साइबर अपराधियों ने तीन लोगों से ठगी की है। राजीवनगर के विवेक मिश्रा निजी कंपनी में काम करते हैं। विवेक को शातिर ने बैंक अधिकारी बनकर फोन किया। कहा-वह बैंक के क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट से बोल रहा है। उसने लिमिट बढ़ाने का झांसा दिया और कहा कि यह ऑफर कुछ ही समय के लिए है। इससे जुड़ी जानकारी आपको भेज रहा हूं। इसके बाद उनके मोबाइल पर एक एपीके फाइल भेज दी। एपीके फाइल में क्रेडिट कार्ड लिखा था। विवेक ने जैसे ही एपीके फाइल पर क्लिक किया उनका मोबाइल हैक हो गया। शातिर उनका मोबाइल ऑपरेट करने लगा। विवेक ने मोबाइल ऑफ कर दिया। कुछ देर बाद उन्होंने मोबाइल ऑन किया और बैलेंस चेक किया तो पता चला कि उनके खाते से 3.41 लाख की निकासी हो गई है। पालीगंज के सुदीप राज को भी क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट का अधिकारी बनकर फोन किया। उनके मोबाइल पर ओटीपी भी आया। सुदीप का कहना है कि उन्होंने शातिर को कोई जानकारी नहीं दी। इसके बाद भी खाते से 40 हजार की निकासी हो गई। न फोन, न ओटीपी आया, फिर भी खाते से 2.39 लाख की निकासी प्रिंस कुमार बाढ़ के रहने वाले हैं। उन्होंने साइबर थाने की पुलिस को बताया कि उनके पिता के खाते से 2.39 लाख की निकासी हो गई। शातिर ने उनके पिता को फोन नहीं किया। ओटीपी भी नहीं आया। जब खाता अपडेट कराया गया तो पता चला कि निकासी हो गई है। बैंक ने बताया कि निकासी यूपीआई से की गई है। एपीके फाइल आती है तो उसपर क्लिक नहीं करें। क्लिक करने पर आपका मोबाइल हैक हो जाएगा और खाता से निकासी हो जाएगी। ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक डिटेल्स या पासवर्ड किसी से शेयर नहीं करें। ठगी का शक होते ही इंटरनेट या वाईफाई बंद कर दें और तुरंत 1930 पर कॉल करें। cybercrime.gov.in पर भी शिकायत करें। साइबर अपराधियों ने तीन लोगों से ठगी की है। राजीवनगर के विवेक मिश्रा निजी कंपनी में काम करते हैं। विवेक को शातिर ने बैंक अधिकारी बनकर फोन किया। कहा-वह बैंक के क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट से बोल रहा है। उसने लिमिट बढ़ाने का झांसा दिया और कहा कि यह ऑफर कुछ ही समय के लिए है। इससे जुड़ी जानकारी आपको भेज रहा हूं। इसके बाद उनके मोबाइल पर एक एपीके फाइल भेज दी। एपीके फाइल में क्रेडिट कार्ड लिखा था। विवेक ने जैसे ही एपीके फाइल पर क्लिक किया उनका मोबाइल हैक हो गया। शातिर उनका मोबाइल ऑपरेट करने लगा। विवेक ने मोबाइल ऑफ कर दिया। कुछ देर बाद उन्होंने मोबाइल ऑन किया और बैलेंस चेक किया तो पता चला कि उनके खाते से 3.41 लाख की निकासी हो गई है। पालीगंज के सुदीप राज को भी क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट का अधिकारी बनकर फोन किया। उनके मोबाइल पर ओटीपी भी आया। सुदीप का कहना है कि उन्होंने शातिर को कोई जानकारी नहीं दी। इसके बाद भी खाते से 40 हजार की निकासी हो गई। न फोन, न ओटीपी आया, फिर भी खाते से 2.39 लाख की निकासी प्रिंस कुमार बाढ़ के रहने वाले हैं। उन्होंने साइबर थाने की पुलिस को बताया कि उनके पिता के खाते से 2.39 लाख की निकासी हो गई। शातिर ने उनके पिता को फोन नहीं किया। ओटीपी भी नहीं आया। जब खाता अपडेट कराया गया तो पता चला कि निकासी हो गई है। बैंक ने बताया कि निकासी यूपीआई से की गई है। एपीके फाइल आती है तो उसपर क्लिक नहीं करें। क्लिक करने पर आपका मोबाइल हैक हो जाएगा और खाता से निकासी हो जाएगी। ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक डिटेल्स या पासवर्ड किसी से शेयर नहीं करें। ठगी का शक होते ही इंटरनेट या वाईफाई बंद कर दें और तुरंत 1930 पर कॉल करें। cybercrime.gov.in पर भी शिकायत करें।


