औरंगाबाद के रसूलपुर गांव में सार्वजनिक सड़क निर्माण को लेकर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। रंगदारी नहीं देने पर निर्माण कार्य रोकने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस संबंध में ग्रामीण मुकेश कुमार ने मदनपुर थाना में लिखित आवेदन देकर हस्तक्षेप की मांग की है। मुकेश कुमार ने बताया कि अंचलाधिकारी की ओर से जांच के बाद महादेव स्थान रसूलपुर से कालीकरण पक्की सड़क तक सार्वजनिक रास्ते के निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी किया गया था। यह रास्ता गैरमजरुआ जमीन से होकर गुजरता है और ग्रामीणों की सुविधा के लिए प्रस्तावित है। एनओसी मिलने के बाद ग्रामीणों के सहयोग से ट्रैक्टर और जेसीबी मशीन के माध्यम से मिट्टी भराई का कार्य प्रारंभ किया गया था। दबंग लोगों पर सड़क निर्माण कार्य बंद करने का आरोप आरोप है कि गांव के कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोग निर्माण स्थल पर पहुंच गए और कार्य बंद करा दिया। मुकेश कुमार का कहना है कि उक्त लोगों ने हथियार का भय दिखाते हुए पांच लाख रुपए की रंगदारी की मांग की। रंगदारी नहीं देने की स्थिति में सड़क निर्माण नहीं होने देने और दोबारा काम शुरू करने पर गोली मारने की धमकी दी गई। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि जेसीबी चालक और मजदूरों को डराकर वहां से भगा दिया गया, जिससे निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो गया। सरकारी भूमि में कराया जा रहा है सड़क का निर्माण गांव में तनाव और चर्चा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इसी रास्ते से श्मशान घाट जाने में सुविधा होगी। दधपी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि हरेंद्र कुमार उर्फ टून मेहता ने बताया कि जिस जमीन पर सड़क निर्माण कराया जा रहा है, उसे कुछ ग्रामीणों ने स्वेच्छा से दान में दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोस्वामी परिवार के श्मशान घाट तक जाने में इस रास्ते से कोई रुकावट नहीं है, बल्कि आम लोगों को आने-जाने में सहूलियत होगी। उनके अनुसार, बेवजह कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोग निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं, जबकि अंचलाधिकारी द्वारा विधिवत जांच के बाद एनओसी प्रदान किया जा चुका है। जांच के लिए पहुंची पुलिस इधर, मामले की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच-पड़ताल की। मदनपुर पुलिस का कहना है कि आवेदन प्राप्त हुआ है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच के उपरांत जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए सार्वजनिक सड़क निर्माण कार्य को फिर से शुरू कराने की मांग की है। ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे। औरंगाबाद के रसूलपुर गांव में सार्वजनिक सड़क निर्माण को लेकर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। रंगदारी नहीं देने पर निर्माण कार्य रोकने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस संबंध में ग्रामीण मुकेश कुमार ने मदनपुर थाना में लिखित आवेदन देकर हस्तक्षेप की मांग की है। मुकेश कुमार ने बताया कि अंचलाधिकारी की ओर से जांच के बाद महादेव स्थान रसूलपुर से कालीकरण पक्की सड़क तक सार्वजनिक रास्ते के निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी किया गया था। यह रास्ता गैरमजरुआ जमीन से होकर गुजरता है और ग्रामीणों की सुविधा के लिए प्रस्तावित है। एनओसी मिलने के बाद ग्रामीणों के सहयोग से ट्रैक्टर और जेसीबी मशीन के माध्यम से मिट्टी भराई का कार्य प्रारंभ किया गया था। दबंग लोगों पर सड़क निर्माण कार्य बंद करने का आरोप आरोप है कि गांव के कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोग निर्माण स्थल पर पहुंच गए और कार्य बंद करा दिया। मुकेश कुमार का कहना है कि उक्त लोगों ने हथियार का भय दिखाते हुए पांच लाख रुपए की रंगदारी की मांग की। रंगदारी नहीं देने की स्थिति में सड़क निर्माण नहीं होने देने और दोबारा काम शुरू करने पर गोली मारने की धमकी दी गई। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि जेसीबी चालक और मजदूरों को डराकर वहां से भगा दिया गया, जिससे निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो गया। सरकारी भूमि में कराया जा रहा है सड़क का निर्माण गांव में तनाव और चर्चा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इसी रास्ते से श्मशान घाट जाने में सुविधा होगी। दधपी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि हरेंद्र कुमार उर्फ टून मेहता ने बताया कि जिस जमीन पर सड़क निर्माण कराया जा रहा है, उसे कुछ ग्रामीणों ने स्वेच्छा से दान में दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोस्वामी परिवार के श्मशान घाट तक जाने में इस रास्ते से कोई रुकावट नहीं है, बल्कि आम लोगों को आने-जाने में सहूलियत होगी। उनके अनुसार, बेवजह कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोग निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं, जबकि अंचलाधिकारी द्वारा विधिवत जांच के बाद एनओसी प्रदान किया जा चुका है। जांच के लिए पहुंची पुलिस इधर, मामले की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच-पड़ताल की। मदनपुर पुलिस का कहना है कि आवेदन प्राप्त हुआ है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच के उपरांत जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए सार्वजनिक सड़क निर्माण कार्य को फिर से शुरू कराने की मांग की है। ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे।


