खाद की कालाबाजारी पर लगेगा NSA, जानें सीएम को क्यों उठाना पड़ा यह कदम?

खाद की कालाबाजारी पर लगेगा NSA, जानें सीएम को क्यों उठाना पड़ा यह कदम?

उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को DAP, यूरिया और पोटाश समय पर तथा सही दाम पर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नकली खाद बेचने, मिलावट करने या कालाबाजारी करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे अपराधियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री कार्यालय से हर जिले में निगरानी

खाद वितरण में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री कार्यालय स्वयं हर जिले पर निगरानी रखेगा। सीएम योगी ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी की मिलीभगत या लापरवाही सामने आई तो तुरंत विजिलेंस जांच शुरू की जाएगी। किसान को खाद उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की दिक्कत हुई तो दोषी पर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।

क्यों सीएम ने उठाया यह कदम

इस बार खरीफ के सीजन में किसानों को यूरिया खाद के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। किसान आधार कार्ड लेकर लाइनों में खड़े रहे और पूरे-पूरे दिन उन्हें खाद नहीं मिल पाई। खाद न मिलने की सबसे बड़ी वजह कालाबाजारी और तस्करी बनीं। अधिकतर यूपी से लगे नेपाल बॉर्डर पर यूरिया खाद की कालाबाजारी की जाती है।

किसानों को समय से मिले खाद

सीएम योगी ने किसानों की समस्याओं को देखते हुए यह फैसला लिया, जिससे की किसानों को समय पर खाद मिले और कालाबाजारी न हो। सबसे ज्यादा खरीफ की फसल के समय किसानों को इस किल्लत का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा खाद की किल्लत तराई इलाकों में हुई।

DM, ADM और SDM खुद करेंगे निरीक्षण

सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि जिलाधिकारी (DM), अपर जिलाधिकारी (ADM) और उप जिलाधिकारी (SDM) खुद खाद की दुकानों तथा समितियों पर बिना पूर्व सूचना के निरीक्षण करें। किसानों को DAP, यूरिया और पोटाश केवल सरकारी दर पर ही उपलब्ध हो। ओवर रेटिंग किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, खाद समितियों को निर्धारित समय पर खुला रखना अनिवार्य होगा। यदि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाई गई तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि 16 दिसंबर 2025 तक प्रदेश में खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है:

  • यूरिया: 9.57 लाख मीट्रिक टन
  • DAP: 3.77 लाख मीट्रिक टन
  • पोटाश: 3.67 लाख मीट्रिक टन
  • सहकारी क्षेत्र में: यूरिया 3.79 लाख मीट्रिक टन, पोटाश 0.88 लाख मीट्रिक टन, DAP 1.47 लाख मीट्रिक टन
  • निजी क्षेत्र में: यूरिया 5.78 लाख मीट्रिक टन, पोटाश 2.79 लाख मीट्रिक टन, DAP 2.30 लाख मीट्रिक टन

54 हजार मीट्रिक टन हो रहा यूरिया का वितरण

रबी फसलों की बुवाई लगभग पूरी हो चुकी है और अब गेहूं की फसल में टॉप ड्रेसिंग के लिए यूरिया का वितरण किया जा रहा है। रोजाना करीब 54 हजार मीट्रिक टन से अधिक यूरिया का वितरण हो रहा है, जो पिछले साल से ज्यादा है। सीएम योगी ने कहा कि पिछले साल खाद पर्याप्त होने के बावजूद किसानों को भटकना पड़ा था, जो इस सरकार को किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं है। अब कृषि तथा सहकारिता मंत्री को रोजाना स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।

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