नवादा जिले में एक पिकअप वाहन पलटने से एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि 20 से 25 बच्चे घायल हो गए। यह घटना गोविंदपुर प्रखंड के कमलापुर रोड पर हुई। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, वाहन सड़क से करीब 20 फीट नीचे जाकर चार बार पलटा। ग्रामीण, जो पास में गेहूं की फसल काट रहे थे, तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्चों को वाहन से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची मृतक बच्ची की पहचान आयुषी कुमारी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि यह वाहन एक स्कूल का था और इसमें क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे। उनका यह भी कहना है कि वाहन तेज रफ्तार में चल रहा था। लोगों ने स्कूल संचालक से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। स्थानीय लोगों में स्कूल प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में स्कूल प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश है। लोगों का सवाल है कि जिस वाहन में 12 से 15 बच्चों को बैठाने की अनुमति है, उसमें 20 से 25 बच्चे कैसे सवार थे। उन्होंने ऐसे मामलों में कार्रवाई न होने पर भी नाराजगी व्यक्त की। नवादा जिले में एक पिकअप वाहन पलटने से एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि 20 से 25 बच्चे घायल हो गए। यह घटना गोविंदपुर प्रखंड के कमलापुर रोड पर हुई। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, वाहन सड़क से करीब 20 फीट नीचे जाकर चार बार पलटा। ग्रामीण, जो पास में गेहूं की फसल काट रहे थे, तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्चों को वाहन से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची मृतक बच्ची की पहचान आयुषी कुमारी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि यह वाहन एक स्कूल का था और इसमें क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे। उनका यह भी कहना है कि वाहन तेज रफ्तार में चल रहा था। लोगों ने स्कूल संचालक से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। स्थानीय लोगों में स्कूल प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में स्कूल प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश है। लोगों का सवाल है कि जिस वाहन में 12 से 15 बच्चों को बैठाने की अनुमति है, उसमें 20 से 25 बच्चे कैसे सवार थे। उन्होंने ऐसे मामलों में कार्रवाई न होने पर भी नाराजगी व्यक्त की।


