लखीसराय में महाशिवरात्रि पर 8 साल की बच्ची से रेप:पीड़िता का मेडिकल कराया गया, आरोपी गोपाल मिश्रा को पुलिस ने दबोचा

लखीसराय में महाशिवरात्रि पर 8 साल की बच्ची से रेप:पीड़िता का मेडिकल कराया गया, आरोपी गोपाल मिश्रा को पुलिस ने दबोचा

लखीसराय जिले के मेदनी चौकी थाना क्षेत्र के एक गांव में महाशिवरात्रि के दिन आठ वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आने से क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है। रविवार को हुए इस जघन्य कृत्य ने गांव से लेकर आसपास के इलाकों तक लोगों को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामला गंभीरता से जांच के दायरे में है। महाशिवरात्रि के दिन हुई दरिंदगी, गांव में दहशत घटना मेदनी चौकी थाना क्षेत्र के एक गांव की है, जहां रविवार को शिवरात्रि की तैयारियों के बीच बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान आठ वर्षीय मासूम को बहला-फुसलाकर सुनसान जगह ले जाया गया और उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। बच्ची घर पहुंचते ही रोने लगी। उसकी हालत देखकर परिजन घबरा गए और पूछताछ करने पर पूरा मामला सामने आया। परिवार तुरंत उसे लेकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। घटना की खबर फैलते ही गांव में तनाव और गुस्सा फैल गया। लोग दुष्कर्म जैसे अमानवीय अपराध को शिवरात्रि जैसे पवित्र दिन पर अंजाम दिए जाने से सदमे में हैं। आरोपी गोपाल मिश्रा को पुलिस ने दबोचा मामले की जानकारी मिलते ही मेदनी चौकी पुलिस सक्रिय हो गई। थानाध्यक्ष चितरंजन कुमार के नेतृत्व में टीम ने तत्काल छापेमारी शुरू की और कुछ ही घंटों में आरोपी गोपाल मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और उसके बयान के आधार पर अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। थानाध्यक्ष ने कहा कि “बच्ची की हालत और उसके बयान के आधार पर मामला बेहद गंभीर है। किसी भी हाल में आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया दुष्कर्म की पुष्टि के लिए पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया है। बच्ची की शारीरिक स्थिति को लेकर डॉक्टर्स लगातार उसकी निगरानी कर रहे हैं। इलाज कर रही टीम के मुताबिक बच्ची मानसिक रूप से सदमे में है और उसकी काउंसलिंग की भी आवश्यकता है। परिजनों का कहना है कि उनकी बच्ची काफी डरी हुई है और बार-बार रो पड़ती है। परिवार आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। पुलिस का दावा-पूरी तरह निष्पक्ष जांच, कठोर कार्रवाई सुनिश्चित थानाध्यक्ष चितरंजन कुमार ने बताया कि मामले की जांच हर एंगल से की जा रही है। घटनास्थल का मुआयना, फॉरेंसिक टीम की सहायता, मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता का बयान… सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा, “मामले में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। आरोपी के खिलाफ चार्जशीट जल्द से जल्द दाखिल की जाएगी, ताकि उसे न्यायालय से कठोर सजा दिलाई जा सके।” स्थानीय लोगों ने कहा- ऐसे दरिंदों के लिए सख्त कानून जरूरी घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चियों के साथ हो रहे अपराधों को रोकने के लिए समाज और प्रशासन दोनों को ज्यादा सतर्क होना चाहिए। कुछ लोगों ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की हरकत करने से पहले सौ बार सोच सके। बच्ची सदमे में, परिवार डरा-सहमा बच्ची अभी भी सदमे में है और बोलने की स्थिति में नहीं है। परिजन बताते हैं कि वह बार-बार डरकर मां की गोद में छिप जाती है। परिवार का कहना है कि वे न्याय चाहते हैं और चाहते हैं कि उनकी बच्ची सुरक्षित माहौल में लौट सके। यह पूरी घटना इस बात का संकेत है कि बिहार में बच्चियों की सुरक्षा अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। महाशिवरात्रि जैसे पवित्र दिन पर आठ वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म की घटना समाज को झकझोरने वाली है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपी पकड़ में आ गया, लेकिन अब पूरे क्षेत्र की नजरें इस बात पर हैं कि अदालत से उसे कितनी जल्दी और कित लखीसराय जिले के मेदनी चौकी थाना क्षेत्र के एक गांव में महाशिवरात्रि के दिन आठ वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आने से क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है। रविवार को हुए इस जघन्य कृत्य ने गांव से लेकर आसपास के इलाकों तक लोगों को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामला गंभीरता से जांच के दायरे में है। महाशिवरात्रि के दिन हुई दरिंदगी, गांव में दहशत घटना मेदनी चौकी थाना क्षेत्र के एक गांव की है, जहां रविवार को शिवरात्रि की तैयारियों के बीच बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान आठ वर्षीय मासूम को बहला-फुसलाकर सुनसान जगह ले जाया गया और उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। बच्ची घर पहुंचते ही रोने लगी। उसकी हालत देखकर परिजन घबरा गए और पूछताछ करने पर पूरा मामला सामने आया। परिवार तुरंत उसे लेकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। घटना की खबर फैलते ही गांव में तनाव और गुस्सा फैल गया। लोग दुष्कर्म जैसे अमानवीय अपराध को शिवरात्रि जैसे पवित्र दिन पर अंजाम दिए जाने से सदमे में हैं। आरोपी गोपाल मिश्रा को पुलिस ने दबोचा मामले की जानकारी मिलते ही मेदनी चौकी पुलिस सक्रिय हो गई। थानाध्यक्ष चितरंजन कुमार के नेतृत्व में टीम ने तत्काल छापेमारी शुरू की और कुछ ही घंटों में आरोपी गोपाल मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और उसके बयान के आधार पर अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। थानाध्यक्ष ने कहा कि “बच्ची की हालत और उसके बयान के आधार पर मामला बेहद गंभीर है। किसी भी हाल में आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया दुष्कर्म की पुष्टि के लिए पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया है। बच्ची की शारीरिक स्थिति को लेकर डॉक्टर्स लगातार उसकी निगरानी कर रहे हैं। इलाज कर रही टीम के मुताबिक बच्ची मानसिक रूप से सदमे में है और उसकी काउंसलिंग की भी आवश्यकता है। परिजनों का कहना है कि उनकी बच्ची काफी डरी हुई है और बार-बार रो पड़ती है। परिवार आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। पुलिस का दावा-पूरी तरह निष्पक्ष जांच, कठोर कार्रवाई सुनिश्चित थानाध्यक्ष चितरंजन कुमार ने बताया कि मामले की जांच हर एंगल से की जा रही है। घटनास्थल का मुआयना, फॉरेंसिक टीम की सहायता, मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता का बयान… सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा, “मामले में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। आरोपी के खिलाफ चार्जशीट जल्द से जल्द दाखिल की जाएगी, ताकि उसे न्यायालय से कठोर सजा दिलाई जा सके।” स्थानीय लोगों ने कहा- ऐसे दरिंदों के लिए सख्त कानून जरूरी घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चियों के साथ हो रहे अपराधों को रोकने के लिए समाज और प्रशासन दोनों को ज्यादा सतर्क होना चाहिए। कुछ लोगों ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की हरकत करने से पहले सौ बार सोच सके। बच्ची सदमे में, परिवार डरा-सहमा बच्ची अभी भी सदमे में है और बोलने की स्थिति में नहीं है। परिजन बताते हैं कि वह बार-बार डरकर मां की गोद में छिप जाती है। परिवार का कहना है कि वे न्याय चाहते हैं और चाहते हैं कि उनकी बच्ची सुरक्षित माहौल में लौट सके। यह पूरी घटना इस बात का संकेत है कि बिहार में बच्चियों की सुरक्षा अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। महाशिवरात्रि जैसे पवित्र दिन पर आठ वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म की घटना समाज को झकझोरने वाली है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपी पकड़ में आ गया, लेकिन अब पूरे क्षेत्र की नजरें इस बात पर हैं कि अदालत से उसे कितनी जल्दी और कित  

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