NSE के बोर्ड ने IPO के लिए अप्रूवल दिया:इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल होगा, लिस्टिंग प्रोसेस के लिए कमेटी भी बनाई

NSE के बोर्ड ने IPO के लिए अप्रूवल दिया:इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल होगा, लिस्टिंग प्रोसेस के लिए कमेटी भी बनाई

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बोर्ड ने लंबे इंतजार के बाद IPO के लिए अप्रूवल दे दिया है। ये IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल यानी OFS होगा, जिसमें मौजूदा शेयर होल्डर्स अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। बोर्ड ने IPO के लिए कमेटी का भी गठन किया है, जो पूरी लिस्टिंग प्रोसेस को देखेगी। SEBI से हाल ही में नो-ऑब्जेक्शन मिलने के बाद ये फैसला आया है, जो भारत के कैपिटल मार्केट के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। NSE ने कहा कि IPO पूरी तहर OFS होगा। कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी। लिस्टिंग NSE-BSE दोनों स्टॉक एक्सचेंज पर हो सकती है, लेकिन ये रेगुलेटरी अप्रूवल, मार्केट कंडीशंस और अन्य फैक्टर्स पर निर्भर रहेगा। NSE भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है, जहां ट्रेडिंग वॉल्यूम सबसे ज्यादा होता है। बोर्ड ने IPO के लिए कमेटी का गठन किया बोर्ड ने IPO कमेटी को रीकंस्टीट्यूट किया है। इस कमेटी की अध्यक्षता टेबलेश पांडे करेंगे। कमेटी मेंबर्स में पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर्स श्रीनिवास इंजेती, प्रोफेसर ममता बिस्वाल, अभिलाषा कुमारी, प्रोफेसर सिवकुमार शामिल हैं। साथ ही NSE के MD और CEO अशिश चौहान भी कमिटी में हैं। कमेटी बोर्ड द्वारा दिए गए कामों को करेगी, लिस्टिंग प्रक्रिया को डिफाइन करेगी और मर्चेंट बैंकर, लीगल एडवाइजर नियुक्त करने के क्राइटेरिया तय करेगी। ये कमिटी DRHP (ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस) तैयार करने में मदद भी करेगी। IPO के लिए 10 साल का इंतजार खत्म NSE का IPO करीब एक दशक से पेंडिंग था। हाल ही में SEBI से नो-ऑब्जेक्शन मिला, जिसके बाद बोर्ड ने ये फैसला लिया। पहले भी कोशिशें हुई थीं, लेकिन रेगुलेटरी क्लियरेंस नहीं मिल पाया था। अब NSE लिस्टेड कंपनी बनेगी, जो उसके लिए नया चैप्टर होगा। ग्रे मार्केट में NSE की वैल्यूएशन 5 लाख करोड़ एनालिस्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट में NSE की वैल्यूएशन 5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है। NSE के करीब 1.77 लाख शेयरहोल्डर्स हैं। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि OFS में करीब 4-4.5% शेयर बेचे जा सकते हैं, जिसकी वैल्यू लगभग 23,000 करोड़ रुपए हो सकती है। बड़े शेयरहोल्डर्स जैसे LIC, SBI और टेमासेक अपनी हिस्सेदारी बेच सकते हैं। मार्च-अप्रैल तक हो सकती है DRHP फाइलिंग अब कमेटी प्रोसेस को आगे बढ़ाएगी। DRHP फाइलिंग मार्च-अप्रैल तक हो सकती है। पूरी प्रोसेस में 8-9 महीने लग सकते हैं। IPO के बाद NSE की ट्रांसपेरेंसी और गवर्नेंस में और सुधार आएगा। ये भारत के कैपिटल मार्केट इकोसिस्टम के लिए लैंडमार्क इवेंट होगा, क्योंकि NSE इक्विटी डेरिवेटिव्स में सबसे आगे है। NSE की लिस्टिंग से मार्केट में नई लिक्विडिटी आएगी। छोटे-बड़े निवेशक NSE में हिस्सेदारी ले सकेंगे। हालांकि फाइनल IPO साइज, प्राइस बैंड और टाइमलाइन मार्केट कंडीशंस पर निर्भर रहेगा। ये खबर भी पढ़ें… NSE को 10 साल बाद सेबी से IPO की मंजूरी: 1,400 करोड़ रुपए सेटलमेंट के बाद पेपर फाइल करेगी, 8-9 महीने में हो सकती है लिस्टिंग दस साल की कानूनी लड़ाई के बाद देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE को IPO लाने का क्लियरेंस मिल गया है। मार्केट रेगुलेटर सेबी ने IPO फाइल करने के लिए NOC जारी कर दी है। अब NSE आधिकारिक तौर पर मर्चेंट बैंकर और लॉ फर्म्स के साथ मिलकर अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) तैयार कर सकेगी। 8-9 महीने में NSE का IPO लॉन्च हो सकता है। पूरी खबर पढ़ें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *