बसंत पंचमी पर बेगूसराय के शिवालयों में उमड़ी भीड़:हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा इलाका; गंगाजल, गुलाल से श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक

बसंत पंचमी पर बेगूसराय के शिवालयों में उमड़ी भीड़:हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा इलाका; गंगाजल, गुलाल से श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक

बसंत पंचमी के मौके पर शुक्रवार को बेगूसराय शहर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। मां सरस्वती की पूजा के साथ-साथ आज महादेव के जलाभिषेक का भी विशेष महत्व देखा गया। जिले के प्रसिद्ध सांख धाम समेत तमाम शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ जुटी हुई रही। लोग पूजा-अर्चना में तल्लीन दिखे। बेगूसराय के सांख धाम में अहले सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिली। मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन महादेव का गुलाल और गंगाजल से अभिषेक करने पर विशेष फल की प्राप्ति होती है। इसको लेकर श्रद्धालुओं ने गंगा जल लाकर बाबा भोलेनाथ पर अर्पित किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर कमेटी और स्थानीय पुलिस प्रशासन मुस्तैद दिखी। श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से गर्भगृह में प्रवेश दिया गया। मंदिरों में श्रद्धालुओं, स्कूलों में छात्रों की जुटी भीड़ एक तरफ जहां शिवालयों में घंटे-घड़ियाल गूंजे, वहीं दूसरी ओर शिक्षण संस्थानों और पूजा पंडालों में मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की गई। बेगूसराय में एक हजार से अधिक जगहों पर प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना किया गया। विभिन्न जगहों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया है, जगह-जगह पर भव्य पंडाल बनाए गए हैं। इधर, बसंत पंचमी पर्व के अवसर पर जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने तथा शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। जिले के सभी संवेदनशील एवं अति संवेदनशील क्षेत्रों में दंडाधिकारियों एवं पर्याप्त पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है‌, जिससे पर्व का आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके। प्रतिमा विसर्जन के लिए पहले से रास्ता निर्धारित करने का निर्देश पूजा समितियों को प्रतिमा विसर्जन पहले से निर्धारित रास्ते से करने का निर्देश दिया गया है। सभी प्रतिमाओं का विसर्जन 25 जनवरी कर लिया जाएगा। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देश के आलोक में गंगा नदी एवं उसकी सहायक नदियों में प्रतिमा विसर्जन पर रोक लगा दिया गया है। विसर्जन तालाबों एवं प्रशासन की ओर से चिह्नित स्थलों पर ही किया जाएगा। पूजा एवं विसर्जन के दौरान अश्लील, भड़काऊ अथवा आपत्तिजनक संगीत बजाने पर नजर रखी जा रही है। बारो बाजार, बीहट, चकिया सहित अन्य चिह्नित संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती एवं सघन गश्त की व्यवस्था की गई है। विसर्जन जुलूसों में हाथी, ऊंट अथवा घोड़ों के शामिल होने पर भी रोक लगाई गई है। स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टर एवं एम्बुलेंस के साथ तैयार रहने के लिए कहा गया है। डीएम श्रीकांत शास्त्री एवं एसपी मनीष ने आम लोगों, पूजा समितियों एवं आयोजकों से आपसी भाईचारे, शांति एवं सौहार्द के साथ पर्व मनाएं तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा आपात स्थिति की जानकारी सूचना तत्काल जिला नियंत्रण कक्ष या नजदीकी थाना को देने का अनुरोध किया गया है। बसंत पंचमी के मौके पर शुक्रवार को बेगूसराय शहर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। मां सरस्वती की पूजा के साथ-साथ आज महादेव के जलाभिषेक का भी विशेष महत्व देखा गया। जिले के प्रसिद्ध सांख धाम समेत तमाम शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ जुटी हुई रही। लोग पूजा-अर्चना में तल्लीन दिखे। बेगूसराय के सांख धाम में अहले सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिली। मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन महादेव का गुलाल और गंगाजल से अभिषेक करने पर विशेष फल की प्राप्ति होती है। इसको लेकर श्रद्धालुओं ने गंगा जल लाकर बाबा भोलेनाथ पर अर्पित किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर कमेटी और स्थानीय पुलिस प्रशासन मुस्तैद दिखी। श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से गर्भगृह में प्रवेश दिया गया। मंदिरों में श्रद्धालुओं, स्कूलों में छात्रों की जुटी भीड़ एक तरफ जहां शिवालयों में घंटे-घड़ियाल गूंजे, वहीं दूसरी ओर शिक्षण संस्थानों और पूजा पंडालों में मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की गई। बेगूसराय में एक हजार से अधिक जगहों पर प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना किया गया। विभिन्न जगहों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया है, जगह-जगह पर भव्य पंडाल बनाए गए हैं। इधर, बसंत पंचमी पर्व के अवसर पर जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने तथा शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। जिले के सभी संवेदनशील एवं अति संवेदनशील क्षेत्रों में दंडाधिकारियों एवं पर्याप्त पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है‌, जिससे पर्व का आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके। प्रतिमा विसर्जन के लिए पहले से रास्ता निर्धारित करने का निर्देश पूजा समितियों को प्रतिमा विसर्जन पहले से निर्धारित रास्ते से करने का निर्देश दिया गया है। सभी प्रतिमाओं का विसर्जन 25 जनवरी कर लिया जाएगा। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देश के आलोक में गंगा नदी एवं उसकी सहायक नदियों में प्रतिमा विसर्जन पर रोक लगा दिया गया है। विसर्जन तालाबों एवं प्रशासन की ओर से चिह्नित स्थलों पर ही किया जाएगा। पूजा एवं विसर्जन के दौरान अश्लील, भड़काऊ अथवा आपत्तिजनक संगीत बजाने पर नजर रखी जा रही है। बारो बाजार, बीहट, चकिया सहित अन्य चिह्नित संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती एवं सघन गश्त की व्यवस्था की गई है। विसर्जन जुलूसों में हाथी, ऊंट अथवा घोड़ों के शामिल होने पर भी रोक लगाई गई है। स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टर एवं एम्बुलेंस के साथ तैयार रहने के लिए कहा गया है। डीएम श्रीकांत शास्त्री एवं एसपी मनीष ने आम लोगों, पूजा समितियों एवं आयोजकों से आपसी भाईचारे, शांति एवं सौहार्द के साथ पर्व मनाएं तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा आपात स्थिति की जानकारी सूचना तत्काल जिला नियंत्रण कक्ष या नजदीकी थाना को देने का अनुरोध किया गया है।  

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