बीएलओ-सुपरवाइजर के नाम भी वोटर लिस्ट से हटाने की आपत्तियां:जिनके नाम से आवेदन उनमें 3 विदेश में, कुछ बोले- हमें तो पता ही नहीं

डीडवाना में SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम को हटाने को लेकर दर्ज हुई आपत्तियों पर विवाद हो गया है। क्षेत्र के एक ही कस्बे के 1689 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटवाने को लेकर ऑब्जेक्शन एप्लिकेशन दी गई है। 3 दिन पहले शेरानी आबाद और रामसाबास गांव के ग्रामीणों ने गलत तरीके से नाम काटने के प्रयास का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन भी किया। पूरा विवाद समझने के लिए भास्कर रिपोर्टर डीडवाना के शेरानी आबाद गांव पहुंचा। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पंचायत कार्यालय में सबसे पहले सरपंच शेर खान शेरानी मिले। बोले- मैं वर्तमान में प्रशासक के पद पर काम कर रहा हूं। गांव में 6919 वोटर हैं। 2 दिन पहले बीएलओ से पता चला कि इनमें से 1689 वोटर के नाम हटवाने के लिए 9 लोगों की ओर से फाॅर्म 7 भरकर आपत्तियां दर्ज कराई गई हें। मुझे ये भी पता चला कि जिन 9 लोगों के नाम से आपत्तियां दर्ज हुई हैं, उनमे से एक मैं भी हूं, जबकि मैंने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। मैंने बीएलओ से वो फॉर्म दिखाने के लिए कहा। देखा तो पता चला कि फॉर्म में सबकुछ पहले से प्रिंटेड था। जिस मतदाता का नाम हटाने की एप्लिकेशन दी गई थी, उसकी सारी डिटेल प्रिंटेड थी। सिर्फ आपत्ति दर्ज करवाने वाले का नाम और हस्ताक्षर ही पेन से किए गए थे। सभी 1689 मतदाताओं के आपत्ति फॉर्म इसी तरह से थे। फॉर्म 7 पर जो मेरे हस्ताक्षर थे, वो भी फर्जी थे। फर्जीवाड़े का आलम ये है कि SIR प्रोसेस में शामिल 2 बीएलओ और 1 सुपरवाइजर (10 बीएलओ का सुपरविजन करने वाला) और उनके घरवालों तक के नाम हटाने की आपत्ति कर दी गई है। मेरे समेत जिन 9 लोगों के नाम से ये आपत्तियां दी गई थी, उन्हें तो इस बारे में कुछ भी पता नहीं था। इनमें से तीन शख्स तो लंबे समय से विदेश में थे। कुछ ऐसे थे जो निरक्षर हैं, जबकि उनके नाम के फॉर्म 7 में उनके इंग्लिश में हस्ताक्षर किए गए थे। सरपंच शेर खान का कहना है कि डीडवाना एसडीएम को भी ये साफ़ करना चाहिए कि उन्हें ये एक जैसे आपत्ति वाले फॉर्म 7 किसने डिपॉजिट करवाए हैं। अल्पसंख्यक समुदाय के वोटर्स का अधिकार छीनने का ये प्रयास महज शेरानी आबाद ही नहीं और भी कई गांवों में किया जा रहा हैं। सरपंच के बाद भास्कर रिपोर्टर सुपरवाइजर मोहम्मद यूनुस से मिला। वो शेरानी आबाद के मतदाता बूथ संख्या 111 से 120 तक के सुपरवाइजर हैं। यूनुस बोले- हमें एसडीएम कार्यालय से कहा गया है कि आपत्ति वाले 1689 मतदाताओं की जांच करके रिपोर्ट करें। ये सभी फॉर्म मैंने जांच के लिए बीएलओ को दिए हैं। देखते हैं कि बीएलओ जांच में क्या रिपोर्ट देते हैं? उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। मेरी जानकारी में तो इन 1689 मतदाताओं में से एक भी अनुपस्थित नहीं हैं। क्योंकि पहले ही SIR प्रोसेस में इन सभी का भौतिक सत्यापन हो चुका है। हद तो ये हो गई हैं कि मैं खुद जिसने पिछले 2 महीने तक SIR प्रोसेस में काम किया, मेरे और मेरे परिवार के लोगों का नाम भी लिस्ट से हटाने के लिए आपत्तियां दे दी। जिन लोगों के नाम से ये आपत्तियां आई हैं, उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं है। इसके बाद रिपोर्टर भाग संख्या 111 के बीएलओ खालिद महमूद से मिला। महमूद ने बताया कि– मेरा और मेरी पत्नी रजिया शेरानी का नाम भी मतदाता सूची से हटाने को लेकर आपत्ति दी गई। जिन लोगों के नाम से ये आपत्ति दावे किए गए हैं, वो मेरे ही भाग संख्या के रहने वाले हैं। जांच का विषय हैं कि उन लोगों के नाम से ये दावे किसने किए। इसके बाद हमें बीएलओ यूसुफ खां मिले। वो वर्तमान में महात्मा गांधी स्कूल शेरानी आबाद में सरकारी टीचर हैं। पिछले 4 साल से बीएलओ का काम भी कर रहे हैं। बोले- गांव के लियाकत अली के नाम से फॉर्म लगाकर मेरा नाम लिस्ट से हटाने का प्रयास किया है। मैंने चेक किया तो पता चला कि लियाकत अली इस सब से अनजान हैं। फॉर्म पर उसके हस्ताक्षर भी फर्जी हैं। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हाजरा बानो और एक पूर्व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रईसा बानो मिली। इन दोनों का भी नाम वोटर लिस्ट से हटवाने के लिए फॉर्म 7 जमा कराकर आपत्ति दी गई थी। हाजरा बानो और रईसा बानो दोनों का ही कहना था कि उनका पीहर और ससुराल दोनों ही शेरानी आबाद गांव में ही है। मामला सामने आने के बाद बीएलओ ने उनका दोबारा भौतिक सत्यापन किया हैं। भारतीय सेना से रिटायर्ड कप्तान सुल्तान खां का नाम काटने के लिए भी आपत्ति दी गई है। सुल्तान खां बोले- मैंने सियाचिन और जम्मू कश्मीर में दुश्मनों से जंग लड़ी। यहां मेरा नाम वोटर लिस्ट से हटाने की साजिश हो रही है। मेरा एक बच्चा आर्मी हैं। एक भाई का बेटा पुलिस में हैं और एक भाई का लड़का सीआरपीएफ में हैं। उन सभी के भी नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रयास हो रहा है। जिनके नाम से आपत्तियां, उन्हें जानकारी ही नहीं सबसे पहले हमें गनी खां मिले। उन्होंने बताया- मैं तो अनपढ़ हूं। मुझे नहीं पता मेरे नाम से किसने फॉर्म भरा? किसने साइन किए। मुझे तो गांव के लोगों ने बताया तब पता चला कि मेरे नाम से 500 से ज्यादा लोगों के नाम को वोटर लिस्ट से हटाने की आपत्तियां जमा हुई हैं। इसके बाद हम लियाकत अली से मिले। उन्होंने भी कमोबेश गनी खां जैसी ही बातें दोहराई और बताया कि उन्होंने ऐसी कोई भी आपत्तियां जमा नहीं करवाई हैं। अब हम तीसरे शख्स मनीर खां से मिले। उन्होंने कहा- मैं तो मजदूर आदमी हूं। गांव में लोग मुझसे लड़ रहे हैं। मैंने तो किसी का भी वोट नहीं कटाया है। 9 में से 3 लोग विदेश में रह रहे जिन 9 लोगों के नाम से फॉर्म भरकर आपत्तियां दी गई हैं। उनमें से 3 विदेश में और एक आउट ऑफ स्टेट काम कर रहा है। उन्होंने इसे पूरी तरह से फर्जी बताया। 3 लोगों ने अपना वीडियो स्टेटमेंट भी हमें भेजा। शहादत अली ने बताया- मैं 7 महीने से सऊदी अरब में हूं। मैंने किसी भी शख्स का वोटर लिस्ट से नाम हटवाने के लिए कोई भी फॉर्म या आवेदन नहीं दिया हैं। दूसरे शख्स अली शेर ने बताया- मैं साढ़े तीन साल से जेद्दा में हूं। मेरे नाम से ये फर्जीवाड़ा किसने किया हैं, इसकी जांच होनी चाहिए। वहीं, राजस्थान से बाहर प्राइवेट जॉब कर रहे इमरान खान ने बताया कि 2 महीने से एमपी में हैं। अब जानकारी मिल रही हैं कि उनके नाम से गांव में लोगों के वोट के नाम कटवाने के लिए फॉर्म 7 जमा करवाया गया है। अधिकारियों के तर्क रिपोर्टर ने डीडवाना-कुचामन कलेक्टर महेंद्र खगड़ावत से कॉल किया, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया। इसके बाद हमने डीडवाना एसडीएम विकास भाटी से फोन पर बात की। उन्होंने बताया- फिलहाल किसी भी शख्स का वोट वोटर लिस्ट से नहीं हटाया गया हैं। सब कुछ प्रॉपर वेरिफिकेशन के बाद नियमानुसार ही होगा। शेरानी आबाद गांव में आपत्तियों को लेकर वहां के लोगों ने जिला कलेक्टर के पास अपना ज्ञापन दिया हैं। उसकी जांच चल रही हैं। …. राजस्थान में SIR विवाद से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… 1. 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