गोरखपुर में LPG सिलेंडर की किल्लत ने न सिर्फ बड़े होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैफे संचालकों की दिक्कत बढ़ाई है, बल्कि रोड किनारे ठेला लगा कर अपना जीवन यापन करने वाले व्यवसायियों के संकट भी बढ़ा दी है। आलम यह है कि ज्यादातर दुकानदारों ने अपने मैन्यू को एकदम कम कर दिया है। फास्ट फूड के ठेलों पर जहां पहले, मोमो, चाउमीन, बर्गर, फ्राई राईस, फ्रेंच फ्राई, चिली पोटैटो के साथ अन्य सामान बिकते थे। वहीं अब सिर्फ मोमो ही मिल रहा है। वजह है सिलेंडर न मिलना। पार्क रोड पर फास्ट फूड का स्टॉल लगाने वाले सूरज ने बताया- पिछले 2 हफ्ते से सिर्फ मोमो ही बेच रहा हूं। कुछ दिनों तक सिलेंडर मिला था, उस समय गैस बचाने के लिए मैन्यू कम कर दिया था। अब तो सिलेंडर मिल ही नहीं रहा है। घर पर जो था फिलहाल उसी से काम चला रहा हूं। बाकी आइटम के न बिकने से लॉस भी हो रहा है। लेकिन क्या कर सकते हैं। दुकान बंद न हो इसिलिए सिर्फ मोमो बेच रहा हूं। घर का सिलेंडर लाकर दुकान चला रहे वहीं चटोरी गली के बाहर चाट का स्टॉल लगाने वाले दुकानदार ने बताया- घर पर चूल्हे पर खाना बन रहा है। लेकिन दुकान के लिए क्या करते। इसीलिए कुछ दिन से घर का सिलेंडर लाकर दुकान चला रहे हैं। मन में डर लगा हुआ है कि यह भी खत्म हो जाएगा तो कैसे काम चलेगा। दुकान बंद करनी पड़ेगी। 5 लीटर वाले कॉमर्शियल सिलेंडर पर शिफ्ट हुए इसके अलावा तमाम ऐसे भी दुकानदार हैं जो 5 लीटर वाले कॉमर्शियल सिलेंडर पर शिफ्ट हो गए है। रोज 200 रुपए लीटर गैस भरवा कर दुकान चला रहे हैं। उनका कहना है कि एक तो मैन्यू कम करनी पड़ी है। ऊपर से महंगा गैस डलवा कर दुकान खोलनी पड़ रही है। चटोरी गली के बाहर, गोलघर, काली मंदिर, विजय चौक, यूनिवर्सिटी गेट के सामने सहित शहर के तमाम जगहों पर फास्ट फूड और नास्ता की दुकान लगाने वाले दुकानदारों को मेन्यू से आइटम कम करने पड़े हैं।


