अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) विनय अग्रवाल पर बैठक के दौरान अपमानजनक एवं अमर्यादित भाषा (Objectionable language) के प्रयोग का आरोप लगाया है। इस संबंध में संघ ने बुधवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले से अवगत कराया है। अभियंताओं का कहना है कि जिला प्रचायत सीईओ द्वारा यदि इस प्रकार की पुनरावृत्ति की जाती है तो वे काम बंद कर हड़ताल पर चले जाएंगे।
कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में संघ ने उल्लेख किया है कि 6 फरवरी को जिला पंचायत द्वारा योजनाओं की समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई थी। बैठक में विकासखंड स्तर के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। इसी दौरान तकनीकी सहायक (आवास) आशुतोष शुक्ला, जो कि एक संविदा एवं कनिष्ठ कर्मचारी (Objectionable language) हैं।
उन्हें सीईओ ने आदेश दिया कि वह उप अभियंता तपन चक्रेश को जूता मारकर (Objectionable language) काम करवाए, यदि नहीं करा सकते तो मुझे बताओ। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि ऐसा ही 2 माह पूर्व के वीडियो कांफ्रेंसिंग मीटिंग में भी जिला पंचायत सीईओ द्वारा अर्मयादित एवं अशोभनीय शब्दों का प्रयोग किया था। संघ ने इसे सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के प्रतिकूल बताया है।
Objectionable language: हड़ताल की दी चेतावनी
संघ ने कहा है कि यदि इस प्रकार की पुनरावृत्ति होती है तो जिले के अभियंता कार्य बंद कर हड़ताल पर जा सकते हैं। इसके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
मनरेगा नियमों के उल्लंघन का भी आरोप
वहीं डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन (Objectionable language) ने मनरेगा अंतर्गत नियुक्त संविदा तकनीकी सहायकों से अन्य योजनाओं के निर्माण कार्य कराए जाने पर भी आपत्ति जताई है।
संघ ने प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा भारत सरकार के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि तकनीकी सहायकों से केवल मनरेगा के कार्य कराना चाहिए। इसके बावजूद सरगुजा जिले में कई जनपद पंचायतों में उप अभियंताओं के कार्य तकनीकी सहायकों को सौंपे जाने का आरोप लगाया गया है।
शासन के निर्देशों के पालन की मांग
संघ ने मांग की है कि सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अधिकारियों को शासन के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित (Objectionable language) करने के निर्देश दिए जाएं।
अपशब्दों का नहीं किया प्रयोग
इस संबंध में जिला पंचायत सरगुजा के सीईओ विनय अग्रवाल का कहना है कि मेरे पास भी ये लोग आए थे। कभी-कभी समीक्षा के दौरान सख्त लहजे (Objectionable language) में बात करनी पड़ती है। किसी तरह के अपशब्द का प्रयोग नहीं किया गया है।


