों में 28 कार्रवाई कर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इन कार्रवाइयों में केवल अवैध कॉलोनियों की सड़कें उखाड़ने और बाउंड्रीवॉल तोड़ने तक ही बुलडोजर सीमित रहा। कॉलोनी काटने वाले बिल्डरों और कॉलोनाइजरों पर अब तक एक भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, जिससे पूरे अभियान की गंभीरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नियमों के मुताबिक अवैध कॉलोनी बसाने या प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ भवन शाखा के अधिकारियों को एफआईआर दर्ज करानी चाहिए, लेकिन अब तक किसी भी बिल्डर के खिलाफ मामला दर्ज नहीं कराया गया। भवन अधिकारी कार्रवाई के बाद भी बिल्डरों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। यही वजह है कि शहर में बिल्डरों के हौसले बुलंद हैं और वे बेखौफ होकर नई-नई अवैध कॉलोनियां काट रहे हैं। हैरानी की बात यह भी है कि जिन कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया गया, वहां कुछ ही दिनों बाद फिर से सड़क, सीवर और पानी की लाइन डालने जैसे निर्माण कार्य शुरू हो गए। इससे साफ है कि कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है।

1938 अवैध कॉलोनियों में से 932 पर होनी है कार्रवाई
कलेक्टर रुचिका चौहान द्वारा भेजी गई सूची के आधार पर नगर निगम की भवन शाखा ने सर्वे कराया था, जिसमें शहर में 1938 अवैध कॉलोनियों का आंकड़ा सामने आया। इनमें से 932 कॉलोनियों पर कार्रवाई का निर्णय लिया गया। इसके लिए 28 जनवरी से 28 फरवरी तक पहला चरण और 9 मार्च से 20 अप्रैल तक दूसरा चरण चलाया जा रहा है। पहले चरण में 66 कॉलोनियों को चिन्हित किया गया, जहां बिना अनुमति सड़क, सीवर लाइन, बिजली पोल और अन्य अधोसंरचनात्मक कार्य कराए गए थे। इन पर मध्यप्रदेश कॉलोनी विकास नियम 2021 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

145 कॉलोनियों में प्लॉट खरीद-बिक्री पर रोक
नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय की ओर से जिला पंजीयक को पत्र भेजकर 145 अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने-बेचने और रजिस्ट्री पर रोक लगाने की मांग की थी। इनमें ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की 97, पूर्व विधानसभा की 40 और दक्षिण व ग्वालियर विधानसभा की चार-चार कॉलोनियां शामिल हैं।

पहले भी चले अभियान, नतीजा वही
निगम पहले भी कई बार अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान चला चुका है, लेकिन न तो किसी बड़े बिल्डर पर एफआईआर हुई और न ही कॉलोनाइजरों पर कड़ी कार्रवाई। नतीजत अवैध प्लॉटिंग का कारोबार आज भी बेरोकटोक जारी है। यही कारण है कि इस बार की कार्रवाई को लेकर भी लोगों में संदेह बना हुआ है।

297 वैध कॉलोनियों की सूची ऑनलाइन
निगम सीमा क्षेत्र में कुल 297 वैध कॉलोनियां हैं। इनमें ग्वालियर विधानसभा में 59, पूर्व में 126, दक्षिण में 23 और ग्रामीण क्षेत्र में 89 कॉलोनियां शामिल हैं। इनकी सूची निगम की वेबसाइट पर अपलोड की है ताकि लोग वैध कॉलोनियों में ही प्लॉट और मकान खरीद सकें।

फैक्ट फाइल:
अवैध कॉलोनियां कुल : 932
ग्वालियर विधानसभा : 109
पूर्व विधानसभा : 107
दक्षिण विधानसभा : 44
ग्रामीण विधानसभा : 672

हाल की प्रमुख कार्रवाई
12 मार्च: केदारपुर में करीब 1.455 हेक्टेयर जमीन पर बनी अवैध कॉलोनी में सड़क, सीवर, बाउंड्रीवॉल और बिजली पोल हटाए गए।
11 मार्च: सालूपुरा में 15.30 हेक्टेयर क्षेत्र में बनी सात अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई की गई।
20 फरवरी: गिरवाई में 1.34 हेक्टेयर क्षेत्र में अवैध कॉलोनी की सड़क और सीवर लाइन हटाई गई।
04 फरवरी: पिपरौली में 5.13 हेक्टेयर जमीन पर बनी तीन अवैध कॉलोनियों में तोड़फोड़ की गई।
02 फरवरी: पिपरौली क्षेत्र में तीन अवैध कॉलोनियों में सड़क, सीवर और बाउंड्रीवॉल हटाए गए।

इन इलाकों में हो रही कार्रवाई
पिपरौली, सालूपुरा, पुरानी छावनी, गिरवाई, नौगांव, केदारपुर, गंगापुर, अजयपुर, वीरपुर, महाराजपुरा, सैथरी, मोतीझील, खुरैरी और जगनापुरा क्षेत्रों में की जा रही है।

ये है भवन अधिकारी
ग्रामीण विस-राजू गोयल,पवन शर्मा
पूर्व विस-वीरेंद्र शाक्य,यशवंत मैकले
ग्वालियर-बीके त्यागी,राकेश कश्यप
दक्षिण-राजीव सोनी,वेदप्रकाश निरंजन

इनके यहां अब तक हुई कार्रवाई, इन्हें करानी थी एफआईआर
भवन अधिकारी ग्रामीण राजू गोयल,पवन शर्मा
भवन अधिकारी पूर्व विस वीरेंद्र शाक्य,यशवंत मैकले

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