शेखपुरा में इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा के पहले दिन सोमवार को एक परीक्षार्थी को नकल के आरोप में निष्कासित कर पुलिस को सौंप दिया गया। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित यह परीक्षा जिले में कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई, जिसमें पहली पाली में जीव विज्ञान और दूसरी पाली में अर्थशास्त्र की परीक्षा हुई। जिले में कुल 16 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें सरकारी और निजी दोनों तरह के विद्यालय शामिल हैं। कदाचार मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रत्येक केंद्र पर स्थायी दंडाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त, उड़न दस्ता का भी गठन किया गया है। जिलाधिकारी शेखर आनंद और SP बलिराम कुमार चौधरी ने भी परीक्षा की पवित्रता की निगरानी की। एक परीक्षार्थी को नकल करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया निष्कासन की घटना बरबीघा प्लस टू उच्च विद्यालय केंद्र पर हुई। प्रथम पाली की परीक्षा के दौरान एक परीक्षार्थी को नकल करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया, जिसके बाद उसे परीक्षा से निष्कासित कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। प्रथम पाली में जीव विज्ञान की परीक्षा में कुल 6017 परीक्षार्थियों में से 5954 उपस्थित हुए, जबकि 63 अनुपस्थित रहे। द्वितीय पाली में अर्थशास्त्र की परीक्षा के लिए पंजीकृत 267 परीक्षार्थियों में से 262 उपस्थित हुए और 5 अनुपस्थित रहे। पहले सभी परीक्षार्थियों की सघन तलाशी ली गई परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले सभी परीक्षार्थियों की सघन तलाशी ली गई। कदाचार रोकने के लिए CCTV और वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है। परीक्षार्थियों, वीक्षकों या किसी अन्य को भी परीक्षा हॉल के अंदर मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के निर्देशों के अनुसार, सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले हॉल में प्रवेश करना अनिवार्य था। विलंब से परीक्षा हॉल में भी कई विद्यार्थियों के प्रवेश करने के प्रयास को विफल कर दिया गया। बड़ी संख्या में विलंब से आने वाले परीक्षार्थी परीक्षा से वंचित भी रह गए हैं। इन लोगों ने परीक्षा हॉल के बाहर अंदर जाने के लिए आरजु विनती करते रह गए। शेखपुरा में इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा के पहले दिन सोमवार को एक परीक्षार्थी को नकल के आरोप में निष्कासित कर पुलिस को सौंप दिया गया। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित यह परीक्षा जिले में कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई, जिसमें पहली पाली में जीव विज्ञान और दूसरी पाली में अर्थशास्त्र की परीक्षा हुई। जिले में कुल 16 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें सरकारी और निजी दोनों तरह के विद्यालय शामिल हैं। कदाचार मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रत्येक केंद्र पर स्थायी दंडाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त, उड़न दस्ता का भी गठन किया गया है। जिलाधिकारी शेखर आनंद और SP बलिराम कुमार चौधरी ने भी परीक्षा की पवित्रता की निगरानी की। एक परीक्षार्थी को नकल करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया निष्कासन की घटना बरबीघा प्लस टू उच्च विद्यालय केंद्र पर हुई। प्रथम पाली की परीक्षा के दौरान एक परीक्षार्थी को नकल करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया, जिसके बाद उसे परीक्षा से निष्कासित कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। प्रथम पाली में जीव विज्ञान की परीक्षा में कुल 6017 परीक्षार्थियों में से 5954 उपस्थित हुए, जबकि 63 अनुपस्थित रहे। द्वितीय पाली में अर्थशास्त्र की परीक्षा के लिए पंजीकृत 267 परीक्षार्थियों में से 262 उपस्थित हुए और 5 अनुपस्थित रहे। पहले सभी परीक्षार्थियों की सघन तलाशी ली गई परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले सभी परीक्षार्थियों की सघन तलाशी ली गई। कदाचार रोकने के लिए CCTV और वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है। परीक्षार्थियों, वीक्षकों या किसी अन्य को भी परीक्षा हॉल के अंदर मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के निर्देशों के अनुसार, सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले हॉल में प्रवेश करना अनिवार्य था। विलंब से परीक्षा हॉल में भी कई विद्यार्थियों के प्रवेश करने के प्रयास को विफल कर दिया गया। बड़ी संख्या में विलंब से आने वाले परीक्षार्थी परीक्षा से वंचित भी रह गए हैं। इन लोगों ने परीक्षा हॉल के बाहर अंदर जाने के लिए आरजु विनती करते रह गए।


