जमुई के झाझा में वन स्टॉप सेंटर का उद्घाटन:महिलाओं को एक छत के नीचे मिलेगी मदद, जीविका दीदियां सम्मानित

जमुई के झाझा में वन स्टॉप सेंटर का उद्घाटन:महिलाओं को एक छत के नीचे मिलेगी मदद, जीविका दीदियां सम्मानित

जमुई में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान जिला समाहरणालय के सभाकक्ष में जीविका दीदियों को सम्मानित किया गया, जबकि झाझा में ‘वन स्टॉप सेंटर’ का उद्घाटन कर महिलाओं के लिए एक नई सुविधा का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी नवीन ने की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को हमेशा सम्मान और समानता का स्थान दिया गया है। आज महिलाएं जल, थल और नभ सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। विभिन्न योजनाओं ने महिलाओं को सुरक्षा और अवसर प्रदान किए जिलाधिकारी ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं ने महिलाओं को सुरक्षा और अवसर प्रदान किए हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का अवसर भी है। इस अवसर पर उन जीविका दीदियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने प्रयासों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। सम्मानित होने वालों में बेबी कुमारी, सुमन कुमारी, पिंकी कुमारी, सुकांती कुमारी और दिव्यांग बबिता देवी शामिल थीं। मौके पर मौजूद रहे अधिकारी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी मेनका कुमारी ने महिलाओं के साहस और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए उन्हें समाज की प्रेरणा बताया। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर झाझा में ‘वन स्टॉप सेंटर’ का उद्घाटन किया गया। अपर समाहर्ता रविकांत सिन्हा, वरीय उपसमाहर्ता सावन कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार और विभिन्न पंचायतों की महिला मुखियाओं ने दीप प्रज्वलित कर इसका शुभारंभ किया। यह केंद्र पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर चिकित्सीय सहायता, कानूनी सलाह और परामर्श जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर और जागरूक रहने का संदेश कार्यक्रम के दौरान कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और प्लस टू बालिका उच्च विद्यालय झाझा की छात्राओं ने रैली, स्वागत गीत और नृत्य प्रस्तुत कर महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया। इस अवसर पर समाज और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं, छात्राओं और शिक्षिकाओं को मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने महिलाओं और बालिकाओं को शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर और जागरूक रहने का संदेश दिया। जमुई में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान जिला समाहरणालय के सभाकक्ष में जीविका दीदियों को सम्मानित किया गया, जबकि झाझा में ‘वन स्टॉप सेंटर’ का उद्घाटन कर महिलाओं के लिए एक नई सुविधा का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी नवीन ने की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को हमेशा सम्मान और समानता का स्थान दिया गया है। आज महिलाएं जल, थल और नभ सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। विभिन्न योजनाओं ने महिलाओं को सुरक्षा और अवसर प्रदान किए जिलाधिकारी ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं ने महिलाओं को सुरक्षा और अवसर प्रदान किए हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का अवसर भी है। इस अवसर पर उन जीविका दीदियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने प्रयासों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। सम्मानित होने वालों में बेबी कुमारी, सुमन कुमारी, पिंकी कुमारी, सुकांती कुमारी और दिव्यांग बबिता देवी शामिल थीं। मौके पर मौजूद रहे अधिकारी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी मेनका कुमारी ने महिलाओं के साहस और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए उन्हें समाज की प्रेरणा बताया। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर झाझा में ‘वन स्टॉप सेंटर’ का उद्घाटन किया गया। अपर समाहर्ता रविकांत सिन्हा, वरीय उपसमाहर्ता सावन कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार और विभिन्न पंचायतों की महिला मुखियाओं ने दीप प्रज्वलित कर इसका शुभारंभ किया। यह केंद्र पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर चिकित्सीय सहायता, कानूनी सलाह और परामर्श जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर और जागरूक रहने का संदेश कार्यक्रम के दौरान कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और प्लस टू बालिका उच्च विद्यालय झाझा की छात्राओं ने रैली, स्वागत गीत और नृत्य प्रस्तुत कर महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया। इस अवसर पर समाज और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं, छात्राओं और शिक्षिकाओं को मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने महिलाओं और बालिकाओं को शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर और जागरूक रहने का संदेश दिया।  

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