महाशिवरात्रि पर गरीब नाथ मंदिर में 2 KM लंबी लाइन:50 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने नवाया शीश, दूध-गंगाजल से जलाभिषेक; CCTV-ड्रोन से निगरानी

महाशिवरात्रि पर गरीब नाथ मंदिर में 2 KM लंबी लाइन:50 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने नवाया शीश, दूध-गंगाजल से जलाभिषेक; CCTV-ड्रोन से निगरानी

मुजफ्फरपुर के सुप्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ धाम में महाशिवरात्रि के अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। उत्तर बिहार के ‘देवघर’ के रूप में प्रतिष्ठित इस धाम में जलाभिषेक के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है। अब तक 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया है। मंदिर के बाहर करीब 2 किलोमीटर तक लंबी लाइन लगी हुई है। मंदिर की ओर जाने वाली सभी सड़कें केसरिया रंग में रंगी नजर आ रही हैं। ब्रह्ममुहूर्त में मंदिर के कपाट खुलते ही ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालु सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। करीब 1 लाख भक्तों के आने की संभावना है। उत्तर बिहार का प्रमुख केंद्र बाबा गरीब नाथ धाम को उत्तर बिहार का सबसे बड़ा धार्मिक केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि यहां मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है, यही कारण है कि मुजफ्फरपुर के अलावा सीतामढ़ी, वैशाली, शिवहर, और चंपारण जैसे पड़ोसी जिलों से भी लाखों श्रद्धालु यहां खिंचे चले आते हैं। सुरक्षा और प्रशासनिक चौकसी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े और व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर से लेकर शहर के प्रमुख चौक-चौराहों तक को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। शहर के प्रवेश मार्गों पर विशेष बैरिकेडिंग की गई है, ताकि यातायात बाधित न हो और पैदल आ रहे श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम के जरिए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। सेवा और समर्पण: सेवादल के वॉलिंटियर्स ने संभाला मोर्चा एक तरफ प्रशासन मुस्तैद है, तो दूसरी तरफ विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और सेवा दलों के वॉलिंटियर्स ने सेवा का मोर्चा संभाल रखा है। हजारों की संख्या में तैनात ये स्वयंसेवक श्रद्धालुओं के लिए शीतल जल, शरबत, फल और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था कर रहे हैं। कतारों में खड़े लोगों को धूप से राहत दिलाने और उन्हें सुगमता पूर्वक दर्शन कराने में ये सेवा दल जिला प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। स्वयंसेवकों का कहना है कि ‘भक्तों की सेवा ही बाबा की असली पूजा है।’ मुजफ्फरपुर के सुप्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ धाम में महाशिवरात्रि के अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। उत्तर बिहार के ‘देवघर’ के रूप में प्रतिष्ठित इस धाम में जलाभिषेक के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है। अब तक 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया है। मंदिर के बाहर करीब 2 किलोमीटर तक लंबी लाइन लगी हुई है। मंदिर की ओर जाने वाली सभी सड़कें केसरिया रंग में रंगी नजर आ रही हैं। ब्रह्ममुहूर्त में मंदिर के कपाट खुलते ही ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालु सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। करीब 1 लाख भक्तों के आने की संभावना है। उत्तर बिहार का प्रमुख केंद्र बाबा गरीब नाथ धाम को उत्तर बिहार का सबसे बड़ा धार्मिक केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि यहां मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है, यही कारण है कि मुजफ्फरपुर के अलावा सीतामढ़ी, वैशाली, शिवहर, और चंपारण जैसे पड़ोसी जिलों से भी लाखों श्रद्धालु यहां खिंचे चले आते हैं। सुरक्षा और प्रशासनिक चौकसी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े और व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर से लेकर शहर के प्रमुख चौक-चौराहों तक को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। शहर के प्रवेश मार्गों पर विशेष बैरिकेडिंग की गई है, ताकि यातायात बाधित न हो और पैदल आ रहे श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम के जरिए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। सेवा और समर्पण: सेवादल के वॉलिंटियर्स ने संभाला मोर्चा एक तरफ प्रशासन मुस्तैद है, तो दूसरी तरफ विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और सेवा दलों के वॉलिंटियर्स ने सेवा का मोर्चा संभाल रखा है। हजारों की संख्या में तैनात ये स्वयंसेवक श्रद्धालुओं के लिए शीतल जल, शरबत, फल और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था कर रहे हैं। कतारों में खड़े लोगों को धूप से राहत दिलाने और उन्हें सुगमता पूर्वक दर्शन कराने में ये सेवा दल जिला प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। स्वयंसेवकों का कहना है कि ‘भक्तों की सेवा ही बाबा की असली पूजा है।’  

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