प्रयागराज रंगों का त्योहार होली अपनों के साथ मनाने के बाद इन दिनों रेलवे स्टेशनों पर वापस जाने वाले यात्रियों का जनसैलाब उमड़ रहा है। यात्रियों की इस भारी भीड़ को देखते हुए प्रयागराज रेलवे प्रशासन और रेल सुरक्षा बल (RPF) पूरी तरह मुस्तैद है। स्टेशन पर भगदड़ जैसी स्थिति न बने और हर यात्री सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचे, इसके लिए विशेष ‘क्राउड मैनेजमेंट’ प्लान लागू किया गया है। कतार में लगकर मिल रहा प्रवेश, खत्म हुई छीना-झपटी प्रयागराज जंक्शन से शुरू होने वाली ट्रेनों में अक्सर जनरल कोचों में सीट पाने के लिए मारामारी की स्थिति रहती थी। इस बार RPF ने इस समस्या का समाधान ‘लाइन सिस्टम’ से निकाला है। प्लेटफॉर्म पर ट्रेनों के आने से पहले ही जवानों द्वारा यात्रियों को पंक्तिबद्ध (क्यू) कराया जा रहा है। जनरल कोच के गेट पर जवानों की तैनाती की गई है, जो एक-एक कर यात्रियों को भीतर प्रवेश करा रहे हैं। इससे न केवल धक्का-मुक्की रुकी है, बल्कि बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भी आसानी से कोच में जगह मिल पा रही है। तीसरी आंख और वर्दीधारी जवानों का कड़ा पहरा सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए तकनीक और मैनपावर दोनों का सहारा लिया जा रहा है। स्टेशन के चप्पे-चप्पे पर लगे हाई-डेफिनिशन कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से भीड़ की मॉनिटरिंग की जा रही है। प्लेटफॉर्म नंबर 1 से लेकर अंतिम प्लेटफॉर्म तक RPF और जीआरपी के जवानों को गश्त पर लगाया गया है। एंटी-क्राइम स्क्वॉड: सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी तैनात हैं, ताकि जहरखुरानी और चोरी जैसी वारदातों को रोका जा सके। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है। अधिकारियों का कहना है कि यात्री किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। यदि कोई संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति दिखे, तो तुरंत रेल मदद हेल्पलाइन या ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को सूचित करें। RPF के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमारा मुख्य उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव देना है। जब तक होली की भीड़ का दबाव रहेगा, यह अभियान चौबीसों घंटे जारी रहेगा।


