पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर में महाशिवरात्रि के दिन रुद्राभिषेक होगा। महावीर मंदिर में मौजूद चारों शिवलिंग पर 60 रूद्राभिषेक के लिए बुकिंग हुई है। यह रुद्राभिषेक सुबह 5 बजे से लेकर रात 10 बजे तक होगा। शिवरात्रि के दिन रुद्राभिषेक करने के लिए भक्तों ने पहले से ही बुकिंग की है। इसके लिए भक्तों को बाहर से कोई भी सामान लाने की जरूरत नहीं है । दूध, दही, शहद, घी, शक्कर, बेलपत्र, भांग, धतूरा, आदि सामग्री सब चीज मंदिर से ही मिलेगी। भक्तों को सुबह से लेकर देर रात तक रुद्राभिषेक ब्राह्मणों के द्वारा कराया जाएगा। चारों शिवलिंग पर होगा रुद्राभिषेक महावीर मंदिर के बुकिंग काउंटर के संचालक पंडित राम मिलन ने बताया कि मंदिर में चार शिवलिंग में रुद्राभिषेक होगा। नीचे प्राचीन शिवलिंग पर कुल 17 रुद्राभिषेक, ऊपर शीशा बंद शिवलिंग पर कुल 17 रुद्राभिषेक और बीच में हनुमानजी के बगल में स्थित शिवलिंग पर कुल 9 रुद्राभिषेक होंगे। इसके अलावा सबसे ऊपर वाले फ्लोर पर एक और नई शिवलिंग स्थापित की गयी है, जहां भी 17 रुद्राभिषेक होगा। विजय राघव मंदिर में महाशिवरात्रि के पूर्व संध्या पर दीपोत्सव केसरी नगर स्थित श्री विजय राघव मंदिर में शनिवार की शाम दीपोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसमें मंदिर की ओर से असंख्य दीप तथा भक्तों द्वारा भी लाए गए दीप से मंदिर परिसर को सजाकर संध्या बेला में दीपोत्सव मनाया जाएगा।शनिवार की शाम सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा, हनुमानाष्टक, बजरंग बाण का पाठ कि जाएगा। महाशिवरात्रि पर भव्य झांकी भी निकलेगी। विराट रामायण मंदिर थीम पर बन रही झांकी इसके साथ ही महाशिवरात्रि पर खाजपुरा शिव मंदिर में भव्य आयोजन किया जाएगा। राजधानी के अलग-अलग इलाकों से 31 शोभायात्राएं और शिव-बारात झांकियां निकाली जाएंगी। इस बार ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ और ‘विराट रामायण मंदिर में 33 फुट ऊंचे शिवलिंग’ की थीम पर आधारित झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। तांडव नृत्य, गंगा आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा मंदिर परिसर में मुख्य समारोह होगा, जहां शोभायात्राओं के स्वागत के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन संध्या, तांडव नृत्य, गंगा आरती और महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, केंद्र व राज्य सरकार के कई मंत्री, धर्माचार्य और समाज के प्रबुद्ध जन भाग लेंगे और शोभायात्राओं के अभिनंदन के साथ झांकियों की आरती उतारेंगे। मुख्य मंच पर शोभायात्रा समितियों को प्रतीक चिह्न, मेडल व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया जाएगा। 20 स्थानों पर श्रद्धालुओं पर होगी पुष्प वर्षा डॉ. चौरसिया ने बताया कि महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बेली रोड, वीरचंद पटेल पथ और जेपी गंगा पथ पर बड़ी-बड़ी शिव पताकाएं लगाई गई हैं। जिन मुहल्लों से शोभायात्राएं निकलेंगी, उनका रूट चार्ट तैयार है।शोभायात्रा मार्ग में जगह-जगह तोरण द्वार बनाए जा रहे हैं। 20 स्थानों पर शोभायात्राओं पर पुष्प वर्षा की जाएगी और शरबत-पानी के स्टॉल लगाए जाएंगे। समारोह स्थल के पास बनेगा 60 फीट लंबा मंच मुख्य समारोह स्थल के पास 60 फीट लंबा मंच बनाया जा रहा है। पहले मंच पर अतिथि शिव बारात झांकियों की आरती करेंगे, दूसरे मंच पर भजन संध्या और तांडव नृत्य होगा और तीसरे मंच से गंगा आरती होगी। मुख्य मार्गों पर तोरण द्वार बनाए जाएंगे। घरों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को झंडों से पाटा जाएगा। मुख्य समारोह स्थल, खाजपुरा शिव मंदिर परिसर को रंगीन बल्बों और झालरों से सजाया