PANCHAM Chatbot Panchayati Raj: डिजिटल इंडिया के इस दौर में अब देश के गांव और पंचायतें भी पीछे नहीं रहने वाली हैं। केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने के लिए पंचम (PANCHAM) नाम का एक WhatsApp चैटबॉट लॉन्च किया है। 25 जनवरी 2026 को लॉन्च किया गया यह डिजिटल टूल, ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच की दूरी को खत्म करने के उद्देश्य से लाया गया है।
क्या है PANCHAM और क्यों है इसकी चर्चा?
केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया यह चैटबॉट पंचायतों के लिए एक डिजिटल साथी के रूप में काम करेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह किसी अलग मोबाइल एप्लीकेशन के बजाय सीधे WhatsApp पर काम करता है। चूंकि भारत में स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाला लगभग हर व्यक्ति WhatsApp चलाना जानता है, इसलिए इसे अपनाना बहुत आसान होगा।
पंचम का मुख्य उद्देश्य देश भर के 30 लाख से अधिक निर्वाचित प्रतिनिधियों और पंचायत पदाधिकारियों को सीधे केंद्र सरकार से डिजिटल रूप से जोड़ना है।
प्रतिनिधियों और आम जनता को मिलने वाले लाभ
यह चैटबॉट केवल अधिकारियों के लिए ही नहीं, बल्कि आम गांव वालों के लिए भी बड़े काम का है। नीचे दी गई टेबल से समझिए कि किसे क्या लाभ मिलेगा।
| लाभार्थी वर्ग | मुख्य सुविधाएं और लाभ |
|---|---|
| पंचायत प्रतिनिधि (सरपंच/पंच) | ई-ग्राम स्वराज डेटा, सरकारी योजनाओं से जुड़े आंकड़े और प्रशासनिक मार्गदर्शन |
| आम ग्रामीण (नागरिक) | पंचायत सेवाओं की जानकारी, प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया और सरकारी योजनाओं का स्टेटस |
| सरकारी अधिकारी | प्रमुख मंत्रालय पहलों से जुड़ी लाइव जानकारी और आंकड़ों का आसान एक्सेस |
कैसे काम करेगा यह डिजिटल सिस्टम?
पंचम चैटबॉट मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं जैसे ई-ग्राम स्वराज (e-Gram Swaraj), GPDP और LGD से संबंधित जानकारी तुरंत उपलब्ध कराएगा। यह चैटबॉट पहले से मौजूद डेटा का उपयोग करता है और उपयोगकर्ताओं को सटीक जानकारी देता है।
- यह प्रतिनिधियों के पंजीकृत मोबाइल नंबरों का उपयोग करके उन्हें लाइव अपडेट देता है।
- यह AI आधारित तो नहीं है, लेकिन इसमें फिक्स डेटा को नियमित रूप से अपडेट किया जाता है ताकि जानकारी पुरानी न हो।
- यदि किसी नागरिक को पंचायत से जुड़ा कोई प्रमाण पत्र चाहिए, तो यह चैटबॉट उसे सही प्रक्रिया बताएगा।
डिजिटल क्रांति से बदलेंगे गांव
मंत्रालय की यह पहल न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगी, बल्कि भ्रष्टाचार और बिचौलियों के खेल को भी खत्म करेगी। अब गांव वालों को एक छोटी सी जानकारी या योजना के बारे में पूछने के लिए पंचायत भवन के चक्कर नहीं काटने होंगे। उनकी पंचायत अब उनके मोबाइल में, उनके WhatsApp पर मौजूद होगी।


