बांका के बाराहाट प्रखंड स्थित खरहारा फार्म में “खेत एक फसल अनेक” मॉडल का अवलोकन करने के लिए जिले के शीर्ष अधिकारी पहुंचे। इस अभिनव कृषि मॉडल ने अधिकारियों को प्रभावित किया और किसानों में भी उत्साह जगाया है। इस अवसर पर जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला, उप विकास आयुक्त (डीडीसी), जिला कृषि पदाधिकारी और जिला उद्यान पदाधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण भी इस मॉडल को समझने के लिए फार्म पहुंचे। इस अनूठे मॉडल को प्रगतिशील किसान अभिषेक कुमार चौधरी ने विकसित किया है। उन्होंने एक ही खेत में तरबूज, भिंडी, कद्दू, पपीता और टमाटर जैसी विभिन्न फसलों का सफल उत्पादन किया है। यह मॉडल दर्शाता है कि सीमित संसाधनों के बावजूद बेहतर योजना और समन्वय से खेती को लाभदायक बनाया जा सकता है। 1000 से अधिक किसानों ने फार्म का दौरा किया अब तक 1000 से अधिक किसानों ने इस फार्म का दौरा किया है और वे इस मॉडल से प्रेरित होकर इसे अपने खेतों में अपनाने की तैयारी कर रहे हैं। अधिकारियों को बताया गया कि इस मॉडल के तहत मात्र एक एकड़ भूमि से सालाना 3 से 4 लाख रुपये तक की आय अर्जित करना संभव है। यह छोटे और मध्यम किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता हो सकती है। अधिकारियों ने इस पहल की सराहना की और इसे जिले के सभी प्रखंडों में लागू करने की सिफारिश की। उनका मानना है कि ऐसे नवाचार किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ कृषि को अधिक टिकाऊ और आधुनिक बना सकते हैं। “खेत एक फसल अनेक” मॉडल कृषि में विविधता लाने के साथ-साथ कम लागत पर अधिक उत्पादन और लाभ सुनिश्चित करता है। यह मॉडल बांका जिले के किसानों के लिए आर्थिक मजबूती का आधार बन सकता है और कृषि क्षेत्र को एक नई दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। बांका के बाराहाट प्रखंड स्थित खरहारा फार्म में “खेत एक फसल अनेक” मॉडल का अवलोकन करने के लिए जिले के शीर्ष अधिकारी पहुंचे। इस अभिनव कृषि मॉडल ने अधिकारियों को प्रभावित किया और किसानों में भी उत्साह जगाया है। इस अवसर पर जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला, उप विकास आयुक्त (डीडीसी), जिला कृषि पदाधिकारी और जिला उद्यान पदाधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण भी इस मॉडल को समझने के लिए फार्म पहुंचे। इस अनूठे मॉडल को प्रगतिशील किसान अभिषेक कुमार चौधरी ने विकसित किया है। उन्होंने एक ही खेत में तरबूज, भिंडी, कद्दू, पपीता और टमाटर जैसी विभिन्न फसलों का सफल उत्पादन किया है। यह मॉडल दर्शाता है कि सीमित संसाधनों के बावजूद बेहतर योजना और समन्वय से खेती को लाभदायक बनाया जा सकता है। 1000 से अधिक किसानों ने फार्म का दौरा किया अब तक 1000 से अधिक किसानों ने इस फार्म का दौरा किया है और वे इस मॉडल से प्रेरित होकर इसे अपने खेतों में अपनाने की तैयारी कर रहे हैं। अधिकारियों को बताया गया कि इस मॉडल के तहत मात्र एक एकड़ भूमि से सालाना 3 से 4 लाख रुपये तक की आय अर्जित करना संभव है। यह छोटे और मध्यम किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता हो सकती है। अधिकारियों ने इस पहल की सराहना की और इसे जिले के सभी प्रखंडों में लागू करने की सिफारिश की। उनका मानना है कि ऐसे नवाचार किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ कृषि को अधिक टिकाऊ और आधुनिक बना सकते हैं। “खेत एक फसल अनेक” मॉडल कृषि में विविधता लाने के साथ-साथ कम लागत पर अधिक उत्पादन और लाभ सुनिश्चित करता है। यह मॉडल बांका जिले के किसानों के लिए आर्थिक मजबूती का आधार बन सकता है और कृषि क्षेत्र को एक नई दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