जाएगा। पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर में महाशिवरात्रि के दिन रुद्राभिषेक होगा। महावीर मंदिर में मौजूद चारों शिवलिंग पर 60 रूद्राभिषेक के लिए बुकिंग हुई है। यह रुद्राभिषेक सुबह 5 बजे से लेकर रात 10 बजे तक होगा। शिवरात्रि के दिन रुद्राभिषेक करने के लिए भक्तों ने पहले से ही बुकिंग की है। इसके लिए भक्तों को बाहर से कोई भी सामान लाने की जरूरत नहीं है । दूध, दही, शहद, घी, शक्कर, बेलपत्र, भांग, धतूरा, आदि सामग्री सब चीज मंदिर से ही मिलेगी। भक्तों को सुबह से लेकर देर रात तक रुद्राभिषेक ब्राह्मणों के द्वारा कराया जाएगा। चारों शिवलिंग पर होगा रुद्राभिषेक महावीर मंदिर के बुकिंग काउंटर के संचालक पंडित राम मिलन ने बताया कि मंदिर में चार शिवलिंग में रुद्राभिषेक होगा। नीचे प्राचीन शिवलिंग पर कुल 17 रुद्राभिषेक, ऊपर शीशा बंद शिवलिंग पर कुल 17 रुद्राभिषेक और बीच में हनुमानजी के बगल में स्थित शिवलिंग पर कुल 9 रुद्राभिषेक होंगे। इसके अलावा सबसे ऊपर वाले फ्लोर पर एक और नई शिवलिंग स्थापित की गयी है, जहां भी 17 रुद्राभिषेक होगा। विजय राघव मंदिर में महाशिवरात्रि के पूर्व संध्या पर दीपोत्सव केसरी नगर स्थित श्री विजय राघव मंदिर में शनिवार की शाम दीपोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसमें मंदिर की ओर से असंख्य दीप तथा भक्तों द्वारा भी लाए गए दीप से मंदिर परिसर को सजाकर संध्या बेला में दीपोत्सव मनाया जाएगा।शनिवार की शाम सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा, हनुमानाष्टक, बजरंग बाण का पाठ कि जाएगा। महाशिवरात्रि पर भव्य झांकी भी निकलेगी। विराट रामायण मंदिर थीम पर बन रही झांकी इसके साथ ही महाशिवरात्रि पर खाजपुरा शिव मंदिर में भव्य आयोजन किया जाएगा। राजधानी के अलग-अलग इलाकों से 31 शोभायात्राएं और शिव-बारात झांकियां निकाली जाएंगी। इस बार ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ और ‘विराट रामायण मंदिर में 33 फुट ऊंचे शिवलिंग’ की थीम पर आधारित झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। तांडव नृत्य, गंगा आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा मंदिर परिसर में मुख्य समारोह होगा, जहां शोभायात्राओं के स्वागत के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन संध्या, तांडव नृत्य, गंगा आरती और महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, केंद्र व राज्य सरकार के कई मंत्री, धर्माचार्य और समाज के प्रबुद्ध जन भाग लेंगे और शोभायात्राओं के अभिनंदन के साथ झांकियों की आरती उतारेंगे। मुख्य मंच पर शोभायात्रा समितियों को प्रतीक चिह्न, मेडल व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया जाएगा। 20 स्थानों पर श्रद्धालुओं पर होगी पुष्प वर्षा डॉ. चौरसिया ने बताया कि महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बेली रोड, वीरचंद पटेल पथ और जेपी गंगा पथ पर बड़ी-बड़ी शिव पताकाएं लगाई गई हैं। जिन मुहल्लों से शोभायात्राएं निकलेंगी, उनका रूट चार्ट तैयार है।शोभायात्रा मार्ग में जगह-जगह तोरण द्वार बनाए जा रहे हैं। 20 स्थानों पर शोभायात्राओं पर पुष्प वर्षा की जाएगी और शरबत-पानी के स्टॉल लगाए जाएंगे। समारोह स्थल के पास बनेगा 60 फीट लंबा मंच मुख्य समारोह स्थल के पास 60 फीट लंबा मंच बनाया जा रहा है। पहले मंच पर अतिथि शिव बारात झांकियों की आरती करेंगे, दूसरे मंच पर भजन संध्या और तांडव नृत्य होगा और तीसरे मंच से गंगा आरती होगी। मुख्य मार्गों पर तोरण द्वार बनाए जाएंगे। घरों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को झंडों से पाटा जाएगा। मुख्य समारोह स्थल, खाजपुरा शिव मंदिर परिसर को रंगीन बल्बों और झालरों से सजाया जाएगा।


