Online Fraud: @नारद योगी। रायपुर में ठगी का एक और बड़ा मामला सामने आया है, जहां ठगों ने दो महिलाओं को अपना शिकार बनाते हुए 13 लाख रुपए से अधिक की रकम हड़प ली। आरोपियों ने झांसा देकर महिलाओं से पैसे ट्रांसफर करवा लिए, जिसके बाद मामला सामने आने पर पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बताया जा रहा है कि कम निवेश में ज्यादा कमाई, घर बैठे पैसा कमाओ…जैसे लुभावनी बातें करके युवाओं को ठगा जा रहा है। सिविल लाइन इलाके में एक महिला को साइबर ठगों ने स्टार रेटिंग से पैसे कमाने का झांसा देकर ऑनलाइन ठग लिया। इसकी शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना में लिया है। पुलिस के मुताबिक एक निजी कंपनी में मैनेजर प्रीति के मोबाइल में अज्ञात नंबर से वाट्सऐप मैसेज आया। इसमें ऑनलाइन स्टार रेटिंग देकर रोज 5 से 8 हजार रुपए कमाने का दावा किया गया था।
महिला ने मैसेज पर भरोसा कर लिया और अपनी सहमति दे दी। इसके बाद उन्हें एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया। इसके बाद उन्हें एक लिंक भेजकर दूसरे टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया। इसके बाद उन्हें टॉस्क दिया गया। पहले दिन के टॉस्क में रेटिंग पूरा करने पर उनके खाते में 180 रुपए ऑनलाइन मिले। फिर दूसरा टास्क दिया गया। इसे पूरा करने पर उन्हें बताया कि आपका 10 हजार रुपए हो गए है।
यह कहते हुए उन्हें एक वर्चुअल अकाउंट में पैसा दिखाया गया। इसे महिला ने सही मान लिया। इसके बाद महिला से पैसा जमा करवाना शुरू किया। महिला साइबर ठगों के झांसे में आकर उनके बताए अलग-अलग बैंक खातों में कुल 6 लाख 30 हजार रुपए जमा कर दिए। जब वह कुल जमा पैसे वापस मांगने लगी, तो ठगों ने उसे और रकम जमा करने के लिए कहा। इसके बाद महिला को धोखाधड़ी का अहसास हुआ। इसकी शिकायत उन्होंने सिविल लाइन थाने में की। पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना में लिया है।
आरडीए में मकान दिलाने का झांसा
रायपुर के माना इलाके में आरडीए का मकान दिलाने का झांसा देकर एक महिला से 7 लाख से अधिक की धोखाधड़ी हो गई। इसकी शिकायत पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस के मुताबिक कविता मंडल की मोहल्ले के राकेश मंडल और पुनीत सिंह से जान-पहचान थी। राकेश मंडल और उनकी पत्नी सरिता मंडल ने उन्हें आरडीए में अच्छा घर दिलाने का झांसा दिया।
इसके बाद राकेश और पुनीत ने मिलकर कविता से अलग-अलग दिन 7 लाख 10 हजार रुपए ले लिए। रकम लेने के बाद भी आरोपियों ने उन्हें मकान नहीं दिलाया। इसकी शिकायत पीडि़ता ने थाने में की, लेकिन आरोपियों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीडि़ता ने न्यायालय में परिवाद दायर किया। न्यायालय ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद माना पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना में लिया है।


