मुजफ्फरपुर में राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर तिरहुत प्रमंडलीय कार्यालय सभागार में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने की। इस दौरान लोकतंत्र की मजबूती, मतदाता की भूमिका और संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण पर विशेष बल दिया गया। कार्यक्रम में प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने आयुक्त कार्यालय के सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मियों को शपथ दिलाई। उन्होंने सभी को लोकतंत्र के प्रति आस्था रखने और देश के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों व संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने का संकल्प दिलाया। उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने में अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाने की शपथ ली। चुनाव को लोकतंत्र का महापर्व बताया अपने संबोधन में आयुक्त ने चुनाव को लोकतंत्र का महापर्व बताया। उन्होंने कहा कि मताधिकार प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार होने के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण कर्तव्य भी है। आयुक्त ने जोर देकर कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक मतदान से ही एक सशक्त लोकतंत्र का निर्माण संभव है। सभी मतदाताओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के प्रलोभन, दबाव या भेदभाव से ऊपर उठकर अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें। उन्होंने धर्म, जाति, संप्रदाय और क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। आयुक्त ने कहा कि लोकतंत्र तभी जीवंत रह सकता है, जब प्रत्येक मतदाता जागरूक होकर अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझे और जिम्मेदारी के साथ मतदान करे। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया। मुजफ्फरपुर में राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर तिरहुत प्रमंडलीय कार्यालय सभागार में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने की। इस दौरान लोकतंत्र की मजबूती, मतदाता की भूमिका और संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण पर विशेष बल दिया गया। कार्यक्रम में प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने आयुक्त कार्यालय के सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मियों को शपथ दिलाई। उन्होंने सभी को लोकतंत्र के प्रति आस्था रखने और देश के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों व संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने का संकल्प दिलाया। उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने में अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाने की शपथ ली। चुनाव को लोकतंत्र का महापर्व बताया अपने संबोधन में आयुक्त ने चुनाव को लोकतंत्र का महापर्व बताया। उन्होंने कहा कि मताधिकार प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार होने के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण कर्तव्य भी है। आयुक्त ने जोर देकर कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक मतदान से ही एक सशक्त लोकतंत्र का निर्माण संभव है। सभी मतदाताओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के प्रलोभन, दबाव या भेदभाव से ऊपर उठकर अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें। उन्होंने धर्म, जाति, संप्रदाय और क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। आयुक्त ने कहा कि लोकतंत्र तभी जीवंत रह सकता है, जब प्रत्येक मतदाता जागरूक होकर अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझे और जिम्मेदारी के साथ मतदान करे। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।


