ग्वालियर में अब एक नए तरीके से फ्रॉड हुआ है। एक बीएसएफ जवान को ठगों ने 8 लाख रुपए का चूना लगाया है। 17 महीने पहले बीएसएफ जवान के पास दिल्ली से एसबीआई के कथित अधिकारी का कॉल आया। कॉल करने वाले ने बताया कि आपने 11 लाख रुपए का लोन लिया है, लेकिन आपका बैंक सिविल (सिबिल) ठीक नहीं है। बैंक अपना लोन वापस चाहती है। यदि आपने लोन वापस नहीं किया तो आपका बैंक खाता होल्ड कर दिया जाएगा। इस बात से बीएसएफ जवान डर गया। उसने बहन की शादी के लिए लोन लिया था। बातचीत के दौरान अफसर बनकर बात कर रहे युवक ने उसे एक ओटीपी भेजा। जैसे ही जवान ने ओटीपी बताया, उसके अकाउंट से 8 लाख रुपए निकल गए। कुछ दिन बाद जब वह बैंक पहुंचा तो वहां अधिकारियों ने बताया कि बैंक इस तरह कभी लोन वापस नहीं मांगती। आप ऑनलाइन फ्रॉड के शिकार हुए हैं। इसके बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत की। लंबी जांच के बाद अब जाकर क्राइम ब्रांच ग्वालियर में मामला दर्ज किया गया है। भिंड का जवान बना ऑनलाइन ठगी का शिकार भिंड लहार निवासी 28 वर्षीय अवनीश पुत्र गफ्फार खान बीएसएफ टेकनपुर में बतौर आरक्षक (धोबी) पदस्थ हैं। उनका स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, टेकनपुर शाखा में सैलरी अकाउंट है। साल 2024 में अवनीश ने बहन की शादी के लिए 11 लाख रुपए का लोन लिया था। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन 3 सितंबर 2024 को उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना परिचय विनोद कुमार, हेड मैनेजर एसबीआई दिल्ली के रूप में दिया। इसके बाद आरक्षक को डराते हुए कहा कि आपने एसबीआई से 11 लाख रुपए का लोन लिया है, लेकिन लोन लेने के बाद आपकी बैंक सिविल (सिबिल) लगातार गिरती जा रही है। आपकी गिरती सिविल के कारण बैंक ने आपसे 11 लाख रुपए का लोन वापस लेने का निर्णय लिया है। इस पर जवान ने कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है, उन्होंने कोई अन्य लोन या गड़बड़ी नहीं की है। लेकिन अधिकारी बनकर बात कर रहे व्यक्ति ने कहा कि कभी-कभी ऐसा हो जाता है। यदि अभी लोन की रकम वापस नहीं की तो आपका अकाउंट होल्ड करना पड़ेगा। ऐसा हुआ तो भविष्य में कभी लोन नहीं मिलेगा और आपकी साख हमेशा के लिए खराब हो जाएगी। ओटीपी भेजा, शेयर करते ही आठ लाख रुपए निकल गए इसके बाद बैंक अधिकारी बनकर बात कर रहे युवक ने आरक्षक को डरा दिया, जिस पर वह तैयार हो गया। हालांकि आरक्षक ने बताया कि उसके अकाउंट में अभी सिर्फ आठ लाख रुपए ही हैं। इस पर कॉल करने वाले ने उसके मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा, जिसे आरक्षक ने उसे बता दिया। ओटीपी शेयर करते ही उसके अकाउंट से आठ लाख रुपए दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर हो गए। जून 2025 में हुआ ठगी का खुलासा इसके बाद आरक्षक यही सोचता रहा कि उसने आठ लाख रुपए वापस कर दिए हैं और तीन लाख रुपए अभी और करने हैं। 17 जून 2025 को जब वह एसबीआई टेकनपुर शाखा पहुंचा, तो वहां अधिकारियों ने बताया कि बैंक इस तरह कभी लोन वापस नहीं मांगती। ऐसा इतिहास में कभी नहीं हुआ। आप ऑनलाइन फ्रॉड के शिकार हुए हैं, इसकी शिकायत करें। आरक्षक ने मामले की शिकायत ग्वालियर पुलिस से की थी। जांच के बाद शनिवार को क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज कर लिया है।


