बिहार में गंगा बनारस की तर्ज पर साफ होगी। इसके लिए बिहार में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की संख्या बढ़ाई जा रही है। राज्य के विभिन्न नालों से निकलने वाला गंदा पानी अब बिना ट्रीटमेंट गंगा में नहीं गिरेगा। पहले बिहार में कुल STP की संख्या 39 थी, जो अब बढ़कर 44 हो गई है। समस्तीपुर, जमालपुर, खगड़िया और बरौनी में नया STP लगाया जाएगा। इसके साथ ही पटना में बिहार का सबसे बड़ा STP लगेगा। हाल ही में दिल्ली में नमामी गंगे की बैठक हुई, जिसके बाद नगर विकास एवं आवास विभाग ने बुडको को इसपर काम करने का आदेश दिया है। दीघा से लेकर पटना सिटी तक के नाले STP से जुड़ेंगे पटना में गंगा पथ के पास 400 एमएलडी क्षमता का नया एसटीपी बनेगा। यह दीघा से लेकर पटना सिटी तक के नालों को जोड़ेगा। नालों के पानी के लिए अलग चैनल बनाया जाएगा। बुडको प्रशासन के मुताबिक पटना में सर्वे का काम किया जा रहा है। अब सिर्फ एक एसटीपी 400 एमएलडी की बनेगी या दो एसटीपी 200 एमएलडी की बनेगी, ये डिजाइनिंग के समय फाइनल किया जाएगा। फ़िलहाल 39 STP में से 21 STP पूरा हो चुका है। 13 STP क्रियान्वित है, जिसमें से 6 इस साल कंप्लीट होगा और 7 अगले साल पूरा किया जाएगा। वहीं, 5 टेंडर फेज में है।
सभी बड़े नालों की टैपिंग होगी पटना में बनने वाले नए STP से दीघा, कुर्जी, राजापुर, मंदिरी, अंटा घाट और मित्तन घाट के नालें जुड़ेंगे। प्रमुख नालों का आंकलन किया गया है। अब डीपीआर तैयार होगी। सभी बड़े नालों की टैपिंग होगी। नालों का पानी इंटरसेप्शन एंड डाइवर्जन से एसटीपी तक लाया जाएगा। जहां पहले से सीवर लाइन का काम चल रहा है, वह पूरा होगा। लेकिन अब नए सिरे से सड़कों और गलियों की खुदाई नहीं होगी। संकरी गलियों में नेटवर्किंग का काम रोका जाएगा। बिहार में गंगा बनारस की तर्ज पर साफ होगी। इसके लिए बिहार में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की संख्या बढ़ाई जा रही है। राज्य के विभिन्न नालों से निकलने वाला गंदा पानी अब बिना ट्रीटमेंट गंगा में नहीं गिरेगा। पहले बिहार में कुल STP की संख्या 39 थी, जो अब बढ़कर 44 हो गई है। समस्तीपुर, जमालपुर, खगड़िया और बरौनी में नया STP लगाया जाएगा। इसके साथ ही पटना में बिहार का सबसे बड़ा STP लगेगा। हाल ही में दिल्ली में नमामी गंगे की बैठक हुई, जिसके बाद नगर विकास एवं आवास विभाग ने बुडको को इसपर काम करने का आदेश दिया है। दीघा से लेकर पटना सिटी तक के नाले STP से जुड़ेंगे पटना में गंगा पथ के पास 400 एमएलडी क्षमता का नया एसटीपी बनेगा। यह दीघा से लेकर पटना सिटी तक के नालों को जोड़ेगा। नालों के पानी के लिए अलग चैनल बनाया जाएगा। बुडको प्रशासन के मुताबिक पटना में सर्वे का काम किया जा रहा है। अब सिर्फ एक एसटीपी 400 एमएलडी की बनेगी या दो एसटीपी 200 एमएलडी की बनेगी, ये डिजाइनिंग के समय फाइनल किया जाएगा। फ़िलहाल 39 STP में से 21 STP पूरा हो चुका है। 13 STP क्रियान्वित है, जिसमें से 6 इस साल कंप्लीट होगा और 7 अगले साल पूरा किया जाएगा। वहीं, 5 टेंडर फेज में है।
सभी बड़े नालों की टैपिंग होगी पटना में बनने वाले नए STP से दीघा, कुर्जी, राजापुर, मंदिरी, अंटा घाट और मित्तन घाट के नालें जुड़ेंगे। प्रमुख नालों का आंकलन किया गया है। अब डीपीआर तैयार होगी। सभी बड़े नालों की टैपिंग होगी। नालों का पानी इंटरसेप्शन एंड डाइवर्जन से एसटीपी तक लाया जाएगा। जहां पहले से सीवर लाइन का काम चल रहा है, वह पूरा होगा। लेकिन अब नए सिरे से सड़कों और गलियों की खुदाई नहीं होगी। संकरी गलियों में नेटवर्किंग का काम रोका जाएगा।


