ओबीसी महासभा ने यूजीसी नियमों का स्वागत किया:महासचिव बोले, आरएसएस कर रहा विरोध; सामाजिक सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश

ओबीसी महासभा ने यूजीसी नियमों का स्वागत किया:महासचिव बोले, आरएसएस कर रहा विरोध; सामाजिक सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा हाल ही में अधिसूचित नए नियमों का देश में विरोध शुरू हो गया है। हालांकि, देश की आबादी के एक बड़े वर्ग का प्रतिनिधित्व करने वाली ओबीसी महासभा ने इन नियमों का स्वागत किया है। महासभा के राष्ट्रीय महासचिव ब्रजेन्द्र यादव ने इन नियमों को देश के इतिहास में एक सुधारात्मक प्रयास और सबसे बड़ा कदम बताया है। मंगलवार को बालाघाट पहुंचे ब्रजेन्द्र यादव ने कहा कि देश में केवल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) इन नियमों का विरोध कर रहा है। उन्होंने ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों से इन नियमों का समर्थन करने का आग्रह किया। यादव ने चेतावनी दी कि यदि वे समर्थन नहीं करते हैं, तो ओबीसी महासभा न केवल उनके विरोध में खड़ी होगी, बल्कि उनका सामाजिक बहिष्कार भी करेगी। यादव बालाघाट में ओबीसी महासभा की बैठक में शामिल होने आए थे, जहां उन्होंने सदस्यता अभियान और आगामी फरवरी में होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन पर चर्चा की। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने बताया कि यूजीसी के नए नियमों का विरोध आरएसएस की लॉबी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर इन नियमों के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी की जा रही है, जिससे सामाजिक सौहार्द्र बिगड़ने की आशंका है। महासचिव ने कहा कि नियमों का विरोध करने वाली यह वही लॉबी है, जो प्रदेश में 27 प्रतिशत आरक्षण लागू नहीं होने देना चाहती। उन्होंने आरोप लगाया कि इन्हीं के लोग प्रदेश में 27 प्रतिशत आरक्षण को लेकर कोर्ट में गुमराह करने का काम कर रहे हैं। यादव ने चिंता व्यक्त की कि इन नियमों के पक्ष में देश के ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के मंत्री, सांसद और विधायक खामोश हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि नियमों के लागू होने के दो दिन बाद ही इसका विरोध क्यों शुरू हो गया। ब्रजेन्द्र यादव ने जोर दिया कि ये नियम कमजोर तबके के बच्चों को प्रवेश, छात्रावास, कक्षाओं और विश्वविद्यालयों में होने वाले भेदभाव से बचाने में सहायक साबित होंगे। उन्होंने ओबीसी के हितो के गठित ओबीसी आयोग के लोगों के पास शक्तियां ना होने पर उन्हें नमूना बताते हुए मोदी सरकार से मांग की कि दरोगा तो बना दिया लेकिन पॉवरलेस दरोगा, केवल हंसी के पात्र बन रहे है, जिन्हें हंसी के पात्र ना बनने दे और उन्हें पॉवर के साथ काम करने का अवसर दे।
यूजीसी के साथ ही उन्होंने प्रदेश में 27 प्रतिशत आरक्षण को बहाल नही किए जाने से 13 प्रतिशत पदो पर होल्ड किए गए पदों पर नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि ओबीसी मांग करती है कि हजारों युवाओ का भविष्य होल्ड पर है, जिसके लिए सरकार जल्द ही कदम उठाए। साथ ही उन्होंने देश के 2 करोड़ और प्रदेश के 5 लाख बैकलॉग पदो को भी भरे जाने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि जातिगत जनगणना में ओबीसी का अलग से कालम बनाए जाने की हमारी मांग है और यदि इस मांग को शामिल नहीं किया जाता है तो ओबीसी महासभा जनजणना ही नही होने देगी।

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