बांका में राजस्व कर्मचारियों का एकदिवसीय धरना:11 सूत्री मांगों पर कार्रवाई न होने से आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

बांका में राजस्व कर्मचारियों का एकदिवसीय धरना:11 सूत्री मांगों पर कार्रवाई न होने से आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

बांका समाहरणालय परिसर में गुरुवार को जिले भर के राजस्व कर्मचारियों ने अपनी 11 सूत्री मांगों के समर्थन में एकदिवसीय धरना और विरोध प्रदर्शन किया। बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ (गोप गुट) के बैनर तले आयोजित इस धरने के कारण समाहरणालय और अंचल कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हुआ, जिससे आम लोगों को परेशानी हुई। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि राजस्व कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर कई वर्षों से विभागीय अधिकारियों, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के तत्कालीन मंत्री और अपर मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपे गए हैं। विभाग के तत्कालीन अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह के हस्ताक्षर से मांगों के निष्पादन के लिए पत्र भी जारी किया गया था। हालांकि, लगभग आठ माह बीत जाने के बाद भी इन मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे कर्मचारियों में गहरा असंतोष है।
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि अन्य विभागों की तुलना में राजस्व विभाग के निचले स्तर के कर्मचारियों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उनकी मुख्य मांगों में ग्रेड पे 1900 (लेवल-2) के स्थान पर 2800 (लेवल-5) या स्नातक योग्यता के आधार पर 4200 ग्रेड पे देना शामिल है। कार्य अवधि सुबह 10 से शाम 5 बजे तक सुनिश्चित की जाए इसके अतिरिक्त, नवनियुक्त राजस्व कर्मचारियों को गृह जिले में पदस्थापित करने और कार्य निष्पादन के लिए मॉडेम, डोंगल, इंटरनेट रिचार्ज, मोटरसाइकिल तथा ईंधन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। कर्मचारियों ने यह भी मांग की कि एक कर्मी को केवल एक ही हल्का या पंचायत का प्रभार दिया जाए। कार्य अवधि सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक सुनिश्चित की जाए और रविवार तथा राजपत्रित अवकाश में आपदा संबंधी कार्यों को छोड़कर अन्य कार्य न लिए जाएं। कर्मचारियों का आरोप है कि लगातार महाअभियान और विशेष कार्यों के नाम पर सुबह से देर रात तक काम कराया जा रहा है, जिससे उनका मानसिक और पारिवारिक जीवन प्रभावित हो रहा है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि विभाग शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेता है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष मधेश कुमार, जिला सचिव लोकेश कुमार, जिला कोषाध्यक्ष शंभु कुमार सहित जिले के सभी राजस्व कर्मचारी उपस्थित थे। धरने में ACP/MACP एवं सेवा संपुष्टि में हो रही देरी, कार्यालय, फर्नीचर, इंटरनेट और अन्य बुनियादी सुविधाओं के अभाव, निजी मोबाइल और संसाधनों के उपयोग के लिए मजबूर किए जाने तथा पदनाम परिवर्तन कर सहायक राजस्व पदाधिकारी किए जाने के निर्णय को लागू करने की भी मांग उठाई गई। बांका समाहरणालय परिसर में गुरुवार को जिले भर के राजस्व कर्मचारियों ने अपनी 11 सूत्री मांगों के समर्थन में एकदिवसीय धरना और विरोध प्रदर्शन किया। बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ (गोप गुट) के बैनर तले आयोजित इस धरने के कारण समाहरणालय और अंचल कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हुआ, जिससे आम लोगों को परेशानी हुई। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि राजस्व कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर कई वर्षों से विभागीय अधिकारियों, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के तत्कालीन मंत्री और अपर मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपे गए हैं। विभाग के तत्कालीन अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह के हस्ताक्षर से मांगों के निष्पादन के लिए पत्र भी जारी किया गया था। हालांकि, लगभग आठ माह बीत जाने के बाद भी इन मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे कर्मचारियों में गहरा असंतोष है।
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि अन्य विभागों की तुलना में राजस्व विभाग के निचले स्तर के कर्मचारियों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उनकी मुख्य मांगों में ग्रेड पे 1900 (लेवल-2) के स्थान पर 2800 (लेवल-5) या स्नातक योग्यता के आधार पर 4200 ग्रेड पे देना शामिल है। कार्य अवधि सुबह 10 से शाम 5 बजे तक सुनिश्चित की जाए इसके अतिरिक्त, नवनियुक्त राजस्व कर्मचारियों को गृह जिले में पदस्थापित करने और कार्य निष्पादन के लिए मॉडेम, डोंगल, इंटरनेट रिचार्ज, मोटरसाइकिल तथा ईंधन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। कर्मचारियों ने यह भी मांग की कि एक कर्मी को केवल एक ही हल्का या पंचायत का प्रभार दिया जाए। कार्य अवधि सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक सुनिश्चित की जाए और रविवार तथा राजपत्रित अवकाश में आपदा संबंधी कार्यों को छोड़कर अन्य कार्य न लिए जाएं। कर्मचारियों का आरोप है कि लगातार महाअभियान और विशेष कार्यों के नाम पर सुबह से देर रात तक काम कराया जा रहा है, जिससे उनका मानसिक और पारिवारिक जीवन प्रभावित हो रहा है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि विभाग शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेता है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष मधेश कुमार, जिला सचिव लोकेश कुमार, जिला कोषाध्यक्ष शंभु कुमार सहित जिले के सभी राजस्व कर्मचारी उपस्थित थे। धरने में ACP/MACP एवं सेवा संपुष्टि में हो रही देरी, कार्यालय, फर्नीचर, इंटरनेट और अन्य बुनियादी सुविधाओं के अभाव, निजी मोबाइल और संसाधनों के उपयोग के लिए मजबूर किए जाने तथा पदनाम परिवर्तन कर सहायक राजस्व पदाधिकारी किए जाने के निर्णय को लागू करने की भी मांग उठाई गई।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *