मुंगेर में गुरुवार को कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम 2013 (पॉश एक्ट) पर आधारित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन महिला एवं बाल विकास निगम, मुंगेर द्वारा संग्रहालय सभागार में किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अपर समाहर्ता मनोज कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सिविल सर्जन मुंगेर, जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्रम अधीक्षक, मुख्य प्रशिक्षक अंकिता कश्यप (महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार पटना), जिला प्रोग्राम पदाधिकारी गुंजन मौली, जिला परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार सिन्हा, जिला मिशन समन्वयक शालिग्राम प्रसाद, वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ मनोज कुमार मंडल और सखी वन स्टॉप सेंटर की शिप्रा कुमारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान राज्य परियोजना प्रबंधक ने पॉश एक्ट के प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में, जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन अनिवार्य है। यह भी स्पष्ट किया गया कि अधिनियम का पालन न करने वाले संस्थानों पर जुर्माने का प्रावधान है। गठित आंतरिक शिकायत समिति को प्रत्येक वर्ष संबंधित कार्यालय में वार्षिक प्रतिवेदन जमा करना होगा। साथ ही, संस्थान परिसर में अधिनियम से संबंधित व्यापक प्रचार-प्रसार करना भी आवश्यक है। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न के मामलों में लापरवाही बरतने वाले संस्थान प्रमुखों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुंगेर में गुरुवार को कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम 2013 (पॉश एक्ट) पर आधारित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन महिला एवं बाल विकास निगम, मुंगेर द्वारा संग्रहालय सभागार में किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अपर समाहर्ता मनोज कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सिविल सर्जन मुंगेर, जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्रम अधीक्षक, मुख्य प्रशिक्षक अंकिता कश्यप (महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार पटना), जिला प्रोग्राम पदाधिकारी गुंजन मौली, जिला परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार सिन्हा, जिला मिशन समन्वयक शालिग्राम प्रसाद, वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ मनोज कुमार मंडल और सखी वन स्टॉप सेंटर की शिप्रा कुमारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान राज्य परियोजना प्रबंधक ने पॉश एक्ट के प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में, जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन अनिवार्य है। यह भी स्पष्ट किया गया कि अधिनियम का पालन न करने वाले संस्थानों पर जुर्माने का प्रावधान है। गठित आंतरिक शिकायत समिति को प्रत्येक वर्ष संबंधित कार्यालय में वार्षिक प्रतिवेदन जमा करना होगा। साथ ही, संस्थान परिसर में अधिनियम से संबंधित व्यापक प्रचार-प्रसार करना भी आवश्यक है। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न के मामलों में लापरवाही बरतने वाले संस्थान प्रमुखों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


