विज्ञान में महिलाओं और लड़कियों के अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर आईआईटी गांधीनगर के सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग (सीसीएल) ने एक ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों से जुड़ी छात्राओं ने विज्ञान से संबंधित कई प्रयोग प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। जनपद मुरादाबाद की विज्ञान समन्वयक और आईआईटी गांधीनगर की एडवाइजरी बोर्ड सदस्य बबिता मेहरोत्रा ने बताया कि इस वर्ष का आयोजन विशेष रूप से छात्राओं को केंद्र में रखकर किया गया था। उन्होंने कहा कि आमतौर पर ऐसी गतिविधियां शिक्षक करते थे, लेकिन इस बार छात्राओं ने स्वयं प्रयोगों का संचालन किया, जिससे उनमें आत्मविश्वास और उत्साह बढ़ा। कार्यक्रम में बालिकाओं ने उदासीनीकरण अभिक्रिया, लावा लैंप और रेनबो फिज़्ज़ जैसे रोचक प्रयोग प्रस्तुत किए। राजकीय हाई स्कूल हुसैनपुर छिरावली की छात्राएं उदिति शर्मा, लवली, राधिका और मुस्कान ने बबिता मेहरोत्रा के मार्गदर्शन में उदासीनीकरण अभिक्रिया का सफल प्रदर्शन किया, जिसकी सभी ने सराहना की। इस अवसर पर गांधीनगर से रसायन विज्ञान के मुख्य प्रवक्ता श्री शाह और निशा जी ने सभी प्रतिभागी शिक्षकों और छात्राओं को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी और उनकी प्रशंसा की। गौरतलब है कि विज्ञान में महिलाओं और लड़कियों का अंतरराष्ट्रीय दिवस हर साल 11 फरवरी को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2015 में स्थापित इस दिवस का उद्देश्य STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) क्षेत्रों में महिलाओं की समान भागीदारी को बढ़ावा देना है। यह दिवस समाज में व्याप्त पूर्वाग्रहों को तोड़ने और बालिकाओं को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का संदेश देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि विविधता से अनुसंधान में नई सोच और रचनात्मकता का विकास होता है, जो समाज के समग्र विकास के लिए आवश्यक है।


