मुंगेर में माघी पूर्णिमा के अवसर पर विभिन्न गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। अब तक 2 लाख से अधिक श्रद्धालु गंगा स्नान कर चुके हैं। स्नान के बाद श्रद्धालु मंदिरों में पूजा-अर्चना कर रहे हैं और भिखारियों को दान-पुण्य भी दे रहे हैं। जिला मुख्यालय के साथ-साथ प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गंगा घाटों पर भी श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। इस बार मुंगेर जिला मुख्यालय स्थित कष्टहरणी घाट के सौंदर्यीकरण के कारण इसे सुरक्षा कारणों से बंद रखा गया है। इसके चलते बबुआ घाट और सोझी घाट पर सबसे अधिक भीड़ देखी जा रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम गंगा में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। गंगा में बांस-बल्ले लगाकर जाल से बैरिकेडिंग की गई है, ताकि श्रद्धालु अधिक गहराई में न जा सकें। जिला आपदा पदाधिकारी के निर्देश पर सभी गंगा घाटों पर एसडीआरएफ और आपदा मित्र (गोताखोर) तैनात किए गए हैं। एसडीआरएफ के 16 जवान और एक अधिकारी मोटर बोट तथा लाइफ जैकेट के साथ गंगा में भीड़ पर लगातार नजर रख रहे हैं। कोतवाली थाने की पुलिस कर रही निगरानी गंगा घाटों पर चोर-उचक्कों और मनचलों द्वारा किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कोतवाली थाने की पुलिस भी निगरानी कर रही है। अत्यधिक भीड़ को देखते हुए, पुलिस पदाधिकारियों ने इस बार गंगा घाट तक केवल पैदल जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए रास्ता खोला है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके। जबकि अन्य वाहनों को गंगा घाट से काफी दूरी रोका जा रहा है। इधर दियारा क्षेत्र स्थित सीता चरण मंदिर में तीन दिवसी अखंड राम धुन यज्ञ होने के कारण इस बार गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ सीता चरण मंदिर जाने के लिए भी हो रही है। जिसके लिए आपदा विभाग के द्वारा इस बार गंगा को पार कर दियारा क्षेत्र स्थित सीता चरण मंदिर जाने के लिए नौका को निःशुल्क कर दिया गया है। जबकि नौका पर सवार होने के लिए श्रद्धालुओं की बेकाबू भीड़ को काबू में करने के लिए एसडीआरएफ की टीम और गोताखोर लगे हुए हैं। मुंगेर में माघी पूर्णिमा के अवसर पर विभिन्न गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। अब तक 2 लाख से अधिक श्रद्धालु गंगा स्नान कर चुके हैं। स्नान के बाद श्रद्धालु मंदिरों में पूजा-अर्चना कर रहे हैं और भिखारियों को दान-पुण्य भी दे रहे हैं। जिला मुख्यालय के साथ-साथ प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गंगा घाटों पर भी श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। इस बार मुंगेर जिला मुख्यालय स्थित कष्टहरणी घाट के सौंदर्यीकरण के कारण इसे सुरक्षा कारणों से बंद रखा गया है। इसके चलते बबुआ घाट और सोझी घाट पर सबसे अधिक भीड़ देखी जा रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम गंगा में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। गंगा में बांस-बल्ले लगाकर जाल से बैरिकेडिंग की गई है, ताकि श्रद्धालु अधिक गहराई में न जा सकें। जिला आपदा पदाधिकारी के निर्देश पर सभी गंगा घाटों पर एसडीआरएफ और आपदा मित्र (गोताखोर) तैनात किए गए हैं। एसडीआरएफ के 16 जवान और एक अधिकारी मोटर बोट तथा लाइफ जैकेट के साथ गंगा में भीड़ पर लगातार नजर रख रहे हैं। कोतवाली थाने की पुलिस कर रही निगरानी गंगा घाटों पर चोर-उचक्कों और मनचलों द्वारा किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कोतवाली थाने की पुलिस भी निगरानी कर रही है। अत्यधिक भीड़ को देखते हुए, पुलिस पदाधिकारियों ने इस बार गंगा घाट तक केवल पैदल जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए रास्ता खोला है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके। जबकि अन्य वाहनों को गंगा घाट से काफी दूरी रोका जा रहा है। इधर दियारा क्षेत्र स्थित सीता चरण मंदिर में तीन दिवसी अखंड राम धुन यज्ञ होने के कारण इस बार गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ सीता चरण मंदिर जाने के लिए भी हो रही है। जिसके लिए आपदा विभाग के द्वारा इस बार गंगा को पार कर दियारा क्षेत्र स्थित सीता चरण मंदिर जाने के लिए नौका को निःशुल्क कर दिया गया है। जबकि नौका पर सवार होने के लिए श्रद्धालुओं की बेकाबू भीड़ को काबू में करने के लिए एसडीआरएफ की टीम और गोताखोर लगे हुए हैं।


